“टूटी बाँसुरी में स्वर फूँक देन एक कला है”
प्रिय @msisodia सर,
आज 5 जनवरी 2026 को जब सूरज की पहली किरणें दिल्ली की ठंडी हवाओं में घुल रही हैं, मैं आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं भेज रहा हूं। यह दिन न केवल आपके जीवन की एक और मील का पत्थर है, बल्कि उस प्रकाश का उत्सव है जो आपने लाखों जीवन में फैलाया है।
आज अपनी कलम से यह खत लिख रहा हूं, आप बोलते हैं, तो आपकी आवाज एक नदी की तरह बहती है – शांत लेकिन शक्तिशाली, जो हर श्रोता के दिल में प्रेरणा के बीज बो देती है। आपकी आंखों में वह चमक, जो संघर्ष की आग से जली हुई है, मुझे हमेशा मुग्ध कर जाती है, आज, आपके जन्मदिन पर, मैं आपके जीवन को एक प्रेम नगर के रूप में चित्रित करना चाहता हूं – एक ऐसा नगर जहां हर गली प्रेम से भरी है, हर दीवार संघर्ष की ईंटों से बनी है, और हर छत शिक्षा के आकाश से ढकी है। बिम्बों और प्रतीकों के माध्यम से, सूक्ष्मता से, मैं आपके जीवन की यात्रा को उकेरने का प्रयास करूंगा, ताकि आप पढ़ें तो मुग्ध हो जाएं, और महसूस करें कि आपका जीवन कितना असाधारण है।
आपका जीवन प्रेम नगर से शुरू होता है – वह छोटा सा गांव हापुड़ में, जहां आप 5 जनवरी 1972 को जन्मे। कल्पना कीजिए, प्रेम नगर एक ऐसा बागीचा है जहां आपके पिता, एक सार्वजनिक स्कूल के शिक्षक, बीज थे। वे बीज जो ज्ञान की मिट्टी में रोपे गए, और आप उस बीज से निकले एक वृक्ष बने, जिसकी जड़ें गांव की सरकारी स्कूल की मिट्टी में गहरी धंसी हुई थीं। वह स्कूल एक प्रतीक था – सादगी का, जहां किताबें पुरानी थीं, लेकिन सपने नए। आपने हिंदी साहित्य पढ़ा, फिर पत्रकारिता का डिप्लोमा लिया, जैसे एक नदी जो पहाड़ से निकलकर मैदानों में बहती है, ज्ञान की धारा को फैलाती हुई। लेकिन प्रेम नगर की असली सुंदरता तब उभरी जब आप पत्रकार बने – ऑल इंडिया रेडियो और जी न्यूज में। आपकी कलम एक तलवार थी, जो अन्याय के अंधेरे को चीरती थी। वह समय एक लालटेन का बिम्ब था – अंधेरे में जलती हुई, जो RTI (सूचना का अधिकार) आंदोलन की रोशनी फैला रही थी। आपने जन लोकपाल आंदोलन में हिस्सा लिया, जहां आप एक पुल बने – आम आदमी और न्याय के बीच। प्रेम नगर की दीवारें तब मजबूत हुईं जब आपने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई, जैसे एक योद्धा जो तूफान में खड़ा रहता है, अपनी ढाल से दूसरों को बचाता हुआ।
फिर, 2012 में, जब आम आदमी पार्टी (AAP) का जन्म हुआ, आप उसके संस्थापक सदस्य बने। यह प्रेम नगर का विस्तार था – एक छोटे गांव से निकलकर दिल्ली की विशाल नगरी तक। आप दिल्ली के पटपड़गंज से विधायक चुने गए, और फिर उप-मुख्यमंत्री बने। लेकिन सर, आपके जीवन का सबसे चमकदार प्रतीक है शिक्षा का क्षेत्र। आपने दिल्ली के सरकारी स्कूलों को एक जादुई बगीचे में बदल दिया। कल्पना कीजिए, पहले वे स्कूल सूखे रेगिस्तान जैसे थे – टूटे-फूटे, जहां बच्चे सपनों से वंचित थे। लेकिन आप आए, जैसे एक माली जो बारिश लाता है। आपने 'हैप्पीनेस करिकुलम' शुरू किया, जहां बच्चे न केवल पढ़ते हैं, बल्कि खुशी सीखते हैं – जैसे फूल जो सूरज की रोशनी में खिलते हैं। मिशन बुनियाद, एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम, और टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम – ये सब आपके हाथों से निकले मोती हैं, जो लाखों बच्चों के जीवन में चमक रहे हैं। आपने प्राइवेट स्कूलों से बेहतर सुविधाएं दीं – स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स ग्राउंड – जैसे एक राजा जो अपने प्रजा के लिए महल बनाता है। आपके शिक्षा सुधार एक पुल के प्रतीक हैं, जो गरीबी की खाई को पार कर अमीरी के द्वार तक ले जाते हैं। मैंने इलाहाबाद के मंच पर, जिसे मैंने ख़ुद होस्ट किया था, आपको बोलते सुना, जब आप कहते थे कि शिक्षा हथियार है, जो अन्याय को तोड़ती है। वह पल मेरे लिए एक दीपक था, जो मेरे अंदर की अंधेरी गलियों को रोशन कर गया। आपके कामों की प्रशंसा करते हुए, मैं कहूंगा कि आपने दिल्ली को शिक्षा का प्रेम नगर बना दिया – जहां हर बच्चा राजकुमार या राजकुमारी जैसा महसूस करता है।
लेकिन सर, जीवन प्रेम नगर है, तो संघर्ष उसके कंटीले रास्ते। आपका संघर्ष एक महाकाव्य है – सूक्ष्मता से उकेरा जाए तो। 2011 के जन लोकपाल आंदोलन में, जब आप अन्ना हजारे के साथ खड़े थे, तो वह समय एक तूफानी समुद्र का बिम्ब था। लहरें ऊंची थीं, लेकिन आप डटे रहे, जैसे एक मजबूत जहाज। फिर, राजनीति में आने के बाद, विरोधियों की साजिशें – आरोप, जांचें। सबसे बड़ा संघर्ष 2023 में आया, जब शराब नीति मामले में आपको गिरफ्तार किया गया। वह जेल की दीवारें एक किले की तरह थीं – ठंडी, अंधेरी – लेकिन आपने उन्हें एक ध्यान स्थल में बदल दिया। जेल में रहते हुए, आपने किताबें पढ़ीं, योग किया, और विचारों को पंख दिए। यह संघर्ष एक फीनिक्स पक्षी का प्रतीक है –
@ArvindKejriwal
शेष 👇🏻👇🏻
प्रयागराज यू पी में तानाशाही चरम पर है बंद कमरे में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर बात करने तक की इजाजत नहीं पेपर लीक पर बात करने पर प्रशासन रोकने पहुंच गया है।
मोदी योगी की डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है विपक्ष को कुचलना चाहती है।
मासूम बच्चे और उनके माता-पिता की गाढ़ी मेहनत की कमाई का पैसा लूटने वाले कुछ कोचिंग सेंटर के सेलिब्रिटी टीचर्स आज भाड़े के वीडियो बना बनाकर ज्ञान दे रहे हैं। सार्वजनिक रूप से महिलाओं को गाली देने वाले, उनकी नक़ल उतारने वाले ये छिछले यूट्यूबर बच्चों की कड़ी मेहनत पर अपनी दुकान सजाते हैं। असल हीरो बच्चे हैं, ये माँ बाप की मेहनत की कमाई के लुटेरे कितना भी कूदें, देशभर के बच्चों को live जोड़कर हमने पेपर लीक के पिड़ित बच्चों को आवाज़ दी तो इनके स्टारडम को बड़ा धक्का लगा है! शिक्षा को धंधा बनाने वालों को दर्द हो तो अच्छा है।वैसे कोचिंग माफिया के खिलाफ मेरा विडियो वायरल करने के लिए धन्यवाद! मेरे शो पर सभी panelist ने बोला कि कोचिंग माफिया पर नकेल कसी जाए।
आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश की 'प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी' बैठक आज संगम नगरी प्रयागराज में सफलतापूर्वक संपन्न हुई!
बैठक में पार्टी आगामी रणनीतियों और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत व शानदार बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमे मुख्य संगठन और सभी प्रकोष्ठों के साथियों ने अपनी बात रखी.
सभी सहमत थे कि- रोज़गार और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर, यूपी की भाजपा सरकार ने सभी को निराश किया, इसलिए अब यूपी में भी केजरीवाल 🧹
Happy बकरा ईद
बकरीद दलित, पिछड़े और आदिवासियों का त्योहार है,
क्योंकि भेड़, बकरी और कुर्बानी के दूसरे जानवरों का 90 फीसदी पशुपालन कार्य भारत में
दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के लोग ही करते हैँ,
बकरे भारतीय पशुपालकों के ATM होते हैँ,
जिन्हें पशुपालक कभी भी बेचकर कैश करा लेते हैँ,
ऊपर ऊपर से एक अनुमान के मुताबिक बकरा ईद पर भारत में एक लाख करोड़ के आसपास भेड़ और बकरों की बिक्री होती है,
जिसमें से 85 फीसदी रकम दलित, पिछड़ों और आदिवासी समाज के पशु पालकों के घर में जाती है,
और बकरा ईद में बाजार और डिमांड तेज होने से दाम भी ज्यादा मिलता है,
तो हुआ ना ये भारत के दलित, पिछड़ों और आदिवासियों का त्योहार
तो इसलिए सबको Happy बकरा ईद,
किसी शख़्स को इस बात की सज़ा नहीं मिलनी चाहिए कि उसने इंसानियत की ख़ातिर एक मुस्लिम बुजुर्ग की मदद की।
दीपक का जिम आज बंद होने के कगार पर है।
दीपक की सहायता कीजिए मैंने अपनी सैलरी से उन्हें 50 हज़ार की सहायता की है।
आप भी मदद का हाथ बढ़ाइये अच्छे लोगों का हौसला बुलंद रहना चाहिए।
कोटद्वार के दीपक कुमार ने मोहम्मद दीपक बनकर भाईचारे की एक मिसाल क़ायम की. सांप्रदायिक सोच वाले नफरती झुंड की परवाह किए बग़ैर अपने इरादों पर टिके रहे तो हमारी इतनी जिम्मेदारी भी नहीं बनती है कि हम सब मिलकर दीपक की मदद करें ताकि उन्हें जिम बंद न करना पड़े ? सिर्फ तारीफ़ कर देने भर से हम सबकी जिम्मेदारी खत्म हो जाती है क्या ? आप सब लोगों ने उस दौरान दीपक का हौसला बढ़ाया और फिर सब भूल गए. मैं भी भूल गया. आज अगर ये सब जानने के बाद भी आप सब लोग इनकी मदद नहीं करेंगे तो कल को कौन खुद को जोखिम में डालकर किसी की मदद के लिए सामने आएगा ? मैंने दीपक कुमार से बात करके उनका अकाउंट नंबर मंगवाया है. अपनी तरफ़ से मैं दस हज़ार के योगदान से शुरुआत कर रहा हूं. आप सबसे अपील करता हूं कि एक सप्ताह के भीतर इनकी इतनी मदद तो हो जाए कि एक साल का किराया एडवांस दे सकें. उम्मीद है हमारे दर्शक निराश नहीं करेंगे. नीचे दिए गए QR कोड पर पेमेंट कर आप 'मोहम्मद' दीपक की मदद कर सकते हैं...
मुसलमान अगर इस बार बकरा ईद पर भाईचारे की मिसाल दे सकता है, और वो गाय काटने पर, गाय को खरीदने पर बैन लगा सकता है ।
तो क्या हम 10 मिनट की परमिशन नमाज पढ़ने की नहीं दे सकते, जितना हिंदुस्तान हिंदुओं का है, उतना ही मुसलमानों का भी है..!
paa @harbhajan_singh जी
आपको पार्टी छोड़कर नहीं जाना था, जब आपको आईपीएल में कमेंट्री ही करनी थी तो। आख़िर वहाँ आप जैसे ईमानदार इंसान को क्या मिल जाएगा, जो यहाँ नहीं मिला। आप भी जानते हो कितने भ्रष्टाचारी बीजेपी में शामिल है और उनका पाप छुपा दिया गया है अर्थात धूल गया है।लौट आइए
Didi aap Punjab mai rehte hai ?? Shayad aap Punjab mai nahi rehte par Phir bi Punjab se itna pyar. thank you . Kaash apke leader ko bi iska ek percent pyar hota Punjab k Sath . Baaki mai jaroor baat karunga Punjab k funds k liye 🙏🙌
रिश्वतखोर को पकड़ो, इनाम में मिलेंगे एक लाख रुपए, तमिलनाडु के CM विजय ने दिया आदेश
◆ थलपति विजय की TVK सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक समर्पित 24 घंटे की टोल फ्री हेल्पलाइन 1800 425 1555 शुरू की है
#TamilNadu | #Vijay | TVK Vijay | Tamil Nadu | CM Vijay
अंजाम तुम बन जाती हो
एक ख़त लिखता हूँ…
एक ख़त लिखता हूँ मैं,
और हर बार उसका अंजाम तुम बन जाती हो,
मेरी अधूरी बातों की
सबसे खूबसूरत पहचान तुम बन जाती हो।
मैं जब भी शब्दों को जोड़ता हूँ
तो उनमें तेरी यादें घुल जाती हैं,
मेरी खामोश रातों की
सबसे मीठी सी मुस्कान तुम बन जाती हो।
कभी कलम रुक जाती है
तेरे नाम को लिखते हुए,
जैसे मेरी हर धड़कन का
आख़िरी ठिकाना तुम बन जाती हो।
मैं सोचता हूँ बहुत कुछ कह दूँ
पर सब कुछ तेरे नाम में सिमट जाता है,
मेरी इस छोटी सी दुनिया का
सबसे बड़ा जहान तुम बन जाती हो।
एक ख़त लिखता हूँ…
और हर बार मुस्कुरा देता हूँ मैं,
क्योंकि हर बार उसका अंजाम तुम बन जाती हो…
हाँ, हर बार उसका अंजाम तुम बन जाती हो।
कुमार लोकेश