वंचितों की हिस्सेदारी के विरोधियों का दोहरा चरित्र देश के सामने है। पहले ‘आरक्षण हटाओ’ और अब ‘आरक्षण में सुधार’ की मांग करने वालों से तत्काल “सौहार्दपूर्ण वार्ता” लेकिन अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज, आख़िर ये कैसा सौहार्द है, नड्डा जी?
एक तरफ वार्ता की तस्वीरें, दूसरी तरफ छात्रों पर लाठियाँ, यह दोहरा चरित्र अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।
24 सितंबर 1982 को मान्यवर कांशीराम साहब ने पूना पैक्ट के 50 साल पूरे होने पर पूरे देश में “धिक्कार दिवस” मनाया था। यह कोई साधारण विरोध नहीं था, बल्कि एक अकाट्य राजनीतिक और सामाजिक समझ का नायाब उदाहरण था।
परम पूज्य बाबा साहेब ने जिस पूना पैक्ट पर बड़े दुखी मन से हस्ताक्षर किए थे, आज उसी पूना पैक्ट का दुष्परिणाम “Depressed Classes (वंचित वर्ग)” के सामने है। यही कारण है कि जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जी आरक्षण विरोधियों से मुलाकात करते हैं, तो बहुजन समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
किसान आंदोलन पर जिस सरकार ने 13 महीने बाद सुध ली, पेपर लीक के जनव्यापी आंदोलन के आंदोलनकारियों से नड्डा जी एक महीने बाद मिलने का समय निकाल पाए, लेकिन जैसे ही जातीय वर्चस्व बनाए रखने की जिद लिए कुछ मुट्ठीभर लोग भाजपा-RSS के दिल में छुपे एजेंडे को लेकर इकट्ठा होते हैं, तो तुरंत “सौहार्दपूर्ण वार्ता” होने लगती है।
सरकार को जवाब देना होगा कि ऐसे लोगों से आखिर क्या बात हुई और आरक्षण को लेकर सरकार का रुख क्या है?
आरक्षण कोई राजनीतिक खैरात नहीं, बल्कि सामाजिक गैर-बराबरी के रहते संविधान द्वारा सुनिश्चित प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की व्यवस्था है। जब तक भेदभाव और गैर-बराबरी कायम है, तब तक आरक्षण भी कायम रहेगा।
मुट्ठीभर जातंकवादियों की आड़ में वंचितों की संवैधानिक हिस्सेदारी को कमजोर करने की साजिश कर रहे सरकार के पिट्ठुओं, कान खोलकर सुन लो! भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) 24 सितंबर, पूना पैक्ट दिवस पर दिल्ली में एक बड़ा जनांदोलन करके संविधान की ताकत का एहसास कराएगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
जय संविधान! जय आरक्षण!
राजपूत समाज तो एक हो गया है मोदी की अकड़ तोङ़ने के लिए, ✊
क्या सम्पूर्ण सवर्ण समाज गुलामी से बाहर निकलकर एक हो पाएंगा, अपना भविष्य बचाने के लिए काले कानूनो के खिलाफ, मोदी को उखाड़ फैकने के लिए तैयार हो पायेगा...?
महिपाल सिंह मकराना का शंखनाद.... 🔥
This vulgar, drama-loving, wish-fulfilling reservation holder, low caste person is ruining India through reservation and this coward wants to make India a developed country in 2047.
He surrenders to Pakistan. @BJP4India
मैंने 10 फरवरी 2020 को देश की संसद में भी स्पष्ट रूप से कहा था कि आरक्षण किसी को दी हुई खैरात नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है।
मेरी और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सोच बिल्कुल स्पष्ट है—आरक्षण को समाप्त करने की बात तो दूर, आरक्षण की समीक्षा भी हमें कभी स्वीकार्य नहीं है।
सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार आंदोलन का नेतृत्व कर रहे श्री हर्ष दुबे जी के साथ आज लखनऊ में पत्रकार वार्ता कर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मांगों एवं उनकी चिंताओं की गंभीरता के दृष्टिगत उन्हें पूर्ण रूप से आश्वस्त किया कि आगामी दो दिनों में उनकी मांगों को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा तथा संबंधित केंद्रीय मंत्री जी से उनकी भेंट भी सुनिश्चित कराई जाएगी।
छात्रों के उज्ज्वल भविष्य हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। किसी भी छात्र के साथ कोई अन्याय नहीं होगा। हमारी सरकार सभी को साथ लेकर चलेगी।
@BJP4India@BJP4UP
India’s ruling Bharatiya Janata Party (BJP) has appointed new social media officials, who quickly deleted years of posts, deactivated accounts or went private, raising new scrutiny over their online histories of Islamophobic, misogynistic and casteist remarks.
#Infograph
Jammu and Kashmir are an important part of India. I was just in Srinigar in May with @LiamSCollins researching Operation Sindoor and visiting Pahalgam. Highly recommend, a beautiful city and surrounding region. Fully support downgrading the travel advisory. Be sure to pickup some saffron.
https://t.co/KFKEt4sEUi
Warning to Pakistanis abroad:
Avoid certain “Indian restaurants” operating in South Korea, China, and parts of Europe. Multiple reports suggest some of these spots are being used as fronts for intelligence operations targeting Pakistanis and Afghans. Stay alert. National interest comes first.
🚨ראש ממשלת הודו נרנדרה מודי 🇮🇳
"הזהרתי את נתניהו מפני הברית בין ערב הסעודית, פקיסטן וטורקיה, אך הוא לא התייחס ברצינות לאזהרה שלי. הוא אמר שינסה להצית סכסוך בין מדינות המפרץ לאיראן כדי להחליש אותן. כעת אנו מודאגים מהיציאה מהמצב הקשה הזה."