(मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी - सोशल मीडिया प्रदेश महासचिव,मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस-प्रदेश सचिव,RPGS congress - राष्ट्रीय सचिव) & mp state cricket player
गंभीरता से इस पत्रकार वार्ता को सुने
किस तरह से यह पूरा षड़यंत्र रचकर मध्यप्रदेश की सीट चोरी हुई तत्पश्चात झारखंड राज्यसभा के परिणाम भी घोषित हुए। चौकीदार ही चोर है
मीनाक्षी झूठ से डरती नहीं पर सच के लिए डटती हैं।
जय जगत नारा हैं,मिलकर लोकतंत्र-संविधान बचाना हैं
@MNatarajanINC
छिन्दवाड़ा के पूर्व सांसद मेरे प्यारे बड़े भैया श्री नकुलनाथ जी जनसेवक को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ✨💐🍫🎂✨💐
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि तथा दीर्घायु जीवन प्रदान करें। @NakulKNath@OfficeOfKNath
मोदी सरकार का 'पेपर लीक' मॉडल हर दिन बच्चों की जान ले रहा है।
अब खबर है कि इंदौर में अवंतिका मौर्य ने पेपर लीक और री-नीट के मानसिक तनाव से तंग आकर खुदकुशी कर ली।
पेपर लीक के कारण अब तक 15 बच्चों ने अपनी जान दे दी है, लेकिन सत्ता में बैठे नाकारा लोगों के चेहरे पर शिकन तक नहीं आ रही।
1. प्रदीप मेघवाल- राजस्थान
2. अंशिका पांडे- दिल्ली
3. ऋतिक मिश्रा- उत्तर प्रदेश
4. सिद्धार्थ हेगड़े- गोवा
5. भाग्यश्री- कर्नाटक
6. आकांक्षा चतुर्वेदी- मध्य प्रदेश
7. उमेश माली- राजस्थान
8. रेणु मीणा- राजस्थान
9. रिया कुमारी थापा- उत्तराखंड
10. शिवानी यादव- उत्तर प्रदेश
11. अनुकीर्तना- तमिलनाडु
12. कहान पटेल- गुजरात
13. रीमा बेगम- असम
14. मैथली अशोक सोनवाने- महाराष्ट्र
15. अवंतिका मौर्य- मध्य प्रदेश
ये आत्महत्या नहीं 'हत्या' है- जिसके जिम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान और नरेंद्र मोदी हैं। धर्मेंद्र प्रधान को पद पर रहने का कोई हक नहीं- उन्हें तुरंत इस्तीफा देना होगा।
जब सरकारी पद और तबादले बाज़ार में बिकने लगें, तो आम जनता का सिस्टम से भरोसा उठना तय है। इस पूरे स्टिंग मामले की निष्पक्ष और पूरी जाँच होनी चाहिए।
: श्री मुकेश नायक जी, अध्यक्ष - मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग.
मध्यप्रदेश में साहब ने,
इतने विभाग उठा लिए!
जैसे सत्ता के सारे चाबुक,
खुद हाथों में थाम लिए!
अफ़सर खुश, दलाल मगन,
ठेकेदार भी हुए निहाल!
लगता है भ्रष्टाचार के घर भी,
आ गया है अब स्वर्णिम-काल!
Re-NEET देने वाले सभी छात्रों को मेरी अनेक शुभकामनाएँ।
पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दीजिए। कुछ भी हो, मैं हमेशा आपके साथ हूं और आपकी रक्षा करता रहूंगा।
सरकार से अपेक्षा है कि इस बार NEET बिना किसी गड़बड़ी के होगी। छात्र पहले ही बहुत तनाव झेल चुके हैं - अब किसी बच्चे की उम्मीद न टूटने पाए।
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है।
जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo