यूपी की निकम्मी पुलिस, अब दुखी मां व पिता को उसकी बेटियों के मृत शरीर को देने से मना करने के साथ-साथ धमका भी रही है।
योगी जी अपनी पुलिस को कहिये यह गुं��ागर्दी बन्द करे। इनका रौब बस गरीबों पर दिखता है। BJP वालों के सामने यही अफसर 'जी सर- जी सर' करने लगते हैं।
ये तस्वीर #मरकज_सकाफ़तुस_सुन्नियह केरल की है, जहां 25 छात्रों ने वकालत की डिग्री हासिल की
खास बात ये है कि ये #वकील के साथ साथ #आलिम भी है
इससे पहले 2018 मे इसी संस्थान से फारिग 11आलिम #वकीलो ने केरल हाईकोर्ट मे अपने कैरियर की शुरूआत भी कर चुके है
#भारत_की_पहचान_म���रसा
"फैला है और फैलेगा इस्लाम मदरसो से"
वजू के लोटे कुछ कुरआन और टूटी हुई चटाई
जिसे देखना है वो आकर देखे ये सच्चाई
फैला है और फैलेगा इस्लाम मदरसो से
मत जोड़ो आतंकवाद का नाम मदरसो से
कोई इल्ज़ाम मदरसो से कोई इल्ज़ाम मदरसे से!
@ShayarImran#भारत_की_पहचान_मदरसा@WasiuddinSiddi1
मदरसों से "शैख़-उल-हिन्द" और "फ़ज़्ल-ए-हक़ खैराबादी" जैसे अपने मुल्क की ख़ातिर खुद को क़ुर्बान कर देने वाले बहादुर निकलते हैं
सावरकर और आतंकी गोड़से जैसे गद्दार नही संघियों के पुर्खों का इतिहास तो आप जानते ही हैं?बताइये क्यों ना हो इन्हें मदरसों से तकलीफ?
#भारत_की_पहचान_मदरसा
मैंने खुद भी शुरुआती तालीम “मदरसे” से हासिल की है। मुझे सच बोलना, हक़ पर चलना, मज़लूमों की मदद करना, ज़ालिम की मुख़ालिफ़त करना और हर मुश्किल हालात में सब्र करना “मदरसे” के उस्ताद ने सिखाया है…
#भारत_की_पहचान_मदरसा@AshrafFem@WasiuddinSiddi1@The_anuradhaa
कभी अजान से परेशानी कभी नमाज़ से परेशानी कभी दाढ़ी/टोपी से परेशानी, कभी मस्जिद और मदरसों से परेशानी। साहब हमारे मजहब में इन सब चीजों से सिर्फ शैतान को परेशानी होती है, आप इंसान हैं इंसान रहिए, हमारी तरह हर मज़ाहिब के लोगों का सम्मान करना सीखिए
#भारत_की_पहचान_मदरसा@AmitShahOffice
@SonuSood sir please help I am in lots of trouble I just need one job sir please help me mai kuch b karne ko tayyar bus mje job chahiye sir bahut bure haal h
@SonuSood dear sir
Corona pandemic ki wajah se mujhe job par nh bulaya jarha h I just need your help for my job or kuch nh agar Nagpur me kuch ho skta ho to sir please
शायद अंग्रेजी में अहंकार हो !!!!
तभी तो जब #निर्मला_सीतारमण अंग्रेजी में #प्रेस_कॉंफ्रेंस में बोलती है कि उनकी सरकार ने "शहरी बेघर को तीन वक्त का खाना खिलाया"
तो वो बताने से ज्यादा .... "जताना" सा लगा
मंदिरों की इस भीड़ पर किसी चैनल में चीख -पुकार मची?
किसी ने शोर मचाया कि पीएम के लॉक डाउन क��� ऐसे मखौल क्यों उड़ाया गया ?
सत्ताधारी नेताओं और चार पंडितों को बि��ाकर किसी चीख चीखकर हड़काया ?
उन्हें तो 'शिकार' सिर्फ अपने एजेंडे के मुताबिक खोजना है .
कट्टरता कूट कूटकर भरी है उनमें