मेरे संज्ञान में आया है कि दंड वसूली काफी धीमी गति से हो रहा है, मेरे द्वारा देखे जाने वाले जिलों, मंडलो में इसको त्वरित गति से कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संदर्भ में नियोक्ता प्राधिकारियों/जिलाधिकारीयों से वार्ता गतिमान हैं। जल्द ही इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
लेकिन कुछ कथित RTI एक्टिविस्ट श्री अजय उप्रेती जी @InformationAjay को भी बुरा भला कहने से परहेज नहीं करते थे। ऐसे कथित RTI एक्टिविस्टों ने उनके विरुद्ध उल जलूल शिकायतें भी करीं थी। भगवान ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दे। उनके कार्यकाल में उप्रेती जी ने उप्र SIC में सबसे अच्छा कार्य किया
आप सभी को सूचित किया जाता है कि सुनवाई कक्ष संख्या एस-6 को आवंटित मंडल 1-आगरा मण्डल, 2-अलीगढ़ मण्डल, 3-वाराणसी मण्डल जो एस-6 को आवंटित हैं, के प्रकरणों में कोविड मामलो की गंभीरता देखते हुए जो महिला अपीलकर्ता/शिकायतकर्ता 60 वर्ष से अधिक उम्र की है,
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आयोग द्वारा एक व्यक्ति की जाति बदल देने के प्रकरण में उपजिलाधिकारी व तहसीलदार पर पृथक-पृथक 25-25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है इस प्रकरण में वादी का कथन था कि उनकी पत्नी मैथिल ब्राह्मण जाति की हैं जबकि प्रशासन द्वारा उन्हें बढ़ई जाति का दिखाया जा रहा है। 1/2
सूचना के अधिकार कानून में जानकारी नहीं देने पर और बार-बार आयोग के आदेश की अवहेलना करने पर संबंधित लोक सूचना अधिकारी एवं लोक प्राधिकारियों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंटी भी जारी हो सकता है....
संपर्क 9589152587
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आरटीआई के तहत सूचना न देने पर हुई बड़ी कार्यवाही ....जाति प्रमाण पत्र और नियुक्ति संबंधी दस्तावेज की जानकारी छुपाने के लिए अफसर पर जुर्माना लगाया गया है मामला जबलपुर रेंज का है.... माननीय @rahulreports जी की कार्यवाही...
@BarethNarayan@InformationAjay@nikhilmkss@shaileshgan
माननीय @InformationAjay सर क्या आप भी अपने जरूरी निर्णय साझा कर सकते है जिससे reference लिया जा सके जिस प्रकार मध्य प्रदेश के सूचना आयुक्त माननीय @rahulreports सर करते हैं
सरकारी कर्मचारी का जाति प्रमाण पत्र RTI के तहत पब्लिक डॉक्युमेंट: सूचना आयुक्त - NEWS TODAY #HindiNews#MadhyaPradesh@rahulreports
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सूचना न देने पर चार बिजली अभियन्ताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट। राज्य सूचना आयोग ने पहली बार लिया इतना कड़ा निर्णय। उत्तरप्रदेश राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती के कार्यशैली की मैं भूरि भूरि प्रशंसा करता हूं। लापरवाह,अकर्मण्य अधिकारियों पर गाज गिराना जरूरी
गिरफ्तारी वारंट राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती द्वारा आरटीआई अधिनियम की धारा 18 उपधारा 3 के प्रावधानों और नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) अधिनियम 1908 में दी गई शक्तियों के अनुसार जारी किया गया है।
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कई बार प्रशासन स्तर पर सूचना आयोग के आदेशों की लगातार अवेहलना होती है तो आयोग को अधिनियम के प्रावधानों को लागू कराने के लिए दोषी अधिकारियों के विरूद्ध वारंट तक जारी करना पड़ता है। उप्र सूचना आयुक्त श्री @InformationAjay ने पारदर्शी व्यवस्था को सुनिश्चित करते हुए कार्रवाई की है।