ये लोग कौन हैं जो लाठी लेकर आए थे? एक समय था जब क्राइम रिपोर्टर पुलिस से पहले बता देते थे। लगता है अब वे भी व्हाट्स ग्रुप के खटाल में बाँध दिए गए हैं। JNU के साबरमती हॉस्टल में अचानक गुंडे घुस आए। उस केस का क्या हुआ? किसी को सज़ा हुई?
शिक्षकों के सम्मान में बबीता मैडम भी आ गई मैदान में..
उन्होंने जबरदस्त ढंग से अंजना को रेलते हुए कहा कि अगर अंजना टीचरों को कह रही है कि टीचर दो कौड़ी की है तो अंजना खुद फूटी कौड़ी की ठहरी..!
If the govt tries to stop this protest or arrest @abhijeet_dipke it will only fuel the GenZ movement. The govt should know that they are playing with fire by trying to stifle this peaceful movement
पेपर लीक होने पर बच्चों पर ही नहीं उनके माँ-बाप पर भी बहुत बुरा असर पड़ता है, इस हिंदू भाई की बात सुनिए..
"महाकाल की सौगंध खाकर कहता हूँ, जनेऊ की क़सम खाकर कहता हूँ, मैं अब मोदी को वोट नहीं दूँगा
अब कभी BJP को वोट नहीं दूँगा मैं 💔😡
मेरे बच्चे का भविष्य ख़राब कर दिया इस मोदी ने"
धीरे धीरे ही सही मेरे देश की जनता जाग रही है, ये किसी पार्टी का नहीं, देश का असली हिंदू है
आप भी अगर सच्चे देश भक्त है तो अपने बच्चों के भविष्य के लिए आवाज़ उठाओ, जाग जाओ
घोड़े खोल दिए गए हैं, रेलाई दसों दिशाओं से जारी है,कोई बचने न पाए.
इसी लिए सभी को एक साथ आ ऐसे ही वीडियो बना बनाकर रेलाई करते रहना है.
तब तक रेलना है जब तक कि नाक रगड़ कर माफ़ी न मांग ले यह लोग टीचर्स और देशवासियों से.
NEET पेपर लीक हुई, तो इन शिक्षकों ने ही आवाज़ उठाई!
CBSE में गलत चेकिंग हुई, इन शिक्षकों ने ही आवाज़ उठाई!
CUET में गड़बड़ी हुई, तो इन शिक्षकों ने ही आवाज़ उठाई!
जब-जब बच्चों को दिक्कत हुई है, तो इन यूट्यूबर शिक्षक ही बच्चों के सपोर्ट में आगे आए है!
अंजना जैसे सरकारी द'लाल देश का भला कभी नहीं कर सकते!
साधु का वेश धारण कर आस्था का सम्मान पाने वाले यदि अपने ही उपदेशों के विपरीत आचरण करें, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। धर्म केवल वेशभूषा से नहीं, बल्कि आचरण और अनुशासन से पहचाना जाता है।
6 जून को भारत आ रहे कॉकरोच जनता पार्टी चीफ अभिजीत दीपके, करेंगे जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का मांगने आ रहे इस्तीफ़ा
@abhijeet_dipke | Abhijeet Dipke | Cockroach Janta Party
सूर्या चौहान की हत्या असद ने की . असद मुस्लिम था…
चिराग त्यागी की हत्या यश ने की… यश हिंदू है…
दोनों घटनाएँ गाज़ियाबाद जिले की हैं . दोनों मामलों में हत्यारे मृतकों के दोस्त थे . दोनों हत्याएँ सुनियोजित तरीके से की गईं . दोनों घटनाएं यूपी में हुई . क़ानून के मुताबिक दोनों मामलों में सख्त सज़ा का प्रावधान है . लेकिन दोनों घटनाओं में फर्क क्या है ? सूर्या का कातिल मुस्लिम है ,चिराग का कातिल हिंदू है . सूर्या के क़ातिल असद को योगी की पुलिस ने एनकाउंटर में मारने का दावा किया है. सूर्या चौहान की हत्या को लेकर बीजेपी सांसद , विधायक और मंत्री समेत तमाम हिंदू संगठनों ने मोर्चा संभाल रखा है. योगी आदित्यानाथ तक बयान दे चुके हैं . हत्यारे असद की आड़ में बीजेपी और मीडिया का ज्वाइंट बेंचर अपने काम पर लग गया है. असद का मुसलमान होना ही टीवी चैनलों के लिए एजेंडा बन गया है . सोशल मीडिया पर मामले पर काफी ज़्यादा आउटरेज देखा जा रहा है लेकिन सवाल ये है कि क्या चिराग त्यागी के मामले में भी वैसा ही आक्रोश क्यों नहीं दिख रहा है ? आख़िर सूर्या की हत्या पर आवाज़ बुलंद करने वाले चिराग की हत्या पर उतने मुखर क्यों नहीं दिखे ? हत्या तो दोनों की हुई लेकिन चिराग की हत्या को बीजेपी नेता और हिंदुवादी संगठन मुद्दा क्यों नहीं बना रहे हैं ? वजह सिर्फ एक है . पैरा एथलीट चिराग त्यागी का हत्यारा हिंदू है , मुसलमान नहीं . इसमें हिंदू- मुस्लिम एंगल नहीं है .