@AshokShrivasta6 तू खुद सरकार और मोदी का टट्ठा है तो dgp की बातों का क्या विश्वास किया जाए ?
वो भी सरकारी पपोट है सोनम वांगचुक ओर लद्दाख की देशभक्त जनता पर देश को पूर्ण विश्वास है ये खेल लद्दाख के अमूल्य संसाधनों पर कब्जा करने के लिए किया जा रहा है , हम तो gd बख्शी सर की बातों पर विशवास करते है
आपसे यह साझा करते हुए हमें हर्ष है कि #प्रोफ़ेसर_की_डायरी का उड़िया अनुवाद आ गया है. कल उड़ीसा में होगा उड़िया संस्करण का विमोचन
इन दिनों क़लम और किताब की दुनिया में हलचल है. किताबों की बिक्री और रॉयल्टी को लेकर खूब बातें हो रही हैं. हिन्दी की दुनिया में ये हलचल दिलचस्प है. हम जैसे लेखकों के लिए यही सुकून भरी बात है कि लोग हमारी शुरुआती किताबों को भी बेस्टसेलर बना दिये. पायरेटेड किताबों पर भी बात हो. क्योंकि हमारे प्रकाशक @UnboundScript ने आधिकारिक तौर पर तो लगभग पचास हज़ार किताबें बेंची. मगर मैं देश भर में देखा कि लोगों के हाथ में पायरेटेड यानी नक़ली प्रतियाँ लेकर हस्ताक्षर कराने आ रहे. मेरा अंदाज़ा है कि हिन्दी में मेरी किताब की लाख से ऊपर प्रतियाँ बिक चुकी हैं. लोग पढ़ रहे हैं, हमारी क़लम को हिम्मत दे रहे हैं.
हिन्दी, मराठी, पंजाबी, अंग्रेज़ी के बाद अब आपकी प्रिय किताब उड़िया में भी उपलब्ध होगी. अनुवाद तो बहुत पहले आना था, मगर हमारी व्यस्तता और कुछ उलझन के चलते विमोचन न हो सका. आज किशन पटनायक जी के स्मृति दिवस के मौक़े पर जब उनके गृह जनपद जाने का मौक़ा मिला, तो हमें लगा कि इससे बेहतर और यादगार मौक़ा किसी लेखक के लिए क्या होगा कि उसके प्रिय चिंतक, विचारक और समाजवादी नेता के गृह जनपद में किताब का विमोचन हो. कल यानी 28 सितंबर को उड़ीसा के झारसुगुड़ा में कल एक आयोजन में #प्रोफ़ेसर_की_डायरी के उड़िया संस्करण का विमोचन होगा. आस-पास के लोगों के लिए बाक़ी सूचना कमेंट में है.
अगली किताब के लिए हौसला बढ़ा है. पढ़ने वालों को लेकर उत्साहवर्धक उम्मीद जगी है. जल्दी ही आपके हाथों में मेरी अगली किताब हो. हालाँकि अप्रत्याशित व्यस्तता के चलते समय कम दे पा रहा. मगर ज़िद है कि क़लम और किताब की दुनिया में हमारी मौजूदगी क़ायम रहेगी. खूब पढ़ें. लिख सकें तो लिखे. अच्छा, मानवीय और वैचारिक स्पष्टता वाली किताबों को ही तवज्जो दें. क़लम और किताब की दुनिया की चिंता से लबरेज़ प्रोफ़ेसर की डायरी न पढ़े हों तो आज ही मँगवा कर पढ़ लें. उड़िया के अनुवादक और प्रकाशक का हृदय से आभार. आपके सहयोग से ये शानदार काम हुआ. आभार.
“सदियों की ठंढी-बुझी राख सुगबुगा उठी,
मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है;
दो राह,समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो,
सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।”
– रामधारी सिंह ‘दिनकर’
ये पंक्तियाँ तानाशाही सरकार को जगाने के लिए हैं,
जो तानाशाही में इतनी मग्न हो चुकी है कि जनता की आवाज़ तक उस तक नहीं पहुँच रही।
लोकतंत्र की ताक़त जनता की आवाज़ में है, तानाशाही में नहीं।
भाजपा ने पूरे देश को ग़ुलाम बना लिया है.
शिक्षा व्यवस्था को वैसे ही बर्बाद किया है जैसा मैकाले ने किया था.
अर्थव्यवस्था को वैसे ही खोखला किया है जैसे अंग्रेजों ने किया था.
वैसे ही टैक्स लगाया जैसे अंग्रेज़ लगाते थे.
अब देशभक्तों को जेल भेज रही है जैसे अंग्रेज़ भेजते थे.
#SonamWangchuk
#SonamWangchukArrested
मोदी भक्त और बवासीर का दर्द
इस वीडियो को देखिए, ये कोचिंग वाला टीचर विपक्ष को कोस रहा है जबकि सारी जिम्मेदारी मोदी सरकार की है लेकिन मोदी का नाम लेने की हिम्मत नहीं है।
आज़मगढ़ में यूपी चुनाव की रिपोर्टिंग के दौरान एक शख्स ने कहा था कि, 'मोदी भक्तों की हालत बवासीर के मरीज़ जैसी है, दर्द बहुत होता है लेकिन किसी को बता नहीं पाते और हंसते रहना पड़ता है'
ये वीडियो देखकर आप इसका अंदाज़ा लगा लीजिए।
उन्होंने सालों पढ़ाई की। मीलों का सफ़र तय किया। बदले में खामोशी, अराजकता और लाठियाँ झेलीं। ये शोर नहीं, न्याय की पुकार है। जवाबदेही की माँग कर रहे छात्रों के साथ आप भी खड़े हों
#SSCProtest2025
“शाहरुख खान को जवान फ़िल्म के लिए बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार मिला है”🚨
“इस फ़िल्म में जो सवाल किए गए थे उससे अंधभक्त वर्ग काफ़ी नाराज हुआ था”🚨
अब तो जख्म पर नमक ही छिड़क दिया 🤣
SSC परीक्षा में लगातार हो रही गड़बड़ियों से छात्र-शिक्षक आक्रोशित हैं। सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज लोकतंत्र पर सवाल उठाता है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही ज़रूरी है, वरना युवाओं का विश्वास और भविष्य दोनों खतरे में हैं।
#sscprotest #SSC_System_Sudharo #SSC_System_Sudharo #SSCVendorFailure #SSC_VENDOR_FAILURE #sscreform #sscReforms2025
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के गृह जनपद गोरखपुर में स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्र के घायल होने की घटना बेहद पीड़ादायक है और सोचने का गंभीर विषय भी। साथ ही, यह पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है — यह कैसा “डबल इंजन” विकास है?
बालापार स्थित सरकारी कंपोजिट स्कूल में कक्षा के दौरान प्लास्टर गिरने से एक मासूम छात्र घायल हो गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई गंभीर जनहानि नहीं हुई।
यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत और लापरवाह व्यवस्था की पोल खोलती है — और वो भी उस ज़िले में, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का "नमूना विकास" कहा जाता है।
मैं घायल छात्र के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ और उसके परिवार के साथ एकजुटता प्रकट करता हूँ।
मैं @UPGovt से मांग करता हूँ कि:
पूरे स्कूल भवन की तत्काल मरम्मत एवं सुरक्षा जांच करवाई जाए।
इस लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
छात्र को उचित मुआवज़ा, समुचित इलाज और उसके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।
केंद्र सरकार द्वारा देशभर के सभी स्कूलों की सुरक्षा ऑडिट के आदेश का सख्ती से पालन हो और उसे धरातल पर उतारा जाए।
यदि मुख्यमंत्री जी के जिले में भी बच्चे खुद को स्कूल में सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते, तो यह पूरे राज्य की स्थिति का संकेत है।
हम बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और गरिमा से कोई समझौता नहीं होने देंगे। यह मुद्दा लोकसभा से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाया जाएगा।
मैं नहीं डरता समाज के उन दो-चार चाटुकार लोगों से,मैं डरता हूँ तो उन अपनों से डरता हूं ,जो उन चार लोगों की बातों में आकर मेरे ही किरदार पर उँगली उठाने लगते है…
वक्त भी बदल जाता है, और तारीख भी बदल जाती है,पर अंधभक्त और स्वार्थी लोग अपनी फितरत कभी नहीं छोड़ सकते
#Rajatkalsan