◆नास्तिक
◆बॉर्न टू रूल बट वेरी वेरी बैड लक गाइज़💔
◆हम वो करते हैं जो हमें पसंद हो फिर चाहे वो अच्छा हो या बुरा
◆लिखना ✍️ शौक है हमारा और लिखे हुये को पढना आदत
खुद अपने ही हाथों अपना जहाँ लुटाकर
अब चलते हैं हम दर बदर होकर
हर बार यही गलती हुई हमसे
उम्मीदें इंसान से कर बैठे खुदा मानकर
जब किस्मत ही हार गई वक़्त की आँधीयों से
हम करते भी क्या उसकी दुआ माँगकर
लिखने बैठे हैं आज बिन लफ्जों के हम
जरा दे दो खामोशी से अल्फ़ाज़ माँगकर