गांधी जी और शास्त्री जी की जयंती पर एक बार फिर से सत्य, अहिंसा और सादगी का संकल्प दोहराना है और देश को घृणा-वैमनस्य के वातावरण से स्वतंत्र कराने के लिए ‘नये स्वतंत्रता आंदोलन’ को सफल बनाना है।
आज भी किसी का वर्चस्ववाद किसी औपनिवेशिक शक्ति से कम उत्पीड़नवादी नहीं है। आज भी कुछ लोग अपनी साम्राज्यवादी सोच के कारण जनता को कुछ भी नहीं समझ रहे हैं। आज भी ‘करो या मरो’ के वो हालात पैदा हो चुके हैं जो हम सबसे ‘लोकतांत्रिक आज़ादी’ को एकाकी सोचवाली निरंकुशवादी ताकतों से बचाने के लिए तथा हर ‘दुखी, पीड़ित, अपमानित’ की रक्षा के लिए एक ‘नये स्वतंत्रता आंदोलन’ की अपेक्षा कर रहे हैं, जिससे शहीदों की शहादत का मान-सम्मान बचा रहे।
जय संविधान-जय हिंदुस्तान!!!
"समाजवादी पार्टी ने पूर्व में भी किसानों के पक्ष में फैसले लिए थे, बहुत सी बातें मैनिफेस्टो में भी आएंगी। जब बड़े बड़े उद्योगपतियों का कर्ज माफ हो सकता है तो हमारे किसानों को क्यों राहत नहीं मिल सकती।"
• माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
"ये खूबसूरत देश है जिसके पास शानदार लोकतंत्र का इतिहास है, संविधान है, इसको बचाने के लिए हम सब लोगों को एक साथ आना चाहिए।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
"मैं सभी स्वतंत्रता सेनानियों का बहुत बहुत धन्यवाद देता हूं, आभार प्रकट करता हूं। उनके महत्वपूर्ण सुझावों को सरकार बनने पर अमल किया जाएगा, जिस समय सरकार बनेगी तो उनकी सम्मान राशि को 51 हजार रुपए महीना करने का काम करेंगे।"
• माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी