हिमाचल प्रदेश में आंदोलनकारियों पर वॉटर कैनन के इस्तेमाल के बाद भड़के महिपाल सिंह मकराना!
महिपाल सिंह मकराना बोले—
“जब तक मुख्यमंत्री और राज्यपाल आकर ज्ञापन नहीं लेंगे, तब तक धरने पर बैठा रहूँगा!”
हिमाचल प्रदेश के शिमला और आसपास रहने वाले सवर्ण समाज के भाइयों से भी आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में शिमला सचिवालय पहुँचकर आंदोलन के सहभागी बनें। घरों में बैठकर तमाशा मत देखिए, आज समाज आपको पुकार रहा है। समाज के साथ खड़े होकर अपनी भागीदारी निभाइए!
#सवर्ण_समाज
🦅80 वर्ष की उम्र और कैंसर की लास्ट स्टेज होने के बाद भी UGC आंदोलन में पैदल चल कर साथ देने वाले योद्धा मान सिंह जी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि। मां भवानी आपको अपने चरणों में स्थान दें।
@mahipalmakrana_#10_जनवरी#EWS_सरलीकरण#UGC_काला_कानून_वापस_लो#SCSTACT#General_act #UGCRollBack #UGC_Rollback
#UGC_काला_कानून_वापस_लो #StopMisuseOfSCSTAct #ReservationReform
देश का युवा आज जागरूक है; हमें बिना किसी ठोस लाभ वाला EWS कोटा स्वीकार्य नहीं है। जब तक जमीनी स्तर पर फीस, लोन और पढ़ाई में वास्तविक राहत न मिले, तब तक ऐसी नीतियां सिर्फ छलावा हैं। नीतियों का निर्धारण निष्पक्षता से और सभी के हितों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। 🙏🛡️ #PolicyReform
सरलीकरण में आयु छूट क्यों जरूरी है?
गांवों से निकलकर शहरों में दिन-रात मेहनत करने वाले आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के युवाओं के संघर्ष को समझना जरूरी है। उनके सपनों को पूरा करने के लिए परिवार अपनी खून-पसीने की कमाई भेजते हैं, ताकि उनका बेटा-बेटी अपने पैरों पर खड़ा हो सके।
लेकिन समय पर प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित न होने या किन्हीं कारणों से परीक्षाओं में असफल होने के कारण हजारों युवा अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इसमें युवाओं का क्या दोष, जब व्यवस्था की देरी उनके भविष्य पर भारी पड़ती है?
इसलिए आयु सीमा में छूट कोई विशेष रियायत नहीं, बल्कि युवाओं के साथ न्याय करने का एक प्रयास है। अन्य वर्गों के समान अवसर और उचित आयु छूट देकर इन युवाओं को भी अपने सपने पूरे करने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि व्यवस्था की देरी उनके भविष्य की बाधा न बने।
सरलीकरण का उद्देश्य ही यही है कि आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के योग्य युवा को समान अवसर मिले और किसी के साथ अन्याय न हो।
#सरलीकरण
सवाल यह है कि जब सरकार ने सिन्हा आयोग की सिफारिशों के आधार पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को आरक्षण देने को स्वीकार किया, तो उसी आयोग की यह सिफारिश क्यों नहीं मानी गई कि EWS को OBC के समान सुविधाएं (जैसे आयु-सीमा में छूट और प्रयासों में छूट) दी जाएं?
क्या इसका मतलब यह है कि आधी-अधूरी सिफारिशों को लागू कर दिया गया और बाकी को नजरअंदाज कर दिया गया?
सरकार हर बार सरलीकरण न करने के लिए नए-नए तर्क देती रही है। इससे पहले DoPT का यह तर्क था कि आयु-सीमा में छूट अभ्यर्थियों की पर्याप्त संख्या (Adequate Representation) के आधार पर दी जाती है। जबकि संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार केवल लगभग 2% अभ्यर्थी ही EWS श्रेणी से आवेदन कर रहे हैं। जबकि यह कम से कम 10% होना चाहिए। यह जमीन की जटिल शर्तों एवं उम्र और प्रयास में छूट न देने की वजह से हो रहा है।
यह अपने आप में एक पर्याप्त आधार बनता है कि आयु-सीमा में छूट दी जाए और प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
इससे पहले OBC वर्ग को आयु और प्रयासों में छूट देने से पहले भी DoPT ने 1994 में इसी प्रकार के तर्क दिए थे, लेकिन बाद में राजनीतिक कारणों (vote bank) से 2 वर्षों के भीतर उन्हें ये सुविधाएं दे दी गईं।
तो सवाल यह है कि सवर्ण वर्ग के साथ यह भेदभाव क्यों? पिछले 7 वर्षों से EWS के लिए सरलीकरण और आयु-सीमा में छूट क्यों नहीं दी गई?
1. EWS सारलीकरण- 5 साल की आयु और प्रयास में छूट तथा प्रमाणपत्र 3 साल तक मान्य।
2. सिंन्हो आयोग एवं राजस्थान मॉडल के अनुरूप #EWS मानदंडों में सुधार
3.सरकारी योजनाओं में EWS को अन्य आरक्षित वर्गों जैसे सभी लाभ मिलें।
4.UGC काला कानून वापस लिया जाए
5.#EWS को आयु में छूट - भर्ती व प्रवेश प्रक्रियाओं में अन्य वंचित वर्गों के समान अवसर सुनिश्चित करना
6.पंचायत चुनावों में 10% #EWS आरक्षण संविधान के अनुरूप प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन
7.अन्य आयोगों की तर्ज पर राष्ट्रीय आर्थिक पिछड़ा आयोग तथा राज्यों में ऐसे आयोगों का गठन
@RavindraBhati__@weareskpf
#JUSTICE_FOR_EWS
#EWS_AGE_RELAXATION
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
#सरलीकरण
सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते ।।
माँ भगवती जगदम्बा की आराधना व उपासना के पावन पर्व 'शारदीय नवरात्रि' की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।
#नवरात्रि
सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके।
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माँ भगवती जगदम्बा की आराधना व उपासना के पावन पर्व 'शारदीय नवरात्रि' की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।
#नवरात्रि
महिला पुलिसकर्मी के साथ कांग्रेस के प्रधानमंत्री उम्मीदवार का ऐसा बर्ताव कतई उचित नहीं है...
नरेंद्र मोदी को शर्म आनी चाहिए, जो देश की बेटियों की सुरक्षा करने में समर्थ नहीं है ऐसे डरपोक, भगोड़े नेता को गद्दी से उतार फेंकना चाहिए।
#UGC_काला_कानून