भगवत भक्त उत्कंठित हो, भ्रातृता ,समता बढ़ती जाए।
धरिणी समृद्धि विभूषित रहे,
अनाचार सब मिट जाए।।
विविध वर्ण संयोजन से,
मानव की छटा निराली हो।
द्वेष-भाव विस्मृत हो मन से,
प्रेम प्रवाहित निशदिन हो।।
आप सभी को सपरिवार आपसी सौहार्द के प्रतीक रंगोत्सव होली की हार्दिक शुभकामनाएं ।