हसदेव अरण्य में संघर्षरत आदिवासियों के समर्थन में यूथ यूनियन कर्राभौना के युवा उतरे सड़क पे... जल-जंगल-जमीन की लड़ाई में अपने स्तर में एक छोटा सा प्रयास... आओ लाखों पेड़ों को कटने से बचाएं.... #SAVEHASDEO#SAVETRIBALS#saveEarth@bhupeshbaghel@lalluram_cg
CGPSC का एक और नमूना देखिये, समान उत्तर में एक को आधा दूसरे को डेढ़ नंबर
जबकि कॉपी जाँचने वाले को मॉडल आंसर मिलता है
मैं बार बार कह रहा हूं
युवाओं के जज्बातों को इग्नोर करने की बजाय सरकार को संवाद करना चाहिए
क्योंकि CGPSC में बैठे अधिकारीयों के मन में कोई संवेदना नहीं है
सरकार से ही संवेदना की अपेक्षा है
'मंदिर' में दाना चुगकर चिड़ियां 'मस्जिद' में पानी पीती हैं,
मैंने सुना है 'राधा' की चुनरी, कोई 'सलमा' बेगम सीती हैं
एक 'रफ़ी' था महफ़िल महफ़िल 'रघुपति राघव' गाता था
एक 'प्रेमचंद' बच्चों को 'ईदगाह' सुनाता था
कभी 'कन्हैया' की महिमा गाता 'रसखान' सुनाई देता है
औरों को दिखते होंगे 'हिन्दू' और 'मुसलमान'
मुझे तो हर शख़्स के भीतर 'इंसान'
दिखाई देता है
क्योंकि
ना हिंदू बुरा है ना मुसलमान बुरा है
जिसका किरदार बुरा है वो इन्सान बुरा है
Swatantra Bhardwaj का साथ दे रही है दिल्ली पुलिस? एक दलित का सिर फोड़ने के बाद भी ये खुलेआम धमकी दे रहा है और दावा कर रहा है कि दिल्ली पुलिस और बीजेपी के बड़े नेता उसके साथ हैं...
@vinay_sultan
लाखों-करोड़ों मौतें होने वाली हैं - नेपाल बाढ़
तुम्हारी ज़िंदगी के सामने आज सबसे बड़ा खतरा है क्लाइमेट क्राइसिस। तुम्हारी ज़िंदगी, तुम्हारे बच्चों की ज़िंदगी।
लेकिन उन चीज़ों को छोड़ के तुम इन चक्करों में लगे हुए हो कि कौन से बाबा के यहाँ मत्था टेक दें और कौन से मंदिर में जाकर बकरे काट दें। और तुम सोच रहे हो इन चीज़ों से बाढ़ उतर जाएगी।
और जब 60 डिग्री तापमान होगा तो तुम हवन करोगे कि बारिश हो जाए। झुलस-झुलस के मरने वाले हो, पागल हो के, और जितना मरोगे उतना सोचोगे, अरे यह तो कलयुग है ना, और ज़रूर हम पिछले जन्म के पापी हैं। ज़रूर ये हमारे पिछले जन्म का कर्मफल है।
भाई, इनके गाँव के लोगों को अगर यकीन आ जाए कि इन्होंने ज़रूर कुछ कुकर्म किए थे, तभी तो बाढ़ आई, तो वो किसी और को दोष नहीं देंगे ना। फिर ना पोलटिंग कंपनीज को, ना कार्बन एमिटर्स को, ना सरकारी पॉलिसीज़ को। किसी को दोष नहीं देंगे ना। वो कहेंगे, ये तो हमारे ही पिछले जन्म के कर्म हैं, जिनके कारण बाढ़ आ गई।
दुनिया में सबसे ज़्यादा दुर्दशा क्लाइमेट चेंज करने वाला है। यहाँ लाखों-करोड़ों मौतें होने वाली हैं। ख़ासकर ग़रीबों की ज़िंदगी नर्क होने वाली है।
नेपाल त्रासदी: सच छुपाने की कोशिश क्यों?
नेपाल में त्रिशुली नदी के किनारे हुई भयावह त्रासदी को क्या सिर्फ़ “बाढ़” कहकर समझा जा सकता है? रसुवा जिले में ग्लेशियर से बर्फ और चट्टानों का विशाल हिस्सा टूटकर नदी में गिरा, जिससे नदी का प्रवाह रुका और अचानक आए तेज़ बहाव ने गांवों, पुलों, सड़कों और जल विद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुँचाया।
आचार्य जी बताते हैं कि यह केवल नेपाल की त्रासदी नहीं है। हिमालय का जल भारत की नदियों, खेती और करोड़ों लोगों के जीवन से जुड़ा है।इसलिए हिमालय में हो रहे बदलाव का असर सीमाओं से कहीं आगे तक जाता है।
आज ही गीता मिशन से जुड़ें। ⬇️
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बस्तर में बह रही यह नदी खून की वजह से नहीं, बल्कि बस्तर की लोहे की खदानों से निकलने वाली आयरन ओर ( कच्चा लोहा ) का लाल मिट्टी (वेस्ट मटेरियल ) है की वजह लाल है।
बस्तर के खदानों से निकलने वाला कच्चा लोहा ( आयरन ओर ) देश और विदेशों की फैक्ट्री में जा रहा है, पर बस्तर का वही खजाना ( आयरन ओर ) बस्तर वासियों के लिए श्राप बन चुका है। बस्तर से निकलने वाला उपयोगी आयरन ओर का पैसा देश और राज्य के विकास में लग रहा है, पर बस्तर के लोगों को मिलती है तो सिर्फ बची हुई लाल मिट्टी, जो बस्तर के आदिवासियों के लिए काल बन चुकी है। उसी हानिकारक लाल मिट्टी ( वेस्ट मटेरियल ) से बस्तर के जल-जंगल-जमीन बर्बाद हो रहे हैं। लाल मिट्टी नदी और नालों को प्रदूषित कर रहे हैं। पीने के पानी के स्रोतों को प्रदूषित कर रहे हैं। जहां-जहां यह लाल मिट्टी डाली जा रही है वहाँ की जमीन बंजर हो रही हैं। जंगलों के पेड़ सूख कर मर रहे हैं। खेती की उपजाऊ जमीन बंजर हो रही है। कई जगहों पर लाल मिट्टी का दलदल बन चुके हैं जहां फंसकर ग्रामीणों के गाय और बकरियों की मौत हो चुकी हैं। स्थिति यह है कि बस्तर के जलसों तो में या लाल मिट्टी इतनी घुल चुकी है कि उन्हें पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं हो पता है। लाल पानी पीने और लाल धूल सांस में जाने से स्थानीय ग्रामीणों में त्वचा रोग, पेट की बीमारियां, किडनी की समस्याएं और फेफड़ों के गंभीर रोग (सिलिकोसिस) तेजी से फैल रहे हैं।
स्थिति ये है कि बस्तर से निकलने वाला आयरन ओर ( कच्चा लोहा ) दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है और कच्चा लोहा निकालने के बाद जो लाल मिट्टी ( वेस्ट मटेरियल ) बच जाती है वो वापस छत्तीसगढ़ में डंप करने भेज दिया जाता है। एक पाइप से लौह अयस्क प्रेशर के साथ दूसरे राज्य भेजा जाता है, वहीं दूसरी पाइप से उसी अयस्क का वेस्ट मटेरियल वापस बैलाडीला लौटा दिया जाता है। इस वेस्ट को खपाने के लिए बस्तर लौह खदानों में काम करने वाली कंपनियों ने कई जगह बड़े-बड़े तालाब खुदवा दिए हैं, जिनमें लाल मिट्टी नुमा आयरन वेस्ट भरा गया है। यह वेस्ट अब दलदल का रूप ले चुका है। इस खराब लाल मिट्टी भी वापस छत्तीसगढ़ को भेजा जाता है जो बस्तर के जंगल को नष्ट कर रही है और हमारी कृषि की उपजाऊ जमीन को बंजर बना रही है। जो लाल मिट्टी हमारे बस्तर के जल स्रोतों को प्रदूषित कर रही, उस लाल मिट्टी के दलदल में फंसकर पशुओं की जान जा रही है। यानी मुनाफा बाहर का और नुकसान बस्तर का विनाश बस्तर का और रोजगार दूसरे राज्य के लोगों को।
बस्तर से केंद्र सरकार को सिर्फ लोहा चाहिए, बस्तर से हर साल भारत सरकार और रेलवे हजारों करोड़ रुपये कमाता है। NMDC को सबसे ज्यादा लोहा बस्तर से मिलता है, देश के आयरन और स्टील इंडस्ट्री को चलाने में बस्तर के लौह खदानों का बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन बस्तर का विकास करने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया जाता। केंद्र सरकार द्वारा हजारों करोड़ का आय देने के बाद भी बस्तर के विकास के लिए पैसा नही दिया जाता।
छत्तीसगढ़ की जनता और खासकर बस्तर के लोगों को छत्तीसगढ़ के नेताओं से यह जरूर पूछना चाहिए कि बस्तर की बर्बादी पर यहाँ के नेताओं का मुँह क्यों नहीं खुलता?
@vishnudsai@ArunSao3@vijaysharmacg@bhupeshbaghel@TS_SinghDeo@INCChhattisgarh@DrCharandas@DeepakBaijINC@BJP4CGState@KedarKashyapBJP@KiranDeoBJP@drramansingh@brijmohan_ag@nmdclimited@CmdNmdc@thelens_in
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के परिसर में पीएम मोदी के कटआउट की पूजा की गई
◆ तस्वीरें प्रसारित होने के बाद पत्रकारों के संगठन ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उसने इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया था और बुकिंग की शर्तों का उल्लंघन होने पर इसे रुकवा दिया था
#Modi | #NarendraModi | Press Club of India | Narendra Modi | PM Modi
विनाश छत्तीसगढ़ का, रोजगार दूसरे राज्य के लोगों को।
चाहे NMDC हो, SECL हो, NTPC हो,या छत्तीसगढ़ की सीमेंट सीमेंट फैक्ट्रियां हो, इन सभी जगहों पर छत्तीसगढ़ के लोगों कोई रोजगार देने के बजाय, बाहर के लोगों को काम पर रखा जाता है। छत्तीसगढ़ के लोगों को रोजगार में पहली प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाती?
यह सवाल सरकार और छत्तीसगढ़ के नेताओं से छत्तीसगढ़ के सभी लोगों को पूछना चाहिए कि कोयला खदान, लोहा खदान, सीमेंट फैक्ट्री हमारे यहाँ का और रोजगार बाहर के लोगों को क्यों दिया जाता है ?
क्या छत्तीसगढ़ देश के लिए सिर्फ एक डंपिंग यार्ड ( कचरा फेंकने की जगह ) बन चुका है?
यहाँ से निकलने वाला आयरन ओर ( कच्चा लोहा ) दूसरे राज्यों में ले जाया जाता है और कच्चा लोहा निकालने के बाद जो वेस्ट मटेरियल ( लाल मिट्टी ) बच जाती है वो वापस छत्तीसगढ़ में डंप करने भेज दिया जाता है। एक पाइप से लौह अयस्क प्रेशर के साथ दूसरे राज्य भेजा जाता है, वहीं दूसरी पाइप से उसी अयस्क का वेस्ट वापस बैलाडीला लौटा दिया जाता है। यानी मुनाफा बाहर, प्रदूषण बस्तर में।
इस वेस्ट को खपाने के लिए बस्तर लौह खदानों में काम करने वाली कंपनियों ने कई जगह बड़े-बड़े तालाब खुदवा दिए हैं, जिनमें लाल मिट्टी नुमा आयरन वेस्ट भरा गया है। यह वेस्ट अब दलदल का रूप ले चुका है। इस खराब लाल मिट्टी भी वापस छत्तीसगढ़ को भेजा जाता है जो बस्तर के जंगल को नष्ट कर रही है और हमारी कृषि की उपजाऊ जमीन को बंजर बना रही है। जो लाल मिट्टी हमारे बस्तर के जल स्रोतों को प्रदूषित कर रही, उस लाल मिट्टी के दलदल में फंसकर पशुओं की जान जा रही है।
कुल मिलाकर हमारे छत्तीसगढ़ का जंगल, जल, जंगल,जमीन नष्ट और बर्बाद हो रहे हैं और रोजगार बाहर के लोगों को मिल रहा है।
@vishnudsai@ArunSao3@vijaysharmacg@bhupeshbaghel@TS_SinghDeo@INCChhattisgarh@DrCharandas@DeepakBaijINC@BJP4CGState@KedarKashyapBJP@KiranDeoBJP
The students are at top priority, educationally n security-wise, so they need not worry and have their parents worried for them. The Honorable Prime Minister has tweeted, and I am sure that he will take strict action against all those people who are responsible for this leak. So students, plz go back to your parents n homes.
Sonam, it's done, bro. Don't extend this. Keep the spirit for another day if there be a need, which I doubt, n eat something. If u want, will send u food from home.
It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
स्कूलों में टीचर से कहा जाता है कि आप बच्चों पर छड़ी नहीं चला सकते। उन्हीं बच्चों पर पुलिस लाठी चला रही थी। शहर देख रहा था। बच्चों के माँ बाप और उनके व्हाट्स एप अंकिल चुपचाप देख रहे थे। पेपर लीक करने वाले आज पार्टी मना रहे होंगे। मनाओ तुम लोग। अभी धर्म का मुद्दा खोजा जा रहा होगा ताकी गोदी ऐंकर धर्म रक्षक बन कर चिल्लाने आ जाएँ। जनता को पता है गोदी मालिक, गोदी ऐंकर, गोदी संपादक अपने पेशे के धर्म की रक्षा कभी कर ही नहीं सकते।अख़बारों की हेडलाइन कैसे मैनेज होगी? लिख कर दे दिया गया है या ख़ुद से लिख लेंगे?
कल छात्रों के साथ जो हुआ...
उस पर चुप रहना मुश्किल है।
आज कुछ सवाल हैं...
और ये सवाल सिर्फ छात्रों के नहीं, हर उस माँ-बाप के हैं जिनके बच्चे मेहनत करके अपना भविष्य बना रहे हैं।
मेरी पूरी बात एक बार ज़रूर सुनियेगा। 🙏
Pained to see visuals of violent attacks against young peaceful protesters, who have genuine valid concerns. The education system, particularly the testing system is broken. Come down heavily on fixing that, not on the protestors. Please find a better way. #indiasGenZrocks