यूपी, हापुड़
दुर्गाष्टमी पर पुलिसकर्मियों ने पुलिस स्टेशन मे कन्या पूजन किया!
इससे न भावना आहत हुई, न कोई अधिकारी सस्पेंड हुआ!
वहीं मेरठ मे पुलिस स्टेशन मे पूजा-अर्चना के बाद शाम को जब इफ्तार पार्टी हुई तो वहां के दारोगा को सस्पेंड कर दिया गया था!
हरियाणा भिवानी के ढाणी माहू में 2 मुस्लिम परिवार के मकानों को कुछ लोगों द्वारा आग के हवाले कर दिया गया, मकान के सामान बाहर फेंक दिए गए। लोकल ख़बरों के मुताबिक व्यक्ति पर लव जिहाद का आरोप था। हालांकि पुलिस प्रशासन ने कारण स्पष्ट नहीं कि है। बताया जा रहा कि इस मामले में इससे पहले गाँव में पंचायत भी हुई थी। पुलिस आरोपियों कि तलाश कर रही है।
@nehafolksinger इस बाबा जी को सिर्फ चुनाव के लिए ही तैयार किया गया है. जहां-जहां चुनाव होगा. वहां चुनाव से ठीक पहले इनकी कथा करवाई जाएगी.
फिर उस राज्य को भगवा-ए-हिंद घोषित करके चुनावी मुद्दा सेट किया जाएगा. जिस पर भाजपा चुनाव लड़ेगी.
यह लोग धार्मिक यात्रा पर है??
मुस्लिम परिवार कहीं जा रहे थे,
गाड़ी कावड़ियों को हल्का सा टच कर गई!
फिर क्या, पागल भीड़ ने गाड़ी को पूरी तरह तोड़ दिया!
और मुस्लिम परिवार को सड़क पर पीटा!
हद हो गई है!
सरकार की खुली छूट है इन गुंडों को!
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जब अल्लू अर्जुन जैसे फिल्मी अभिनेता पर भीड़ के कारण एक महिला की मौत पर FIR दर्ज हो सकती है, तो बागेश्वर धाम में टिन शेड गिरने से हुई मौत पर धीरेंद्र शास्त्री पर FIR क्यों नहीं? क्या धर्म के नाम पर इंसानों की जान की कीमत खत्म हो गई है? क्या एक साधु होने का मतलब यह है कि वह कानून से ऊपर है? क्या धार्मिक आयोजनों में मौत होने पर आयोजक की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती? कानून अगर धर्म और चमकते चोले देखकर झुकने लगे तो फिर संविधान की किताब को जलाकर मंदिरों में रख देना चाहिए! धार्मिक कार्यक्रमों में भीड़ बुलाकर जान जोखिम में डालने वाले आयोजक कब तक ‘भगवा छवि’ के नाम पर बचते रहेंगे? क्या अब देश में इंसाफ धर्म देखकर मिलेगा या गुनाह देखकर?
@DrMohanYadav51@DGP_MP@digvijaya_28
नालों की सफाई हाथ से कराई जाती है लेकिन देशभर में वोट EVM मशीन से डाला जाता है.
जहाँ मशीनों की जरूरत है वहाँ रस्सी और बाल्टी देते हैं और जहाँ काग़ज़ मुहर और बैलेट बॉक्स देना चाहिए वहाँ EVM से चुनाव कराया जाता है.
ऐसे में ताज़ी ख़बर ये है कि चुनाव आयोग बिहार चुनाव में ऐप से वोटिंग कराना चाहता है. मोबाइल ऐप की शुरुआत भी की जा रही है जिसकी मदद से बिहार के लोग बिना वोटिंग सेंटर पर गए भी वोट डाल सकेंगे.
EVM क्या कम था जो अब ऐप भी लाँच करेंगे? पूरी दुनिया के देश मूर्ख हैं क्या जो अभी भी बैलेट पेपर से वोट करवाते हैं? और आप बड़के आधुनिक हो गए हैं जो मशीन और ऐप से चुनाव करायेंगे?
सुन के बड़ा hifi लग रहा होगा न कि अरे ग़ज़ब…अपना बिहार भी अब भौकाली बन गया है…घर बैठे वोट करेंगे…एकदम बिगबॉस की तरह…एकदम ड्रीम इलेवन वाला फील मिलने वाला है…है न!
बिहार के मतदाताओं…कान खोल कर सुन लीजिए…आप लोग अगर इस चमक-दमक के चक्कर में पड़े…और मोबाइल से वोट डालने की हिमाकत किए…तो वही हाल होगा जो लाटरी जीतने के नाम पर आपके तमाम साथियों का हुआ है…फ्रॉड…समझे न!
जितनी ठगी आजकल मोबाइल से हो रही है उतनी और किसी चीज से नहीं…अब तक खाते से रुपया कटता रहा है, लेकिन अब वोट भी ठग लिया जाएगा…
अगर आप लोग चार रोटी कमाने के चक्कर में दिल्ली-बंबई और सूरत पहुँच जाते हैं तो क्या अपना भाग्य बदलने के लिए मतदान केंद्र तक भी नहीं जा सकते? किसी के बहकावे में मत आइएगा…चुपचाप वोटिंग सेंटर पहुंचकर अपना वोट अपने हाथ से डालकर आइएगा.
ज़्यादा ऐप और मोबाइल फोकासी के चक्कर में पड़े तो वोट भी हैक कर लिए जाएगा और आप हाथ मलते रह जाएँगे.
और ये जो चुनाव आयोग है, उसे बिहार की साक्षरता दर के आंकड़े मालूम नहीं हैं क्या? …61 % साक्षरता दर वाले प्रदेश में ऐप से वोटिंग करवाने का मतलब समझते हैं? ये सीधा-सीधा लोकतंत्र पर डकैती की व्यवस्था बनाई जा रही है.
ये मोबाइल ऐप से घर बैठे ऑनलाइन वोटिंग करवायेंगे? देश की जनता को मूर्ख समझा है क्या? कोई सवाल नहीं पूछ रहा इसका मतलब ये मत समझिए कि लोग समझ नहीं रहे हैं. लोग सरकार की बदमाशी खूब समझ रहे हैं.
जब तक देशभर के नालों की सफाई मशीनों और रोबोट से नहीं शुरू होगी, सफाईकर्मियों के ज़हरीली गैसों और नालों में डूबकर मरने की ख़बरें आना बंद नहीं होंगी, तब तक इस देश में ईवीएम से वोटिंग हराम है.
अस्पतालों के बाहर बच्चियाँ एम्बुलेंस में दम तोड़ रही हैं, लोग जानवरों की तरह ट्रेनों में भरकर पलायन कर रहे हैं, नौकरी मांगने वाले युवाओं को पटना की सड़कों पर पीटा जा रहा है, ज़हरीली शराब पीकर लोग दम तोड़ रहे हैं और अपराध के नए रिकॉर्ड बनाये जा रहे हैं…लेकिन सरकार जनता की आँख में सिंदूर झोंकना चाहती है.
अब जब जनता के पास हिसाब किताब का मौक़ा आया है…अब जब जनता के हाथ में सरकार की कॉपी आई है तो फेल होने से बचने के लिए जनता को ऑनलाइन वोटिंग और मोबाइल वोटिंग का लॉलीपॉप दे रहे हैं?
इस बार बिहार के मतदाताओं को जितनी सतर्कता से वोट देना है, उतनी ही पैनी नज़र बिहार में पत्रकारिता करने आ रहे नोएडा के पत्रकारों पर भी रखनी है.
तमाम पत्रकार सरकार का नमक चाट कर पत्रकारिता करने बिहार आयेंगे…उन्हें नजरअंदाज नहीं करना है. पटना के भाजपाई पत्रकारों से भी सतर्क रहना है.
ध्यान से समझ लीजिए और सतर्क हो जाइए…इस चुनाव से आपके पाँच साल का भविष्य ही नहीं, आपकी अगली पीढ़ियों का भाग्य भी तय होगा.
बिहार में चुनाव करीब आ चुका है और दिल्ली वालों के हेलीकॉप्टर भी आपके सिर पर मंडराने लगे हैं…इन हेलीकॉप्टर्स को आप चुनावी गिद्धों से कम मत समझिएगा.
ये आपका वोट छीनने और ठगने आए हैं. हेलीकॉप्टर की धूल आँखों में मत जाने दीजिएगा…अचंभित मत होइएगा…ये आपके ही खून पसीने की कमाई है जो आसमान में उड़ रही है…इसमें आपकी मेहनत का पेट्रोल जल रहा है.
मोदीजी बिहार में रैली पे रैली किए जा रहे हैं…अब तक पाँच चक्कर लगा चुके हैं…जितना खर्चा इनकी रैलियों पे हुआ है उतने में बिहार के लोगों को एक बड़ा अस्पताल मिल सकता था…लेकिन किसे पड़ी है जो ये सब बताए?
खैर, मैं और ज़्यादा बोलूँगी तो चार चाटुकार और सरकारी गवैये आकर “बिहार में सब बा” का गीत गाने लगेंगे…तो फ़िलहाल चलती हूँ…जुड़े रहिएगा.
#BiharElections2025 #BiharPolitics
#biharelection2025 #BiharNews
@JaikyYadav16 4 ट्रिलियन वालो थोड़ा इन पर ध्यान दो
ये कोई सोमालिया देश के नहीं है बल्कि
भारत के ही जिसको आप वोट लेते समय
भगवान् बोला जाता है
जनता जनार्दन फला फला फला फला..
2014 से पहले भारत को सांप-सपेरों का देश माना जाता था – CM रेखा गुप्ता
मैडम रेखा गुप्ता, फिर NASA में बैठे भारतीय कौन थे?
ISRO, IT, IIT, IIM क्या 2014 के बाद पैदा हुए?
लगता है CM बनने के बाद भी आपका दिमाग Fake WhatsApp यूनिवर्सिटी में अटका पड़ा है।
#NarendraModi#Delhi#CM
जिस कानून में यह कहा गया हो कि 'बाबरी मस्जिद' में मूर्तियां गैर-कानूनी तरीके से रखी गई थी, और बाद में वहीं मस्जिद उन्हीं को दे दिया जाए जो मूर्तियां रखने वाले थे, तब संविधान कहा था?: सरदार दया सिंह ने उठाए गंभीर सवाल.
#BreakingNews#BabriMasjid#India
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अमेरिका यह कोई पहली बार नहीं कर रहा है, उसका यह सब करने का एक लंबा इतिहास रहा है,
सद्दाम हुसैन ने इराक को हर तरीके से मज़बूत किया था, उसने इराक़ को रेवोल्यूशनाइज किया था मगर फिर एक
अमेरिका उठता है और कहता है कि
इराक़ के पास Weapons Of Mass Destruction हैं, और इसी आशंका पर इराक़ को अमेरिका सहित कई पश्चिमी देश अटैक कर देते हैं,
इराक़ तबाह हो जाता है, सद्दाम हुसैन मारा जाता है, इराक़ आजतक भी बेहाल है और सबसे हैरानी की बात यह है कि
इराक़ के पास जो Weapons Of Mass Destruction बताए गए थे वो इराक़ के पास थे ही नहीं।
अगर 'मुग़ल सल्तनत' का इतिहास ख़त्म कर दिया जाए तो 'सिख' इतिहास भी ख़त्म हो जाएगा, सिखों का इतिहास मुग़ल सल्तनत के साथ जुड़ा है, आठवें गुरु हरकिशन साहब के अंतिम संस्कार के लिए औरंगज़ेब ने ही जगह दी थी: सरदार दया सिंह
#Mughal#India#Sikh#News#BJP
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