The Chameli Devi Jain and Red Ink Journalist of the Year awardee, also Editor-in-chief of a platform that has consistently spoken for marginalised segments and on women’s issues, joins the Laadli Media Awards 2026 jury. @dhanyarajendran#LaadliMediaAwards#LMAAGS
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महोदय, मेरे पत्नी माधुरी द्वारा अखबार टाइटिल किसान कनेक्शन के पंजीकरण हेतु आवेदन किया गया है। जिसका LIU सत्यापन LIU ऑफिस पर पिछले कई दिनों से पेंडिंग रखा गया है। कृपया संज्ञान लेने का कष्ट करे
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सेवा में
माननीय मुख्यमंत्री जी
उत्तर प्रदेश सरकार
लखनऊ
विषय एक ही मीटर संख्या पर दो अलग अलग विद्युत कनेक्शन दर्ज कर 18758 रुपये का अनधिकृत विद्युत बिल लगाए जाने की उच्चस्तरीय जांच एवं विवादित कनेक्शन निरस्त करने के संबंध में।
महोदय
सविनय निवेदन है कि मैं माधुरी पाण्डेय विद्युत उपभोक्ता हूं। मेरे द्वारा विद्युत विभाग से केवल एक वैध विद्युत कनेक्शन खाता संख्या 0598 084 130 लिया गया है, जिसका मीटर संख्या 1705028 है। इस कनेक्शन के विद्युत बिलों का भुगतान मेरे द्वारा नियमित रूप से किया जाता है।
किन्तु अत्यंत गंभीर तथ्य सामने आया है कि उसी मीटर संख्या 1705028 पर विभागीय अभिलेखों में दूसरा विद्युत कनेक्शन खाता संख्या 9069 756 761 भी दर्ज है, जबकि मेरे द्वारा ऐसा कोई दूसरा कनेक्शन न तो लिया गया है और न ही उसके लिए कोई आवेदन किया गया है।
नियमित कनेक्शन 0598 084 130 के 08 सितम्बर 2026 के बिल में मीटर संख्या 1705028, बिल अवधि 02 अगस्त 2026 से 08 सितम्बर 2026 तथा 56 यूनिट खपत दर्ज है और देय राशि 381 रुपये है।
दूसरे खाते 9069 756 761 के 09 सितम्बर 2026 के बिल में उसी मीटर संख्या 1705028 पर बिल अवधि 06 मार्च 2025 से 09 सितम्बर 2026 तक 3640 यूनिट खपत तथा 18758 रुपये की देय राशि दर्शाई गई है।
दोनों खातों की कनेक्शन तिथि भी अलग है। खाता संख्या 0598 084 130 की कनेक्शन तिथि 28 जनवरी 2025 तथा खाता संख्या 9069 756 761 की कनेक्शन तिथि 06 मार्च 2025 दर्ज है। दूसरे खाते के मीटर रीडिंग विवरण में 06 मार्च 2025 की रीडिंग 0 तथा 09 सितम्बर 2026 की रीडिंग 3640 है। वहीं वास्तविक नियमित कनेक्शन के बिल में इसी मीटर संख्या की 02 अगस्त 2026 की रीडिंग 3333 तथा 08 सितम्बर 2026 की रीडिंग 3389 दर्ज है।
इस प्रकार एक ही भौतिक मीटर संख्या को दो अलग अलग विद्युत खातों से जोड़कर अलग अवधि और अलग खपत के आधार पर बिलिंग की गई है। प्रथम दृष्टया यह विभागीय अभिलेखों में गंभीर त्रुटि, अनधिकृत कनेक्शन की प्रविष्टि अथवा किसी स्तर पर हुई अनियमितता का मामला प्रतीत होता है।
अतः माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि
खाता संख्या 9069 756 761 की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
दोनों कनेक्शनों से संबंधित आवेदन पत्र, KYC, स्वीकृति, मीटर स्थापना रिपोर्ट, मीटर रीडिंग तथा बिलिंग इतिहास की जांच कराई जाए।
यदि खाता संख्या 9069 756 761 मेरे द्वारा नहीं लिया गया है तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए तथा उस पर दर्शाई गई 18758 रुपये की देनदारी मेरे नाम या मेरे वैध कनेक्शन से हटाई जाए।
मेरे वैध कनेक्शन 0598 084 130 को विवादित खाते की किसी भी बकाया राशि से न जोड़ा जाए।
यह जांच की जाए कि एक ही मीटर संख्या 1705028 पर दूसरा खाता किस आवेदन और दस्तावेज के आधार पर तथा किस अधिकारी या कर्मचारी की स्वीकृति से बनाया गया।
जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच की लिखित रिपोर्ट उपलब्ध कराते हुए भविष्य में विवादित खाते की किसी भी देनदारी के लिए मुझे जिम्मेदार न ठहराया जाए।
महोदय, एक ही मीटर संख्या पर दो अलग अलग विद्युत कनेक्शन दर्ज होना गंभीर विषय है। अतः केवल बिल संशोधन न कर पूरे प्रकरण की जांच कर रिकॉर्ड में दूसरा कनेक्शन दर्ज किए जाने की प्रक्रिया और जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
अतः अनुरोध है कि मेरे वैध कनेक्शन 0598 084 130 को सुरक्षित रखते हुए विवादित कनेक्शन 9069 756 761 को जांचोपरांत तत्काल निरस्त कराने तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश प्रदान करने की कृपा करें।
संलग्नक
विद्युत बिल खाता संख्या 0598 084 130, मीटर संख्या 1705028
विद्युत बिल खाता संख्या 9069 756 761, मीटर संख्या 1705028
भवदीया
माधुरी पाण्डेय
उपभोक्ता खाता संख्या 0598 084 130
मीटर संख्या 1705028
दिनांक 10 सितम्बर 2026
दूध खरीदने से पहले सिर्फ एक सवाल पूछिए—“आपकी गाय-भैंस कहाँ हैं?”
आजकल शहरों के नुक्कड़, चौराहों और कॉलोनियों में ड्रमों में दूध बेचते लोग आसानी से दिखाई दे जाते हैं। कहीं बाकायदा दूध और दूध से बने उत्पादों की दुकान सजी है, तो कहीं कुर्सी, स्टूल और मेज लगाकर खुलेआम दूध की बिक्री हो रही है। स्टील और प्लास्टिक के बर्तन लेकर लोग लाइन में खड़े दिखाई देते हैं। आखिर इतनी भीड़ का कारण क्या है? लोग यही समझकर इनसे दूध खरीदने आते हैं कि सामने वाला खुद पशुपालक होगा, उसके पास अपनी गाय-भैंस होंगी और वह पशुओं से निकला शुद्ध दूध बेच रहा होगा।
कभी आपने सोचा है कि जो लोग रोज सैकड़ों लीटर दूध बेच रहे हैं, उनके पास आखिर कितने दुधारू पशु हैं? पशु कहाँ हैं, पशुशाला कहाँ है और जिस दूध को वह शुद्ध बता रहे हैं, वह आखिर आता कहाँ से है?
इसलिए अगली बार ऐसे किसी दूध विक्रेता से अचानक सिर्फ इतना कहिए—“भाई साहब, अपनी डेयरी और पशुशाला दिखा दीजिए। हमें भी देखना है कि जिस दूध को आप बेच रहे हैं, वह निकलता कहाँ से है।”
अगर कोई खुद को पशुपालक बताकर रोज सैकड़ों लीटर दूध बेच रहा है, तो उसके पास उस दूध के स्रोत का स्पष्ट और विश्वसनीय जवाब होना चाहिए। कुछ लोग खुद को पशुपालक बताते हैं, लेकिन जब उनके पशुओं और पशुशाला की बात आती है तो कहानी बदल जाती है। दूध बेचने के लिए सैकड़ों लीटर दूध मौजूद है, लेकिन दूध पैदा करने वाले पशु दिखाई नहीं देते।
क्या यह वास्तव में पशुओं से निकला दूध है या मिलावटी अथवा कृत्रिम तरीके से तैयार किया गया कोई ऐसा पदार्थ है, जिसे दूध के नाम पर लोगों को बेचा जा रहा है?
यह सवाल इसलिए भी गंभीर है क्योंकि मामला सिर्फ दूध खरीदने-बेचने तक सीमित नहीं है। यह सीधे लोगों की सेहत और उनके परिवार की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
इसलिए आज से एक आदत डालिए—दूध खरीदिए, लेकिन उसके स्रोत के बारे में सवाल जरूर पूछिए। अगर किसी दूध विक्रेता की गुणवत्ता या उसके दूध के स्रोत पर संदेह है, तो चुप मत रहिए। जिम्मेदारी के साथ उसकी जांच कराइए और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग में शिकायत कीजिए।
क्योंकि अगर कोई पशुपालक है तो उसकी पशुशाला होनी चाहिए, पशु होने चाहिए और उसके पास अपने दूध के स्रोत का जवाब भी होना चाहिए। और अगर वह पशुशाला दिखाने से बचता है, दूध के स्रोत की जानकारी नहीं देता या उसकी कही बात और जमीन पर दिखाई देने वाली सच्चाई में फर्क मिलता है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
सवाल सिर्फ एक गिलास दूध का नहीं है। सवाल आपके परिवार की जिंदगी का है। सवाल उन लोगों को बेनकाब करने का है जो मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खेलने का दुस्साहस करते हैं।
@PuVVNLHQ@UPGovt@UPPCLLKO@PUVVNLBASTICZE
बस्ती शहर से सटे होटल द आशा के सामने लगे ट्रांसफार्मर से मिश्रौलिया गांव में होने वाली सप्लाई पिछले 15 दिनों से अत्यंत अनियमित ढंग से की जा रही है। पिछले 15 दिन से सायं 7 से 8 बजे बिजली कटौती की जाती है और पूरे रात बिजली सप्लाई बंद रखी जाती है। करीब 12 घंटे बिजली बाधित रखने के बाद हर रोज सुबह 7:30 बजे बिजली आती है और फिर पूरे दिन आँख मिचौली का खेल चलता है। यह सप्लाई गिदही पावर हाउस ग्रामीण होती है।
कृपया सुनिश्चित करें कि अनियमित सप्लाई हो। और दोषियों पर कार्यवाही हो।
आज कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भी पूरा एरिया अंधेरे में डूबा है।
@dmbas_@myogioffice@myogiadityanath
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बस्ती शहर से सटे होटल द आशा के सामने लगे ट्रांसफार्मर से मिश्रौलिया गांव में होने वाली सप्लाई पिछले 15 दिनों से अत्यंत अनियमित ढंग से की जा रही है। पिछले 15 दिन से सायं 7 से 8 बजे बिजली कटौती की जाती है और पूरे रात बिजली सप्लाई बंद रखी जाती है। करीब 12 घंटे बिजली बाधित रखने के बाद हर रोज सुबह 7:30 बजे बिजली आती है और फिर पूरे दिन आँख मिचौली का खेल चलता है। यह सप्लाई गिदही पावर हाउस ग्रामीण होती है।
कृपया सुनिश्चित करें कि अनियमित सप्लाई हो। और दोषियों पर कार्यवाही हो।
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कृषि एवं ग्रामीण पत्रकारिता प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर कृषि और गाँवों में आ रहे बदलाव की कहानियो प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर. जल्दी करें सीटें सीमित है----
पंजीकरण लिंक-https://t.co/SanrBD3hvo
📅 प्रशिक्षण: 27–29 सितम्बर 2026
🏠 ठहरने की व्यवस्था: 26 सितम्बर दोपहर से 29 सितम्बर सुबह तक
🍽️ भोजन: 26 सितम्बर सायं से 29 सितम्बर दोपहर तक
📍 प्रशिक्षण स्थल:
सहभागी शिक्षण केंद्र, छठा मील, सीतापुर रोड, पुलिस फायर स्टेशन के पीछे, लखनऊ।
✨ प्रशिक्षण में शामिल: ठहरने की व्यवस्था, नाश्ता एवं भोजन, पाठ्य सामग्री, व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र- (प्रशिक्षण शुल्क का भुगतान आवश्यक है)
👩🌾👨🌾 महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर।
सीटें सीमित हैं! मौका पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर है। इसलिए देर न करें और अपना स्थान जल्द सुनिश्चित करें।
Google Map: "प्रशिक्षण स्थल तक पहुंचने का मार्ग" (https://reference-url-citation.invalid/1)
गांव की कहानी, किसान की आवाज़ और कृषि की सच्चाई को दुनिया तक पहुंचाने के इस अभियान में आपका हार्दिक स्वागत है।
🚨 SCAM ALERT
⚠️ सोशल मीडिया पर एक फर्जी विज्ञापन साझा किया जा रहा है, जिसमें झूठा दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ₹5,000 की स्वतंत्रता दिवस नकद सहायता दे रहे हैं और उपयोगकर्ताओं से उनके बैंक खाते का विवरण मांगा जा रहा है।
#PIBFactCheck:
❌ यह विज्ञापन #फर्जी है।
✅ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी किसी स्वतंत्रता दिवस नकद सहायता योजना का समर्थन नहीं किया है।
माननीय @myogiadityanath@myogioffice जी विद्युत सेवाओं को बिजली विभाग ने मजाक बना कर रख दिया है। X हैंडल पर केवल मैसेज मैसेज खेलते है। JE और SDO को कोई मतलब ही नहीं है सेवाओं से। जिला प्रशासन भी एसी में तान कर सो रहा है। जनता को लो वोल्टेज के चलते पंखे का भी सुख नसीब नहीं है। आये दिन मुझे शिकायत करना पड़ता है ।कई कई बार शिकायत के बाद 24 से 48 घंटे में मरम्मत होती है। अभी सावन माह चल रहा है। हर दिन भद्रेश्वर नाथ में भीड़ रहती है।यह एरिया एक माह तो बिजली की नियमित आपूर्ति में शामिल कर दिया होता। मिश्रौलिया में होटल आशा के सामने लगे ट्रांसफार्मर से कल शाम से ही लो वोल्टेज के चलते भीषण गर्मी से परेशान है। पीने के पानी तक की किल्लत हो गई है। पानी के चलते लोग संडास नहीं जा पा रहे है।
कृपया सम्बंधित क्षेत्र के लाइनमैन सहित संबंधित कर्मचारी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही भी करें।
@UPPCLLKO@PuVVNLHQ@PUVVNLBASTICZE@dmbas_@maheshshuklabjp
माननीय @myogiadityanath@myogioffice जी विद्युत सेवाओं को बिजली विभाग ने मजाक बना कर रख दिया है। X हैंडल पर केवल मैसेज मैसेज खेलते है। JE और SDO को कोई मतलब ही नहीं है सेवाओं से। जिला प्रशासन भी एसी में तान कर सो रहा है। जनता को लो वोल्टेज के चलते पंखे का भी सुख नसीब नहीं है। आये दिन मुझे शिकायत करना पड़ता है ।कई कई बार शिकायत के बाद 24 से 48 घंटे में मरम्मत होती है। अभी सावन माह चल रहा है। हर दिन भद्रेश्वर नाथ में भीड़ रहती है। मिश्रौलिया में होटल आशा के सामने लगे ट्रांसफार्मर से कल शाम से ही लो वोल्टेज के चलते भीषण गर्मी से परेशान है। पीने के पानी तक की किल्लत हो गई है। पानी के चलते लोग संडास नहीं जा पा रहे है।
कृपया सम्बंधित क्षेत्र के लाइनमैन सहित संबंधित कर्मचारी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही भी करें।
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कावड़िया खत्म होते ही बिजली विभाग का रुलाना शुरू हो गया। आज मिश्रौलिया होटल आशा के सामने स्थित सामने स्थित ट्रांसफार्मर से पूरी रात लो बोल्टेज के चलते पूरी रात जाग कर बिताना पड़ रहा है। हे भोले नाथ बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी इसी तरह से गर्मी का एहसास हो ऐसा कुछ कीजिए।
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