@minakshi_25 एकदम सही कहा। जो उलूल जुलूल भौक रहा है उसको आप सफाई देकर हाइलाइट क्यो कर रहे हो।
कुतों के भौकने से हाथी रास्ता नही बदल लेते। कोवौं के दुराशीष से ऊंट नही मरते।
@laxmangomtiwal 2014 मे उम्मीद जगी थी कि अब 64 वर्षों के बाद अब जाति वर्ग की तुष्टीकरण की राजनीति से मुक्ति मिलेगी भारत को । जातिवर्ग की तुष्टीकरण व अननेसेसरी आरक्षण व अननेसेसरी हो चुके scstकानूनों की जकङन से देश बाहर निक���ेगा और देश मे सौहार्दपूर्ण माहौल तैयार होगा।
लेकिन -----------
@mahipal63@PMOIndia सर नमस्कार। आज लोकतं��्र है । देश के नेताओ को देश की जनता का हित सोचने का काम है ।एकजातिवर्ग का हित (तुष्टीकरण) दूसरे जाति वर्गों का अहित करने के लिए नही होना चाहिए अतः सबका हित सोचकर कानून बनाए।
देश मे सामाजिक सौहार्द होगा तो देश मजबूत होगा । जनता धर्मपर चलेगी तो देशप्रगतिकरेगा।।सरकारों को जनता मे सामाजिक सौहार्द व आपसी प्रेम बढाने के कानून बनाने चाहिए । जातिवर्ग परटिका टिपणी व धर्म ग्रन्थो से घृणा के कृत्यो पर कानून बनाना चाहिए। गरीबी व आज की परिस्थिती अनुसार कानून हो।
@laxmangomtiwal@arjunrammeghwal@narendramodi@AmitShah जातिगत टिका टिपणी करना ,भ्रम फैलाना, ग्रन्थो को जलाना देवी देवताओ ���ा अपमान व भ्रम फैलाना इन पर तो कानून नही बनाये ।इन विषयों पर कानून बनाते तो ��ारत विश्व गुरू बन सकता था।
@AshwiniUpadhyay@PMOIndia@narendramodi सर नमस्कार। एक नौकरीपेशा आदमी मान लो साल का 10 लाख कमाता है ।उसकी आय पर एक बार टेक्स लग गया ।
अब टेक्स चुकाने के बाद शेष बची इनकम से चाहे कुछ भी खर��दे किसी प्रकार का टेक्स नही लगना चाहिए।
@AshwiniUpadhyay जरूर सर। भारत मे सब जातियां प्रेम एंव सौहार्दपूर्ण जीवन जी रहे है ।हम लोगों ने कभी जातिभेद जाना ही नही ।आज का भारत सबको समान समझता है।