प्रतापगढ़ से होकर गुज़रने वाली राजधानी 20503/20504 का प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव ना होने के कारण दिल्ली आने वाले यात्रियों को परेशानी होती है, कई साल से जनपदवासी लगातार ठहराव की मॉंग करते रहे हैं, आज देश की संसद में इस मुद्दे को स्पेशल मेंशन के ज़रिये उठाया।
उम्मीद है जल्द ही प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर राजधानी ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित होगा।
इलाहाबाद चकिया में अली अहमद और उमर अहमद की एक झलक पाने के लिए पूरा इलाहाबाद उमड़ पड़ा है।
मरहूम अबान की मिट्टी में लाखों की भीड़। अल्लाह मरहूम को जन्नत नसीब फरमाए।
अगर महिलाएं अपनी मर्ज़ी से इस्लाम अपनाती हैं और अपनी पसंद से शादी करती हैं, तो कोई भी इसमें दखल नहीं दे सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
#AllahabadHighcourt#Muslim#Women
कॉकरोच जनता पार्टी के स्थापक अभिजीत दीपके के पिताजी को नोटिस दिया गया है
उनसे सवाल पूछे गए है कि महज 65000 कि नौकरी में उन्होंने बेटे अभिजीत को विदेश पढ़ने कैसे भेजा था
इसके जवाब में अभिजीत ने वीडियो रिलीज़ कर के बताया है कि वो अपने एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप के कागजात दिखाने को तैयार है
लेकिन उन्होंने सवाल किया है कि क्या मोदीजी अपनी डिग्री दिखाएंगे?
वैसे सवाल तो यह भी है कि भीख मांग कर खाने वाले साहेब जी खुद विदेश घूमने कैसे गए थे?
उनकी फंडिंग किसने की थी?
जिस जमाने में अमीर लोगों के लिए भी विदेश घूमना एक सपना होता था
तब साहेब जी फूल सूट बूट में विदेश कैसे घूम रहे थे?
बहुत अच्छी बात...
मुरादाबाद पुलिस ने कांवड़ रूट पर गश्त करने के लिए अपनी एक गाड़ी को कांवड़ वाहन जैसा रूप दे दिया है
जब गश्ती वाहन को ही कांवड़ वाहन का रूप दिया जा सकता है, तो फिर इस रूट पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को भी कांवड़ियों जैसी वेशभूषा पहनाकर तैनात कर दीजिए।
आखिर संदेश पूरी तरह एक जैसा दिखना चाहिए।
शुकला साहब का लड़का UPSC की तैयारी कर रहा है.
पांडेय साहब का लड़का JEE एडवांस की तैयारी कर रहा है.
मिश्रा साहब का लड़का NEET-UG की तैयारी कर रहा है.
उपाध्याय साहब का लड़का CAT की तैयारी कर रहा है.
नेता, मंत्री, सांसद और ब्यूरोक्रेट्स के बच्चे विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.
फिर ये सड़क पर उत्पात मचाने वाले लोग कयुन हैं ?
सरकार इनकी सुविधा के लिए रास्ता बनाती है, गुलाब के फूल बरसाती है फिर भी इनकी हिंसा को रोकने का इक़बाल नहीं रखती। समाजसेवी संगठन भी इंतज़ाम करते हैं। कैंप लगाते हैं। तब भी ये लोग हिंसा करने से बाज़ नहीं आते। कहने का मतलब है कि ये लोग राज्य और समाज दोनों से शिकायत नहीं कर सकते कि किसी ने परवाह नहीं की, फिर इनके भीतर इतनी हिंसा क्यों भरी है।
हर साल का यही हाल है। इन लोगों का फेस रिकॉग्निशन से रिकॉर्ड नहीं निकाला जाता है? पुलिस क्यों नहीं इनके घर चली जाती है? कम से कम इन सभी को एक गाइड लाइन पकड़ा देती कि कोई दिक्कत हो तो रास्ते भर पुलिस खड़ी है। आप पुलिस को बुलाइये। ख़ुद से मारपीट और तोड़ फोड़ मत कीजिए। कुछ तो काउंसलिंग करनी चाहिए और फिर कार्रवाई भी। कब तक स्टेट एक्शन नहीं लेगा और ये लोग हिंसा करते रहेंगे। इन्हें ये सब करने के लिए आप जेन ज़ी को दोष नहीं दे सकते। कई जेनरेशन से हो रहा है।
• सांसद पप्पू यादव पर चाकू से हमला करवाते हैं
• सांसद अभिषेक बैनर्जी पर जानलेवा हमला हुआ
• सांसद महुआ मोइत्रा के घर के बाहर गुंडे भेजे
• संसद में भड़वा-कटुआ जैसी गालियां दी गई
और ये लोग संस्कार और सभ्य समाज की बात करते हैं
यह तो एकदम सिनेमा जैसा है 🍿
गौरव भाटिया — जब अखिलेश यादव CM थे, तब गुंडों की सरकार थी।
राजकुमार भाटी — उस समय आप समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता थे और अखिलेश यादव की तारीफ़ करते थे। 🔥😂
भाई ने कुछ ही सेकंड में उसकी बोलती बंद कर दी...
हिंदुओं से अनुशासन सीख लीजिए, मुजफ्फरनगर के मीनाक्षी चौक पर कांवड़ियों द्वारा रोड ब्लॉक करके डांस किया जा रहा है, योगी जी कहते हैं "मुसलमानों को हिंदुओं से अनुशासन सीखने की आवश्यकता है, सड़कें चलने के लिए होती न कि चौराहे ब्लॉक करके तमाशा करने के लिए।"