वेदों के पुनरुद्धारक एवं स्वधर्म, स्वभाषा, स्वराष्ट्र और स्वसंस्कृति के अग्रदूत पाँच हजार वर्ष से गहरी निंद्रा में बेहोश होकर सो रहे समस्त संसार को झकझोर कर जगाने वाले महर्षि दयानन्द सरस्वती के बोधोत्सव पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
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