12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहाँ लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दिया गया। उसपर पिछले 3 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम ₹89 बढ़ा दिया गया - मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, गरीबों का चूल्हा बुझाओ।
प्रवासी मजदूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी ₹323 महंगा कर दिया - वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या, और बचाएगा क्या?
अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की कर्ज़माफ़ी दिलाना और गरीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना - ये लूट का मोदी मॉडल है।
मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ गरीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?
विश्व गुरु तो पिछड़ गये??
टाइम्स मग जीने की दुनिया में 100
प्रभावशाली देश की लिस्ट में , हमारे
विश्व गुरु जी का नाम नहीं है ,, जबकि
बांग्लादेश और नेपाल जैसे प्रधानमंत्री
का नाम इस लिस्ट में शामिल है??
पहले पुलिस और एजेंसियां मस्जिदों और मदरसों पर रेड मारती थीं, तो दावा किया जाता था कि वहां से हथियार, बारूद और पटाखे मिले हैं। बाद में जांच होती थी और ये दावे झूठे साबित होते थे। लेकिन अब संभल में एक मस्जिद में रखा “आई लव मोहम्मद ﷺ” का पोस्टर और एक इस्लामी झंडा पुलिस ने जब्त कर लिया और कहा कि इसकी जांच होगी।
अगर मस्जिद में “आई लव मोहम्मद ﷺ” का पोस्टर नहीं होगा, इस्लामी झंडा नहीं होगा, कुरान मजीद नहीं होगी, तो मस्जिद में और क्या रहेगा?
एंकर ओर BJP प्रवक्ता - बस थोड़ी सी ही महंगाई बढ़ी है!
जवाब - सुबह उठते ही 29₹ गैस का दाम बढ़ गया, थोड़ा सा बढ़ा!
1% के पास 40% धन है, हमसे थोड़ा सा हो ज्यादा है!
19% बच्चे कुपोषित है, बस थोड़ा सा कुपोषित है!
हर तीसरा बच्चा बौना पैदा होता है, थोड़ा सा बौना पैदा हो रहा!
भारत भुखमरी में 123 देशों में 102 वें नंबर पर है, बस थोड़ा सा भुखमरी है!
ये कैसा थोड़ा सा है? शर्म भी नहीं आती!
मोदी जी कहते है, देश संकट में है जनता पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चले!
शाम होते ही, महामानव 30-32 गाड़ियों के काफिले के साथ रोडशो पर निकल जाते है!
फिर कहते है, विदेश भ्रमण मत करिए और दूसरे ही दिन 4 देशों की विदेशी यात्रा पर मेलोडी खिलाने निकल पड़ते है!
SBI की रिसर्च कहती है कि गरीबी रेखा में वो आते है गाँव में जिनका महीने की आमदनी 1,632 रुपये, और शहर में 1,944 रुपये है वो गरीब है। उससे 1₹ ज्यादा वाले अमीर है?
यह आंकड़ों में गरीब को मिटाने का तरीका है। रेखा इतनी नीचे खींच दो कि कोई उसके नीचे बचे ही नहीं। और ऐसे सबको अमीर बना दो?
सार्थक 18 साल का है - पर सोच, साहस और सिद्धांत में किसी से कम नहीं।
उसने और उसके साथी निसर्ग ने वो कर दिखाया जो देश के बड़े मीडिया हाउस, खोजी पत्रकार नहीं कर पाए - CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने रख दिया।
मोदी जी चाहते हैं हमारे युवा reels बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें, आँखें न खोलें। पर इन बच्चों ने सवाल भी पूछे। और जवाब भी ढूँढ निकाले।
देश का 18 साल का बच्चा CBI से तेज़ निकला - नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है।
यही है भारत की असली युवा शक्ति - जिज्ञासु, जागरूक, जानकार। और याद रखिए, देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।
This #WorldEnvironmentDay, I want to ask every young Indian one question:
What kind of India do you want to inherit?
One where rainforests have been bulldozed for casinos, coral reefs erased from maps, tribal communities pushed off their land, and the air we breathe turned into poison?
Or one where India’s natural heritage is protected, our tribal communities are safe, and progress works with nature - not against it.
Right now, the Modi government is destroying Great Nicobar Island. More than 1.5 crore trees, ancient coral reefs, irreplaceable rainforests are being destroyed - to profit one businessman.
This is your inheritance they are bulldozing. And only you can stop them.
Sign the petition. Tell the Modi government we choose #GreenOverGreed 🇮🇳
#NicobarMatters
https://t.co/bJOIt0tzgs
❗लव यू दिल्ली पुलिस.. पुच्च..पुच्च😘
कॉकरोच जनता पार्टी को जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन की अनुमति मिल गई है।
पुलिस अफ़सर ख़ुद दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच कर पार्टी के मुखिया से मिले और अनुमति की जानकारी दी।
पुलिस ने कहा आप कृपा पूर्वक जंतर मंतर पधारें और धरना दें।
और ये वही क्यूट सी,प्यारी प्यारी सी,भोली भाली सी दिल्ली पुलिस है जिसने किसानों को साल भर तक दिल्ली में घुसने नहीं दिया।
सड़कों पर कील -काँटे, बल्लम- भाले,चीन की दीवार खड़ी कर दी थी।
ये वही संस्कारी पुलिस है जिसने देश का नाम रोशन करने वालों महिला पहलवानों को सड़कों पर कूटा था, पीटा था, घसीटा था।
ये वही दिल्ली पुलिस है जिसने कुलदीप सेंगर के दुष्कर्म की पीड़िता को कुछ घंटे भी धरने पर बैठने नहीं दिया था और घसीट कर उठा ले गई थी।
ये वही लोकतंत्र की रक्षक दिल्ली पुलिस है जो विपक्ष को जंतर मंतर पर पाँव भी नहीं रखने देती।
और चिलचट्टों के मुखिया को अनुमति देने हवाई अड्डा पहुंच गई।
हाऊ क्यूट न..!❤️
लव यू दिल्ली पुलिस..🥰
पुच्च..पुच्च..!
😘
गोदी मीडिया दिखायेगा नहीं इसलिए रीट्वीट करना फ़र्ज़ समझो , vinod jakahar ने आज तो सिस्टम हैंग कर दिया कॉकरोच वॉक्रोच सब फेल है जाखड़ के आगे .
देखी कभी किसी और प्रदर्शन में इतना युवा ? अकेले भाई नहीं हज़ारो बहने भी आई थी
मैं अंडमान और निकोबार के विनाश के खिलाफ़ पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूँ।
अंडमान और निकोबार भारत की सबसे अनमोल प्राकृतिक धरोहर हैं। वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है।
मेरे साथ जुड़िए - याचिका पर हस्ताक्षर कीजिए और इस अमूल्य संपत्ति को बचाने की लड़ाई का हिस्सा बनिए।
#GreenOverGreed
PM @narendramodi जी,
INS Baaz, UPA सरकार में स्थापित किया गया नौसैनिक अड्डा, पिछले पाँच साल से विस्तार की माँग कर रहा है। मगर, सरकार ने नौसेना की बात अनसुनी कर दी।
अगर आप Great Nicobar project को देश की सुरक्षा से जोड़ते हैं तो आज ही INS Baaz का विस्तार कीजिए। मैं पूरी तरह समर्थन में हूं और पूरा विपक्ष आपके साथ है।
INS Baaz तट पर है - इसके लिए न 1.5 करोड़ पेड़ काटने की ज़रूरत है, न जनजातियों को विस्थापित करने की।
पर सच्चाई यह है - यह project देश की सुरक्षा के लिए नहीं है। यह project है हमारे देश की सबसे अनमोल ज़मीन को एक व्यापारी के हाथों सौंपने के लिए। और हमेशा की तरह इसके लिए भी सेना के नाम का सहारा लिया जा रहा है।
@narendramodi जी - देश की रक्षा सेना करती है। होटल और casino नहीं।
https://t.co/Cihlf8gfXh
I visited the southernmost tip of India.
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by violating the Forest Rights Act. Settlers, many of them former soldiers, placed on these islands by the Indian government, who aren’t getting fair compensation.
The Modi government and BJP tells you Great Nicobar Project is about defence. It is not.
Expand INS Baaz - we will back the government fully. The Navy has been asking for expansion for five years - it has been ignored.
They tell you it is about a transhipment port. It is not. India is already building one in Kerala, which is on the mainland.
What it actually is: 1.5 crore trees felled. Coral reefs erased from official maps. Soldiers and tribals displaced - so one businessman can build hotels and casinos on India’s most irreplaceable ecological land.
Every young Indian I have spoken to understands this. You know that no amount of profit is worth destroying what can never be recovered.
I stand for ecologically balanced development. These islands can be the most extraordinary sustainable destination the world has ever seen. That is the India worth fighting for.
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay
मुस्लिम बच्चे घाट से निकलने वाले वाहनों को पानी भर भर के बोतल दे रहे है।
पर ये मासूम भूल रहें है कि मीडिया ये अच्छाइयां नहीं दिखाएगी। मीडिया को TRP मुसलमानों को गलत दिखाकर ही मिलती है।
जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy: ₹100/विषय
Re-totalling: ₹100/paper
Re-evaluation: ₹25/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।
सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।
जब scanning फ़ोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की क़ीमत बच्चा भर रहा है।
गलती CBSE की। सज़ा बच्चे की। कमाई सरकार की।
जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं - अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।
ध्यान से सुनो मेरे देश की जनता बच्चों ने राहुल गांधी से क्या कहा , एक एक बंदे ने इसको आगे बढ़ाना है ताकि पूरे देश को पता चले जो बोलता है उसको क्या क्या सहना पड़ता है
केवल 17 साल के सिद्धांत का यह 3 मिनिट का वीडियो देश के हर छात्र को देखना चाहिए।
जिस उम्र में बच्चे बोर्ड परीक्षा की तैयारी करते हैं, उस उम्र में सार्थक सिद्धांत ने CBSE के टेंडर दस्तावेज़ों की तुलना कर 15 से अधिक विसंगतियों का दावा किया है।
• 3 "Poor Performance" क्लॉज हटाए गए।
• "Previously Blacklisted" को बदलकर "Currently Blacklisted" कर दिया गया।
• 50 करोड़ टर्नओवर की पात्रता शर्त में Coempt कथित तौर पर महज़ 1.7% से क्वालिफाई करती दिखी।
• "Corrupt Practices" की समय-सीमा आधी कर दी गई।
• प्रोजेक्ट पात्रता मानदंडों में भी बदलाव किए गए।
17 साल का एक छात्र सवाल पूछ रहा है।
अब जवाब CBSE को देना चाहिए।
हमें तुम पर नाज़ है, सिद्धांत।
#CBSE
@RahulGandhi@Pawankhera@SupriyaShrinate