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Delhi Police and journalists are asking this man, “Who are you, brother? Where have you come from? What do you do?” And the man simply keeps smiling.
This is Jean Drèze, a Belgian-born Indian economist and social scientist who has dedicated his life to the rights of the poor and marginalized. He played a significant role in shaping and strengthening landmark initiatives such as MGNREGA and the Right to Information (RTI) Act. He has also made important contributions to the development of policies and welfare schemes aimed at improving the lives of the underprivileged.
What an irony! A man whose work has helped shape policies affecting millions of poor Indians is now being asked, “Who are you, and where have you come from?”
That is both the beauty and the irony of this country!
#PolKhol
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनावों के ताजा परिणाम केवल परिसर की सियासत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की वैचारिक प्रयोगशाला का एक ऐसा जीवंत दस्तावेज हैं, जो मुख्यधारा की राष्ट्रीय राजनीति की अंतर्धाराओं और युवा मनोविज्ञान की गहरी परतों को बेनकाब करता है।
एक ओर जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपने दीर्घकालिक कैडर-आधारित तंत्र, अनुशासित सांगठनिक विन्यास और राष्ट्रवाद के सुदृढ़ आख्यान के बल पर केंद्रीय पैनल में अपना निर्णायक वर्चस्व स्थापित किया है, वहीं कांग्रेस समर्थित NSUI का अकाट्य पराभव और शून्य पर सिमट जाना उसके सांगठनिक अवसाद, हाईकमान संस्कृति की विफलता और जमीनी हकीकत से गहरे कटाव का स्पष्ट प्रमाण है।
दूसरी ओर, इस चुनाव का सबसे बौद्धिक और विद्रोही पहलू Gen Z मतदाता का वह व्यावहारिक मिजाज रहा, जिसने एक तरफ मुख्यधारा की सांगठनिक व्यवस्था को पूरी तरह नकारा नहीं, तो दूसरी ओर उपाध्यक्ष पद पर बागी निर्दलीय उम्मीदवार की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर यह रेखांकित कर दिया कि आज का युवा आलाकमान के थोपे गए समीकरणों से मुक्त होकर मुखर नेतृत्व, व्यक्तिगत करिश्मा और संघर्षशील तेवर को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानता है।
यह जनादेश राजनीतिक दलों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अब कैंपस की राजनीति केवल सतही नारों और दलीय बैसाखियों से नहीं, बल्कि वैचारिक प्रासंगिकता, पारदर्शी संवाद और जमीनी सरोकारों के संतुलन से ही तय होगी।
ये वीडियो लक्ष्मणगढ़ का है, जहां सभापति के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। एक-एक वोट के लिए किस तरह जोर लगाया जा रहा है, आप खुद वीडियो में देखिए।
वीडियो में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला नजर आ रही हैं, जो लगातार अपनी बात रखती हुई दिखाई दे रही हैं।