फ्रेंड्स, नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में फर्क देखिए 👇
आज NEET पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार सुनवाई थी।
लेकिन पहली ही सुनवाई में CBI के वकील नहीं पहुंचे और इस वजह से सुनवाई टल गई। अब 3 अगस्त को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।
यही नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की असलियत है, जहां 'रीलबाजी' तो खूब हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय देने में ये रत्ती भर भी गंभीर नहीं हैं।
फ्रेंड्स, नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में फर्क देखिए 👇
आज NEET पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार सुनवाई थी।
लेकिन पहली ही सुनवाई में CBI के वकील नहीं पहुंचे और इस वजह से सुनवाई टल गई। अब 3 अगस्त को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।
यही नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की असलियत है, जहां 'रीलबाजी' तो खूब हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय देने में ये रत्ती भर भी गंभीर नहीं हैं।
फ्रेंड्स, नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में फर्क देखिए 👇
आज NEET पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार सुनवाई थी।
लेकिन पहली ही सुनवाई में CBI के वकील नहीं पहुंचे और इस वजह से सुनवाई टल गई। अब 3 अगस्त को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।
यही नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की असलियत है, जहां 'रीलबाजी' तो खूब हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय देने में ये रत्ती भर भी गंभीर नहीं हैं।
फ्रेंड्स, नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में फर्क देखिए 👇
आज NEET पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार सुनवाई थी।
लेकिन पहली ही सुनवाई में CBI के वकील नहीं पहुंचे और इस वजह से सुनवाई टल गई। अब 3 अगस्त को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।
यही नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की असलियत है, जहां 'रीलबाजी' तो खूब हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय देने में ये रत्ती भर भी गंभीर नहीं हैं।
फ्रेंड्स, नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में फर्क देखिए 👇
आज NEET पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार सुनवाई थी।
लेकिन पहली ही सुनवाई में CBI के वकील नहीं पहुंचे और इस वजह से सुनवाई टल गई। अब 3 अगस्त को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।
यही नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की असलियत है, जहां 'रीलबाजी' तो खूब हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय देने में ये रत्ती भर भी गंभीर नहीं हैं।
NEET पेपर लीक केस
फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन ही सुनवाई टल गई, क्योंकि CBI के वकील नहीं आए थे. अब अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.
ये है फास्ट ट्रैक कोर्ट का हाल, जिसे मोदी सरकार अपनी जीत बता रही है.