ये बीजेपी के नेता हैं। सामाजिक समरसता बढ़ा रहे हैं!
हिंदू राष्ट्र बना रहे थे। अब जाति के सम्मेलन कर रहे हैं! फिर गोत्र सभा करेंगे। सरयूपारीण सम्मेलन में कान्यकुब्ज को नहीं बुलाएँगे। देशस्थ , चितपावन से बड़ा होता है तो साथ में सम्मेलन हो ही नहीं पाएगा। मैथिल 🐟 खाते हैं। वे आउट।
बिहारी मजदूरों पर हमले की अफवाह और फेक न्यूज से निपटने के तमिलनाडु मॉडल से क्या सीखें?
दिप्रिंट के लिए वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल @Profdilipmandal लिखते हैं-
#ThePrintOpinion
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श्याम सिंघा रॉय मूवी याद है? मंदिरों में देवदासी प्रथा के नाम पर होने वाले यौन शोषण के खिलाफ बनी फ़िल्म। अरे वही, जिसमें @Sai_Pallavi92 थीं। सुपर स्टार @NameisNani लीड रोल में थे।
अब @NameisNani की नई फ़िल्म #DasaraOnMarch30 आ रही है। हिंदी में भी है। सिनेमाघरों में देखें।
.@bihar_police महोदय ये सागर नामक व्यक्ति बिहार के लोगों को उकसा रहा है। ये व्यक्ति दंगा करवाना चाहता है बिहार में। कृपया इसके ट्वीट को ध्यान में रखते हुए इसके ऊपर कानूनी कार्रवाई करने का कष्ट करे। इनके ट्वीट हमेशा हिंदू मुस्लिम में विवाद करने वाले होते है।
इंदौर में एक SC परिवार की जमीन पर गुंडों का कब्जा था। हाईकोर्ट ने अपना फैसला पीड़ितों के पक्ष में सुनाया। गुंडों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ।
गुस्से में आकर बाबू सिंह राजपूत व अन्य ने पीड़ित परिवार पर हमला बोल दिया। हमले में एक SC बुजुर्ग की मौत हो गई। 9 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
जिस चावदार तालाब में अगर कोई अछूत पानी पी लेता था तो पूरा तालाब अशुद्ध हो जाता था। उसे गाय के मूत व गोबर से शुद्ध किया जाता था। आज वही तालाब बाबासाहेब आम्बेडकर के पैरों के नीचे है।
धन्य हैं बाबासाहेब जिन्होंने 20 मार्च 1927 को 'महाड़ सत्याग्रह' करके हमें पानी पीने का हक दिया।
आधुनिक भारत में रामराज्य का रूप देखें. लोकतांत्रिक देश में संविधान अपने नागरिकों को प्रतिरोध की इजाज़त देता है. ये मुख्यमंत्री उसे छीन कर संविधान की धज्जियाँ उड़ा रहा. एक नेता आपके अधिकारों को लील जाता है और जनता सब होने दे रही? यही है रामराज्य.
क्योंकि @OmkarAap भाई साहिब जी
शिंक्षा सवाल करना सिखाती है
धर्म की अफ़ीम के नशें से छुटकारा दिलाती है
अगर ग़रीब लोग पढ़ गये तो कावाड़ कौन लाएगा
मंदिर कौन जाएगा
शिंक्षा इनकी धर्म की दुकान बंद कर देगी
इसलिए बाबा साहिब कहते थे #शिक्षित_बनो
लिबरल चंद्रचूड़
भाषण में - “मेरिट कुछ नहीं है। ये सवर्ण जातियों का पीढ़ियों से संचित विशेषाधिकार है।”
कर्म में - हम जज मेरिट पर चुनते हैं। इसलिए मैंने सुप्रीम कोर्ट में 7 जज बनाए। SC/ST/OBC में मेरिट नहीं होता। इसलिए सारे सवर्ण बना दिए। हाई कोर्ट में 31 बनाए। वहाँ भी यही किया।
बहुत पत्रकारिता छाई थी... सवाल कर रहे थे. वो भी यूपी सरकार की मंत्री से. अब मज़ा आएगा.
बिलकुल सही किया है. हथकड़ी और मोटी रस्सी से बांधा गया. गांव समाज में घुमाना भी चाहिए था ताकि आगे से कोई ऐसी गुस्ताखी न करे.
फिर कह रहा हूं - सजा में फांसी से कम मंजूर नहीं.
सत्ता पक्ष से सवाल पूछना, सत्ता पक्ष के वादों को याद दिलाना, जनता के मुद्दों को जन प्रतिनिधियों के सामने रखना एक पत्रकार की जिम्मेदारी होती है। लेकिन, उत्तरप्रदेश में एक पत्रकार को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए जेल भेज दिया गया।
भाजपा चाहती है मीडिया केवल स्तुति करे, सवाल न पूछे
हिंदुओं की ही तरह, सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर मुसलमानों की भी अधिकांश आबादी ओबीसी आरक्षण के दायरे में हैं। लोग एडमिशन और नौकरियाँ पाने की कोशिश कर रहे हैं। 80% तक मुस्लिम ओबीसी सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं।
जो “मुसलमानों में जाति नहीं हैं” बोलते हैं, उनका सच से सामना नहीं हुआ है।
@KumaarSaagar तेरे बाप को विदेशों को मांस निर्यात कर व्यापार कर रहे है उनके बारे में भी कुछ लिख दे
नही लिखेगा क्योंकि उनके बारे में लिखने की इसकी औकात नही है
@VashishtRakesh_@Profdilipmandal बिकाऊ और लालच से न्याय देने के कारण अंग्रेजो ने विदेशी परजीवियो को 1919 में न्याय व्यवस्था से लात मार कर बाहर निकाल दिया था