संविधान के प्रति आस्था, संवाद में विश्वास और जनहित का संकल्प लेकर चलने वाले, सामाजिक न्याय के योद्धा श्री राहुल गांधी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
@RahulGandhi
🇮🇳 देश की गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है!
यदि कोई विदेशी शक्ति भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ करती है और POK को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाने का दुस्साहस करती है, तो यह केवल एक मानचित्र की गलती नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय अस्मिता का अपमान है।
आज देश जानना चाहता है कि ऐसे मामलों पर भारत सरकार की स्पष्ट और कड़ी प्रतिक्रिया कब आएगी?
जो लोग "My Friend Donald Trump" का गुणगान करते नहीं थकते थे, वे आज इस मुद्दे पर मौन क्यों हैं?
भारत की एक-एक इंच भूमि पर देशवासियों का अधिकार और सम्मान जुड़ा हुआ है। इस पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जय हिंद! 🇮🇳
— बृजेश कुमार प्रजापति
राष्ट्रीय अध्यक्ष - संविधान रक्षक सेना राष्ट्र एकता मिशन
एवं पूर्व विधायक
#highlightseveryone #viralreels #संविधान_रक्षक_सेना #highlight #viralreelschallenge #indian #bharat #highlights
🎉 हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 🎉
संविधान रक्षक सेना के प्रदेश सह-संयोजक श्री रुपेश प्रजापति जी को पुत्र रत्न की प्राप्ति होने पर उनके निवास पर पहुंचकर उन्हें एवं उनके परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
तथागत बुद्ध जी से प्रार्थना है कि नवजात शिशु को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य प्रदान करें तथा परिवार में सदैव खुशियां बनी रहें।
💐💐 शुभकामनाएं! 💐💐
— बृजेश कुमार प्रजापति
राष्ट्रीय अध्यक्ष, संविधान रक्षक सेना
एवं पूर्व विधायक ✊🏻
🚨 भारतीयों की जान गई, लेकिन सत्ता खामोश है! 🚨
ओमान की खाड़ी में जहाज़ पर हुए अमेरिकी हमले में भारतीय नागरिकों की मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हर भारतीय का दिल पीड़ा और आक्रोश से भरा हुआ है।
लेकिन सवाल यह है कि जब भारतीयों का खून बह रहा है, तब देश की सरकार की आवाज़ क्यों नहीं सुनाई दे रही?
जो लोग दुनिया भर में अपनी दोस्ती के किस्से सुनाते नहीं थकते थे, जो बार-बार कहते थे "My Friend Donald Trump", आज वही भारतीय नागरिकों की मौत पर मौन क्यों हैं?
क्या भारतीयों की जान की कीमत सिर्फ चुनावी भाषणों तक सीमित है?
देश जानना चाहता है—
🔸 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर सरकार का स्पष्ट रुख क्या है?
🔸 अमेरिका से जवाब क्यों नहीं मांगा जा रहा?
🔸 मृतकों के परिवारों को न्याय कब मिलेगा?
56 इंच के सीने का दावा करने वालों से देश आज सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है—
जब भारतीयों की जान पर बन आई है, तब आपकी आवाज़ कहाँ है?
भारत किसी भी देश से छोटा नहीं है। भारतीय नागरिकों का सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है। सरकार को तुरंत इस मामले में कठोर एवं स्पष्ट कदम उठाने चाहिए।
शहीद भारतीय नागरिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएँ।
जय हिन्द जय भारत
बृजेश कुमार प्रजापति
राष्ट्रीय अध्यक्ष - संविधान रक्षक सेना
एवं पूर्व विधायक
#IndianLivesMatter #JusticeForIndians #ConstitutionRakshakSena #BrijeshKumarPrajapati #IndiaFirst #VoiceOfPeople :::
🚨 सीधा सवाल! 🚨
जब कोई नागरिक वाहन खरीदते समय "वन टाइम रोड टैक्स" जमा करता है, तो फिर देश की सड़कों पर चलने के लिए अलग से टोल टैक्स क्यों देना पड़ता है?
क्या सड़क निर्माण और रखरखाव के नाम पर पहले से वसूला गया रोड टैक्स पर्याप्त नहीं है?
यदि टोल टैक्स लेना आवश्यक है, तो फिर "वन टाइम रोड टैक्स" का औचित्य क्या है?
देश का आम नागरिक जानना चाहता है कि आखिर एक ही सड़क के लिए उससे बार-बार टैक्स क्यों लिया जा रहा है?
🔹 वाहन खरीदते समय रोड टैक्स
🔹 पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स
🔹 और फिर हर कुछ किलोमीटर पर टोल टैक्स
क्या यह जनता पर दोहरी-तिहरी आर्थिक मार नहीं है?
सरकार और संबंधित विभागों को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए, ताकि जनता को समझ आ सके कि उसके द्वारा दिए गए टैक्स का उपयोग आखिर किस प्रकार किया जा रहा है।
जनता के पैसे का हिसाब जनता को मिलना चाहिए।
✍️ बृजेश कुमार प्रजापति
राष्ट्रीय अध्यक्ष - संविधान रक्षक सेना
एवं पूर्व विधायक
#सीधा_सवाल #टोलटैक्स #RoadTax #जनता_जवाब_मांगती_है #संविधान_रक्षक_सेना #BrajeshKumarPrajapati #TaxJustice #जनहित_का_मुद्दा
#53वीं_सूची जारी! सभी साथियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
पदाधिकारियों की घोषणा की निरंतर प्रक्रिया में 53वीं सूची आज जारी हुआ, जो आप सभी के परिश्रम, निष्ठा और संगठन के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है। यह इस बात का संकेत है कि हमारा संगठन निरंतर विस्तार के साथ-साथ वैचारिक दृढ़ता की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
आप सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से हमें पूर्ण विश्वास है कि आप संविधान की सर्वोच्चता, लोकतांत्रिक मूल्यों की गरिमा और सामाजिक न्याय के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
आप सभी प्रत्येक प्रयास न केवल संगठन को सशक्त करेगा, बल्कि समाज के वंचित और अधिकारों से वंचित वर्गों की आवाज़ को भी मजबूती देगा। यह जिम्मेदारी एक विचार और मिशन का प्रतिनिधित्व है। आप सभी अपने कार्यों, आचरण और नेतृत्व से संगठन की पहचान को और ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।
आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनायें।
“#OBC की आबादी, 100 में 60”
“60% OBC को 60% #आरक्षण”
यही है सामाजिक न्याय।
“पूरा अधिकार,
पूरी भागीदारी”
अब हर वर्ग की बराबर हिस्सेदारी।
हक मांगने से नहीं,
संघर्ष से मिलता है।
“जागो OBC, जागो”
अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करो और आगे बढ़ो।
#ओबीसी_महासभा #संविधान_रक्षक_सेना #सामाजिक_न्याय #उत्तरप्रदेश #ओबीसी #reservations #prajapati_attitude
#51वीं_सूची जारी! सभी साथियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
पदाधिकारियों की घोषणा की निरंतर प्रक्रिया में 51वीं सूची आज जारी हुआ, जो आप सभी के परिश्रम, निष्ठा और संगठन के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है। यह इस बात का संकेत है कि हमारा संगठन निरंतर विस्तार के साथ-साथ वैचारिक दृढ़ता की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
आप सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से हमें पूर्ण विश्वास है कि आप संविधान की सर्वोच्चता, लोकतांत्रिक मूल्यों की गरिमा और सामाजिक न्याय के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
आप सभी प्रत्येक प्रयास न केवल संगठन को सशक्त करेगा, बल्कि समाज के वंचित और अधिकारों से वंचित वर्गों की आवाज़ को भी मजबूती देगा। यह जिम्मेदारी एक विचार और मिशन का प्रतिनिधित्व है। आप सभी अपने कार्यों, आचरण और नेतृत्व से संगठन की पहचान को और ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।
आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनायें।
🌹 हार्दिक आभार 🌹
संविधान रक्षक सेना की राष्ट्रीय कमेटी द्वारा मुझे सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर मैं आप सभी सम्मानित पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
आप सभी ने मुझ पर जो विश्वास और जिम्मेदारी सौंपी है, उसे मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लेता हूँ।
संविधान की रक्षा,
सामाजिक न्याय की आवाज़,
और जनहित के संघर्ष को और मजबूत बनाने के लिए मैं सदैव प्रतिबद्ध रहूँगा।
"यह पद सम्मान नहीं, बल्कि संविधान और समाज के प्रति मेरी जिम्मेदारी है।"
आप सभी का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।
🙏 सभी का हृदय से धन्यवाद एवं आभार 🙏
🇮🇳 जय भीम | जय भारत | जय संविधान |🇮🇳
बृजेश कुमार प्रजापति
राष्ट्रीय अध्यक्ष - संविधान रक्षक सेना
एवं पूर्व विधायक
पूर्व विधायक माननीय बृजेश कुमार प्रजापति जी को सम्विधान रक्षक सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आपके नेतृत्व में संगठन निश्चित ही देश में संविधान के मूल्यों—समानता, न्याय और स्वतंत्रता—की रक्षा और मजबूती के लिए नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।
आपका यह दायित्व समाज के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रतीक है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके मार्गदर्शन में संगठन निरंतर प्रगति करेगा और जन-जन तक संविधान की चेतना को सशक्त बनाएगा।
एक बार पुनः आपको इस गौरवपूर्ण दायित्व के लिए ढेरों शुभकामनाएं।
@brajeshkmpraja
60% OBC, 60% हक — पूरा अधिकार, पूरी भागीदारी!
EWS में 1% कटौती की हिम्मत किसी में नहीं,
लेकिन OBC के हकों में लगातार कटौती जारी है।
अगर अब भी OBC चुप रहा,
तो बचा हुआ हक भी छिन जाएगा।
हक मांगने से नहीं, संघर्ष से मिलता है।
#OBC#SocialJustice
“मोदी जी, आप कहें तो नार्वे की सभी चीजों का बहिष्कार करना हम लोग शुरू कर दें।
बस एक बार नार्वे की उन चीजों की सूची जारी करवा दीजिए जो भारत में बिकती हो..
बाकी टीवी डिबेट में देशभक्ति और सोशल मीडिया पर बहिष्कार हम संभाल लेंगे!”
जय भीम जय भारत जय संविधान
#सवाल_पूछना_गुनाह_नहीं
विश्व के सभी देशों को तुरंत यह कदम उठाना चाहिए कि भारतीयों की नागरिकता रद्द कर उन्हें भारत वापस क्यों न भेज दिया जाए। क्या जापान ने बिल्कुल सही और साहसिक निर्णय नहीं लिया है। जो लोग सत्तर साल की आजादी के बाद भी अपने देश को जापान जैसा विकसित नहीं बना सके, बल्कि उसे बांग्लादेश से भी नीचे रसातल की गहराइयों में धकेलते चले गए, ऐसे लोगों को जापान में रहने का तो क्या, दुनिया के किसी भी देश में घूमने का भी कोई अधिकार नहीं मिलना चाहिए।
जब तक भारतवासी अपने देश को सुरक्षित, समृद्ध और सम्मानजनक नहीं बना लेते, तब तक विश्व के सभी देशों को इनके प्रवास पर पूरी तरह रोक लगा देनी चाहिए। ताकि उन्हें अपनी मातृभूमि को सुधारने और सँवारने की चिंता सताए, न कि विदेशों में आश्रय ढूंढने की।
इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई परिवार तीस साल से जापान में बसा हुआ है। जब भारत में भारतीयों के गिरते चरित्र, मूल्यो की चिंता किसी को नहीं सताती, तो तीस साल नहीं, तीन हजार साल भी गुजर जाएँ तो भी उन्हें निकाल बाहर करना ही चाहिए। जापान का यह निर्णय अत्यंत उचित और प्रेरणादायक है। हम इसका पुरजोर समर्थन करते हैं और समस्त प्रवासियों से हार्दिक अपील करते हैं कि अब अपनी मातृभूमि की सुधि लें, उसे सँवारें और विश्व में सिर ऊँचा करके जीने का अधिकार हासिल करें।
✍️ Manoj Manav की कलम से...
क्या आम भारतीय नमक और प्याज चाटकर देशभक्ति साबित करें- ✍️ Manoj Manav
एक तरफ करोड़ों-करोड़ों आम भारतीयों को नमक और प्याज चाटकर जीवन-यापन के लिए विवश करने और दूसरी ऒर अपने पूँजीपति मित्रों को सत्ता के संरक्षण में एक हज़ार करोड़ की ड्रेस पहनकर मेटगाला के रैम्प पर राष्ट्र-प्रचार करने की आजादी देना, यह कैसा राष्ट्रवाद और देशभक्ति है, एक ही देश में दो भारत कैसे, कृपया प्रधानमंत्री सभी भारतीयों को बतायें?
अभी प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से अपील किया सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीज़ल कम जलाओ, खाने का तेल घटाओ, विदेश मत जाओ और यह त्याग करो। पहले यही त्याग इनके मित्रों को करनी चाहिए आखिर वे भी तो राष्ट्रभक्ति और देशभक्ति दिखाए, फिर किसी से उम्मीद करें।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 में समानता का अधिकार देता है, अनुच्छेद 38-39 में राज्य को आर्थिक-सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और संपत्ति के उत्पादन व वितरण को आम जनहित में नियंत्रित करने का निर्देश देता है। फिर भी, जब सत्ता-समर्थित अरबपतियों का भव्य प्रदर्शन 'सॉफ्ट पावर' और 'देश का गौरव' बताकर वाहवाही की जाती है, उसी वक्त आम आदमी से त्याग की अपील की जाती है, तो क्या यह संवैधानिक नैतिकता का घोर मज़ाक नहीं है?
पहले इन 'मित्रों' से अपेक्षा की जाए कि वे अनुच्छेद 39(c) के अनुसार संपत्ति का वितरण कैसे सुनिश्चित कर रहे हैं, अपनी भव्यता पर अंकुश लगाएँ, फिर आम नागरिक से 'कम खरीदो-त्याग करो' का उपदेश दिया जाए। अन्यथा, यह 'कुछ लोगों के लिए मेटगाला और हीरे-जवाहरात, बाकियों के लिए नमक-प्याज और त्याग' देश में यह नया सामंती मॉडल नहीं चलेगा, जो संविधान की मूल भावना के प्रतिकूल है।
मनोज मानव की कलम से...
जब दलितों और पिछड़ों का घर आग की लपटों में जल रहा था, तब वे कौन लोग थे जो आग बुझाने के बजाय उसमें घी डाल रहे थे- ✍️ Manoj Manav
उत्तर प्रदेश में कुर्सी की तड़प में रात-दिन बेचैन रहने वाले ऎसे विपक्षी दल के नेता, जो एक ओर समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्राध्यक्ष अखिलेश यादव को पानी पी-पीकर कोसते नहीं थकते, वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव जहाँ भी कदम रखते हैं, उनके साथ मुलाकात करने वाले निर्दोष नागरिकों को तत्काल डिमोशन का शिकार बनाया जाता है, चाय की दुकान चलाने वाले गरीब मजदूरों को खुलेआम धमकियाँ दी जाती हैं और उनके दुकानों को उजाड़ने की साजिश रची जाती है।
इन जघन्य घटनाओं पर द्वेष और दमन की राजनीति करने वाली सत्ता के विरुद्ध इन विपक्षी दलों की ओर से एक शब्द भी नहीं निकलता। यह चुप्पी स्वयं साबित करती है कि ये तथाकथित विपक्षी नेता पहले ही सत्ता से गुप्त गठबंधन कर चुके हैं और सरकार के इशारे पर काम रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता इन नेताओं के कपटपूर्ण चरित्र को भलीभाँति देख रही है। समय आने पर वह इनसे हिसाब अवश्य लेगी कि जब दलितों और पिछड़ों का घर आग की लपटों में जल रहा था, तब कौन लोग थे, जो आग बुझाने के बजाय उसमें घी डाल रहे थे, सिर्फ इसलिए कि उनकी कुर्सी की आग बुझ न जाए। जनता इनके इस स्वार्थी और धोखेबाज खेल को समझ रही है और समय आने पर जवाब देगी।
✍️ मनोज मानव की कलम से...
@yadavakhilesh@mediacellsp@samajwadiparty