Kaha ho ap India main ya out of India Kam count karwana ye sab phale hota tha, ab kaam hota h or log count kartey h,b or es admi don't use such language.
Give respect he is Mr Yogi Aditya Nath CM of UP
Ma'am unke sath unka desh Ka hat citizen h magar hamre PM ke sath ap jaise log Nahi h bas yahee probabe h
Or Kuch jabab bigar bole bhi diye Jate h magar ye apko samajh main nahi ayega es Janam main
“एक बात ट्रम्प को याद रखनी चाहिए…
न मैं और न इटली - कभी भीख मांगते हैं !”
जिनमें ‘आत्मसम्मान’ होता है, वो अति करने वालों को ऐसा मुँह-तोड़ जवाब देते हैं !
जिनकी ‘रीढ़ की हड्डी’ लचीली होती है, वो Surrender कर देते हैं !!!
योगी जी को प्रधानमंत्री बनने के लिए 250 सीट चाहिए, राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने के लिए 125 सीट चाहिए....।
इस बार राहुल गांध�� जी 100 सीट पाई यदि 130 सीट पाई होती तो आज प्रधानमंत्री होते....।
इससे पह��े भी कांग्रेस के मनमोहन सिंह जी 145 सीटों पर पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने थे...।
आज यदि बीजेपी को 240 सीट नहीं आई होती और 210 आई होती और कांग्रेस की 130 होती तो प्रधानमंत्री कोई और होता – राजीव रंजन
हमेशा कांग्रेस के 130 सीट का आंकड़ा पार कर ले तो उसके लिए पीएम की कुर्सी आसान होती है, बीजेपी के लिए 225 सीट ऊपर चाहिए....।
VERY BIG : अमेरिका की खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गबार्ड ने जाते जाते धमाका क���या है. उन्होंने नए दस्तावेज जारी किए हैं, जिसमें बताया गया कि डॉक्टर एंथनी फाउची ने ही करोड़ों का फंड जो अमेरिकियों का दिया टैक्स था उसे चीन की वुहान लैब को कोरोना वायरस पर खतरनाक रिसर्च के लिए दिया था. जब इस लैब से वायरस लीक हुआ और दुनिया में कहर बरपा तो फाउची ने खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर इस सच को छुपाया.
डोनाल्ड ट्रंप के सामने नरेंद्र मोदी की नजरें झुकी हुई थीं। वे सोफे पर दुबककर बैठे हुए थे और ट्रंप को Excellency कह रहे थे।
ये बहुत शर्मनाक रहा। ऐसा लग रहा था, जैसे कंपनी का एजेंट मालिक से बात कर रहा हो और हमने ऐसा प्रधानमंत्री पहले कभी नहीं देखा।
अमेरिका ने हमारे 3 नाविकों की हत्या कर दी और ट्रंप ने खेद तक व्यक्त नहीं किया, क्योंकि नरेंद्र मोदी तो दुबककर बैठे थे और अपनी तारीफ से ही खुश थे।
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
डोनाल्ड ट्रंप के सामने नरेंद्र मोदी की नजरें झुकी हुई थीं। वे सोफे पर दुबककर बैठे हुए थे और ट्रंप को Excellency कह रहे थे।
ये बहुत शर्मन��क रहा। ऐसा लग रहा था, जैसे कंपनी का एजेंट मालिक से बात कर रहा हो और हमने ऐसा प्रधानमंत्री पहले कभी नहीं देखा।
अमेरिका ने हमारे 3 नाविकों की हत्या कर दी और ट्रंप ने खेद तक व्यक्त नहीं किया, क्योंकि नरेंद्र मोदी तो दुबककर बैठे थे और अपनी तारीफ से ही खुश थे।
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
Tum kya chatey ho jaha tumhara Ghar h destination wala uske upper tak 2.5 hours lagne chyea tumko education kon Diya bey .
Kuch bol ke nikal jatey ho ek bhi positive Nahi Dikha tube all 2.5 hours ki journey main
दिल्ली के ��क्षरधाम मंदिर से चलकर देहरादून (करीब 200 KM ) की दूरी दो घंटा 35 मिनट में पूरी हुई. अगले 9 किलोमीटर तय करने में 1 घंटे से ज्यादा लगेगा. एक्स्प्रेस वे बनने के बाद देहरादून जाम का नया HotSpot बन गया है.
दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से चलकर देहरादून (करीब 200 KM ) की दूरी दो घंटा 35 मिनट में पूरी हुई. अगले 9 किलोमीटर तय करने में 1 घंटे से ज्यादा लगेगा. एक्स्प्रेस वे बनने के बाद देहरादून जाम का नया HotSpot बन गया है.
Tumko kitna khushi ho raha hai chacha ki tarif sun ke
Tum apna batao kya Asher muneer acha hai ya nahi Trump ka chode wo to Dimag se hila hua insaan hai
मोदी के 'डियर फ्रेंड' ट्रंप ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर को महान व्यक्ति बताया है.
ये वही असीम मुनीर है जिसने भारत के लोगों की हत्याएं करवाई. जो भारत के खिलाफ जहर उगलता है.
नरेंद्र मोदी.. हिम्मत कीजिए और ट्रंप की इस बात का विरोध कीजिए.
देश पहले है, दोस्ती नहीं
दिल्ली में पुलिस चौकी के पास हत्या 🚨
"पुलिस यहां सिर्फ दिखावे के लिए है"
सीलमपुर में एक नाबालिग की सरेआम हत्या के बाद लोगों का गुस्सा आसमान पर है। जनता भाजपा की इस घटिया कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। आखिर इतना बेखौफ क्यों हो रहे हैं अपराधी?
ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया. ट्रंप न होते तो बड़ी जंग हो जाती.
भारत-पाकिस्तान का सीजफायर कराने के लिए हमने ट्रंप क�� नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया है.
- पाकिस्तान का प्रधानमंत्री शहबाज
लद्दाख के लोग जब अपना हक़ माँग रहे थे तो 5 साल तक उन्हें धोखे में रखा गया। वो पैदल चलकर दिल्ली आए, अनशन किया और अब केंद्र सरकार ने उन पर देशद्रोह का मुक़दमा थोप दिया।
अगर बीजेपी सरकार सीमावर्ती इलाक़े के उन लोगों को देशद्रोही कहेगी जो हमेशा चीन के ख़िलाफ़ लड़ते आए हैं, तो यह सीमा की सुरक्षा के साथ समझौता है।
देशद्रोही सोनम वांगचुक नहीं, बल्कि वो ���ोग हैं जो सरकार में बैठकर सीमा की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं।
@Saurabh_MLAgk
Salo Atankwadi tumhre hamla tum karo pure desh main amarica se kar Hindustan tak or Hindu ko bolo galat wa upper wala dekh raha hai tum jaise soch ke logo ka end bahut jaldi hoga
Hindutva is bad for the world - Pakistani PM from UN
Guess who else say the same thing?
Answer : Congress ecosystem...
They have the same ideology ; Hindu hatred.... And cover-up it under Islamophobia rant....
Ek baar batao yadav ji ye educated person tab kaha tha jab kejriwal Daru ka khel rahe rahe they or jitne bhi proof they enke pass wo sab enhone kha liye or un sab ke sath dosti kar li esa kya hua thoda gyan do na pls
प���़ा लिखा राजनेता क्यों ज़रूरी है उसका बेहतरीन उदाहरण यह है
राघव चड्ढा जी ने 7 महीने पहले ही बोल दिया था कि
अमेरिका Indian Pharmaceuticals पर टैरिफ लगाने जा रहा है और आज हुआ भी वही
आज ट्रंप सरकार ने इंपोर्टेड फार्मास्युटिकल्स पर 100% टैरिफ लगा दिया है।
Ye wo sab log hai jab enke ghar main Jihad hota hai or pura ka pura country change ho jatee hai tab ye logo ko yaad atta hai ki kya hota hota Atankwadi ki pahchan agar koi kisi desh pe hamla karega or fir usee ke fever main duniya ayegi to esko Chutiyapa boltey hai
किसी शैत!न का बायकॉट ऐसा करो कि पूरी दुनिया में इतिहास बन जाए।
जी हां UN में नेतन्याहू मंच पर बोलने आया तो ज़्यादातर देशों के प्रतिनिधियों ने बॉयकॉट किया और सीटें खाली कर के बाहर चले गए।
एक अमेरिका का ट्रंप ही है जो इसके साथ खड़ा है बाक़ी सभी देश इस से किनारा कर रहे हैं।
Apka beta all time good rahe or achanak se AK -47 hath main le kar kisi ko maar de ya fir kisi ladki ka rep kar de to kya wo
Apka beta waise he rahega jaise phale tha agar apka bolna ye hai to fir ap galat hai Sharma ji karma decide ki kab kya saja milegaa
क्या समय आ गया है कि सोनम वांगचुक जैसे जनाधिकार के लिए संघर्ष करने वाले एक्टिविस्ट भी गिरफ़्तार कर लिए गए
अचानक से देश के लिए उनको खतरा बता दिया गया है
क्यों?
अभी तक तो सब ठीक था?
अचानक कैसे उनके देश विरोधी होने की अनुभूति सरकार को हुई?
अगर वो अधिकारों के लिए आवाज़ नहीं उठाते तो सब ठीक था ना?
पूछता है भारत, जवाब दे भारत की सरकार
Ab kon sa ghotala karna hai bhai govt main aa ke tumhare pass ek bhi mudda nahi government ke against bas choro ki toli bol rahi hai hum chori karne se bachayenge sab ko samajh main aata hai bas ap jaise logo ko chode ke