अरब देशों में जॉब करने वाले मेरे मुसलमान भाइयों अपनी मेहनत से कमाए हुए पैसे को अय्याशी (सिगरेट/गुटखा/लजीज खाना) में उड़ाने वाले चंदाखोरों को देने से परहेज करो।
जितना पैसा आप लोग इन चंदाखोरों को चंदे के तौर पर देते हो इससे अच्छा है कि इतना ही पैसा किसी पास के मदरसे में दे दीजिए।
ऐ मेरी क़ौम के सियासतदानो! तुम किसीं भी सियासी जमाअत से वाबस्ता रहो मगर अपनी सियासत से तालीम की राहें आसान करो, तुम साहबे इक्तेदार हो तो बहुत कुछ कर सकते हो। आओ! इल्म का एक चिराग़ रोशन कर दो ताकि क़ौम को रोशनी मिल सके। यक़ीन मानो तुम्हारा इक्तेदार उस रोशनी में जगमगा उठेगा।
वो धर्म के नाम पर डिवाइड हैं।
वो जाति के नाम पर डिवाइड हैं।
वो क्षेत्र के नाम पर डिवाइड हैं।
वो नस्ल के नाम पर डिवाइड हैं।
वो रंग के नाम पर डिवाइड हैं।
वो मुल्क के नाम पर डिवाइड हैं।
लेकिन "इस्लामोफोबिया" के नाम पर डिवाइड नहीं हैं। बल्कि "मुत्तहिद" हैं।
#IslamophobiaIsTerrorism
नबी से जो हो बेगाना, उसे दिल से जुदा कर दें
पिदर, मादर, बिरादर, जान-ओ-माल उन पर फ़िदा कर दें
मुझे क्या फ़िक्र हो अख़्तर! मेरे यावर हैं वो यावर
बलाओं को मेरी जो ख़ुद गिरफ़्तार-ए-बला कर दें
मुनव्वर मेरी आँखों को, मेरे शम्सुद्दुहा ! कर दें
अख़्तर रज़ा ख़ान