“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
देश के छात्रों की तीन मांग हैं, जिनसे समझौता नहीं हो सकता।
• शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाया जाए
• छात्रों पर बर्बरता करने वालों पर सख्त एक्शन हो
• नरेंद्र मोदी देश के छात्रों से माफी मांगें
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
असम में आई विनाशकारी बाढ़ में कई लोगों की मृत्यु का समाचार बहुत दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूं। इस आपदा से प्रभावित लाखों लोगों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है।
अपेक्षा है कि राज्य और केंद्र सरकार प्रभावित लोगों के राहत और बचाव में कोई कसर न छोड़े।
हर साल बाढ़ आती है, जान-माल का भारी नुकसान होता है और कई परिवार उजड़ जाते हैं। अब वक्त आ गया है कि हम बाढ़ से निपटने के लिए एक मज़बूत और स्थायी व्यवस्था बनाएं।
एक ऐसी व्यवस्था जो वैज्ञानिक रूप से रोकथाम, पूर्व चेतावनी समेत मज़बूत बुनियादी ढांचे और पुनर्वास को प्राथमिकता दें - ताकि हर साल लोगों को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।
खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।
मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है।
दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली - हर जगह पैटर्न एक ही है।
पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी।
मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
रिया के पिता, राजेश जी बेटी को खोकर इस तरह टूटे कि उन्हें देखने वाले हर शख़्स की आँखें भर आईं।
यह सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनका बच्चा छीन लिया।
हर नाम के पीछे एक माँ है, एक पिता है - जिनके लिए अब कोई कल नहीं।
इस System को नए सिरे से बनाना होगा - जहाँ बच्चों को तनाव नहीं, सुरक्षा मिले। और माँ-बाप को, उनके त्याग का फल मिले - आँसू नहीं।
भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती, बेईमान - ये चार शब्द मेरे नहीं, ये देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
और सच यही है - भारत की शिक्षा व्यवस्था अब एक बेईमान वसूली तंत्र बन चुकी है।
जो व्यवस्था बच्चों के भविष्य को तैयार करने के लिए बनी थी, वो आज उन्हें और उनके परिवार को कर्ज़, तनाव और निराशा में धकेल रही है।
इसी भ्रष्टाचार ने पेपर लीक माफ़िया को जन्म दिया - जो तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की सालों की मेहनत एक झटके में लूट लेता है।
यहां दोषी vendors और अधिकारियों को मिलती है tender और तरक्की। और सजा किसे मिलती है? छात्रों को, जिन्हें टूटे सपनों के साथ अकेले छोड़ दिया जाता है।
मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री यह सब देख रहे हैं। पर उन्होंने चुप्पी चुनी है - जवाबदेही से मुँह मोड़ लिया है। और मीडिया में? बस एक लंबा सन्नाटा।
अब बहुत हुआ - अब वक़्त है शिक्षा में Revolution का।
17 जुलाई, देहरादून - मेरे साथ आइए, ‘छात्रों की गूँज’ को और बुलंद करें।
यहां जुड़ें: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
महाराष्ट्र TET का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई। 6 लाख अभ्यर्थी अधर में। दो हफ्ते हो गए, नई तारीख़ का कोई अता-पता नहीं।
लीक करने वाले आज़ाद, सिस्टम बेदाग़ और सज़ा भुगत रहा है वो जिसने ईमानदारी से मेहनत की।
ये देश के कार्यरत और होने वाले शिक्षक हैं जिनके हाथ में भारत का भविष्य है - ये वही लोग हैं जिन्होंने साल दर साल तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस दी, दूर-दराज के सेंटर तक गए। और अब बस इंतज़ार कर रहे हैं, बिना तारीख़, बिना जवाब।
मुख्यमंत्री जी - तीन चीज़ें, आज ही:
1. समय-सीमा : TET की नई तारीख़ अभी घोषित कीजिए।
2. जवाबदेही : लीक के ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई हो, अभ्यर्थी पर नहीं।
3. भविष्य की रक्षा : जिनका साल इस लीक के कारण बर्बाद हुआ, उन्हें उम्र सीमा में छूट दी जाए।
गलती संस्था की, सज़ा अभ्यर्थी को - यह इंसाफ़ नहीं है।
17 जुलाई को देहरादून में मैं पेपर लीक के बढ़ते संकट पर आपसे विस्तार से बात करूंगा। अब समय आ गया है शिक्षा क्रांति का - ऐसी व्यवस्था बनाने का, जहां युवाओं को सिस्टम की नाकामी नहीं, अपनी मेहनत का फल मिले।
#ChhatronKiGoonj
న్యూఢిల్లీలో కేంద్ర పౌర విమానయాన శాఖ మంత్రి కింజరాపు రామ్మోహన్ నాయుడు గారితో భేటీ అయ్యాను.
ఆదిలాబాద్, మామునూరు విమానాశ్రయాల అభివృద్ధి, డిజైన్, అవసరమైన వసతుల కల్పనతో పాటు ఈ ప్రాజెక్టులను వేగంగా పూర్తి చేసే అంశాలపై సవివరంగా చర్చించాను.
తెలంగాణలో ప్రాంతీయ విమాన అనుసంధానాన్ని మరింత బలోపేతం చేసి, ప్రజలకు మెరుగైన రవాణా సౌకర్యాలు అందించడంతో పాటు పెట్టుబడులు, పరిశ్రమలు, ఉపాధి అవకాశాలకు ఊతమిచ్చేలా రాష్ట్ర ప్రభుత్వం అన్ని విధాలా కృషి చేస్తోంది.
ఆదిలాబాద్, మామునూరు విమానాశ్రయాల నిర్మాణం త్వరితగతిన పూర్తయ్యేలా కేంద్ర-రాష్ట్ర ప్రభుత్వాల సమన్వయంతో అవసరమైన చర్యలు చేపట్టాలని కోరాను.
#Telangana #AdilabadAirport #MamnoorAirport #RegionalConnectivity #InfrastructureDevelopment
Remembering senior Congress leader and former Chief Minister of Andhra Pradesh, Y.S. Rajasekhara Reddy ji, on his birth anniversary.
A true statesman, he uplifted countless lives through his unwavering commitment to the welfare of the people of Andhra Pradesh. His service to the people will always be remembered.