मंदिरों के लिए बजट मिल जाता है।
किलो के जीर्णोद्धार के लिए फंड आ जाता है।
विदेश यात्राओं पर करोड़ों खर्च हो जाते हैं
लेकिन सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों के लिए कभी बजट नहीं आता! क्यों?
भाईयों गोरे(#अंग्रेज)कभी भी 2 लाख से ज्यादा India मे नही रहे लेकिन 20 crore हिन्दुस्तानी पे हुकूमत करी आपस मे divide-&rule policy से
आज भी वही है 135 crore population वाला मुल्क आपस मे लडा़या जा रहा है एक बडी policy के तहत जिसका हम indians को होश भी नही। @LambaAlka@sakshijoshii