Meeting Madam @DianaFoxCarney , First Lady of Canada 🇨🇦 at her recent 4 day trip to India with Prime Minister Mark Carney. India-Canada bilateral ties and joyful exchanges includes art and literature. Honoured to have presented my book India Good Stories Untold & Mata Ni Pachedi
Chandrayaan-3 Mission:
'India🇮🇳,
I reached my destination
and you too!'
: Chandrayaan-3
Chandrayaan-3 has successfully
soft-landed on the moon 🌖!.
Congratulations, India🇮🇳!
#Chandrayaan_3#Ch3
Iam very proud that this Kashan in Iran is chosen as World Craft City of Traditional Textiles and iam one of the proud Juror 🙌 The fabulous Zarbaf and the weaving speaks for itself. Congratulations to all the people behind✨
#kashan#iran#worldcity#heritage#textiles
प्राचीन समय भारत मे कभी छुआछुत रहा ही नहीं, और ना ही कभी जातियाँ भेदभाव का कारण होती थी चलिए हजारो साल पुराना इतिहास पढ़ते हैं..!!
सम्राट शांतनु ने विवाह किया एक मछवारे की पुत्री सत्यवती से उनका बेटा ही राजा बने इसलिए भीष्म ने विवाह न करके,आजीवन संतानहीन रहने की भीष्म प्रतिज्ञा की
सत्यवती के बेटे बाद में क्षत्रिय बन गए, जिनके लिए भीष्म आजीवन अविवाहित रहे, क्या उनका शोषण होता होगा..?
महाभारत लिखने वाले वेद व्यास भी मछवारे थे, पर महर्षि बन गए, गुरुकुल चलाते थे वो
विदुर, जिन्हें महा पंडित कहा जाता है वो एक दासी के पुत्र थे, हस्तिनापुर के महामंत्री बने, उनकी लिखी हुई विदुर नीति, राजनीति का एक महाग्रन्थ है
भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया
श्रीकृष्ण दूध का व्यवसाय करने वालों के परिवार से थे,
उनके भाई बलरा��� खेती करते थे, हमेशा हल साथ रखते थे।
यादव क्षत्रिय रहे हैं, कई प्रान्तों पर शासन किया और श्री कृष्ण सबके पूजनीय हैं, गीता जैसा ग्रन्थ विश्व को दिया
राम के साथ वनवासी निषादराज गुरुकुल में पढ़ते थे
उनके पुत्र लव कुश महर्षि वाल्मीकि के गुरुकुल में पढ़े जो वनवासी थे
तो ये हो गयी वैदिक काल ��ी बात, स्पष्ट है कोई किसी का शोषण नहीं करता था,सबको शिक्षा का अधिकार था, कोई भी पद तक पहुंच सकता था अपनी योग्यता के अनुसार
वर्ण सिर्फ काम के आधार पर थे वो बदले जा सकते थे, जिसको आज इकोनॉमिक्स में डिवीज़न ऑफ़ लेबर कहते हैं वो ही
प्राचीन भारत की बात करें, तो भारत के सबसे बड़े जनपद मगध पर जिस नन्द वंश का राज रहा वो जाति से नाई थे
नन्द वंश की शुरुवात महापद्मनंद ने की थी जो की राजा नाई थे बाद में वो रा��ा बन गए फिर उनके बेटे भी, बाद में सभी क्षत्रिय ही कहलाये
उसके बाद मौर्य वंश का पूरे देश पर राज हुआ, जिसकी शुरुआत चन्द्रगुप्त से हुई,जो कि एक मोर पालने वाले परिवार से थे और एक ब्राह्मण चाणक्य ने उन्हें पूरे देश का सम्राट बनाया 506 साल देश पर मौर्यों का राज रहा
फिर गुप्त वंश का राज हुआ, जो कि घोड़े का अस्तबल चलाते थे ��र घोड़ों का व्यापार करते थे 140 साल देश पर गुप्ताओं का राज रहा
केवल पुष्यमित्र शुंग के 36 साल के राज को छोड़ कर 92% समय प्राचीन काल में देश में शासन उन्ही का रहा, जिन्हें आज दलित पिछड़ा कहते हैं तो शोषण कहां से हो गया? यहां भी कोई शोषण वाली बात नहीं है
फिर शुरू होता है मध्यकालीन भारत का समय जो सन 1100- 1750 तक है, इस दौरान अधिकतर समय, अधिकतर जगह मुस्लिम आक्रमणकारियो का समय रहा और कुछ स्थानों पर उनका शासन भी चला
अंत में मराठों का उदय हुआ, बाजी राव पेशवा जो कि ब्राह्मण थे, ने गाय चराने वाले गायकवाड़ को गुजरात का राजा बनाया, चरवाहा जाति के होलकर को मालवा का राजा बनाया
अहिल्या बाई होलकर खुद बहुत बड़ी शिवभक्त थी ढेरों मंदिर गुरुकुल उन्होंने बनवाये
मीरा बाई जो कि राजपूत थी, उनके गुरु एक चर्मकार रविदास थे और रविदास के गुरु ब्राह्मण रामानंद थे
��हां भी शोषण वाली बात कहीं नहीं है।
मुग़ल काल से देश में गंदगी शुरू हो गई और यहां से पर्दा प्रथा, गुलाम प्रथा, बाल विवाह जैसी चीजें शुरू होती हैं
1800 -1947 तक अंग्रेजो के शासन रहा और यहीं से जातिवाद शुरू हुआ जो उन्होंने फूट डालो और राज करो की नीति के तहत किया
अंग्रेज अधिकारी निकोलस डार्क की किताब "कास्ट ऑफ़ माइंड" में मिल जाएगा कि कैसे अंग्रेजों ने जातिवाद, छुआछूत को बढ़ाया और कैसे स्वार्थी भारतीय नेताओं ने अपने स्वार्थ में इसका राजनीतिकरण किया
इन हजारों सालों के इतिहास में देश में कई विदेशी आये जिन्होंने भारत की सामाजिक स्थिति पर किताबें लिखी हैं, जैसे कि मेगास्थनीज ने इंडिका लिखी, फाहियान, ह्यू सांग और अलबरूनी जैसे कई किसी ने भी नहीं लिखा की यहां किसी का शोषण होता था
योगी आदित्यनाथ जो ब्राह्मण नहीं हैं, गोरखपुर मंदिर के महंत हैं, पिछड़ी जाति की उमा भारती मह�� मंडलेश्वर रही हैं जन्म आधारित जाति को छुआछुत व्यवस्था हिन्दुओ को कमजोर करने के लिए लाई गई थी
इसलिए भारतीय होने पर गर्व करें और घृणा, द्वेष और भेदभाव के षड्यंत्रों से खुद भी बचें और औरों को भी बचाएं..!
जय श्रीराम 🚩🙏💐❣️
#सनातन_धर्म_ही_सर्वश्रेष्ठ_है
All India Cine Workers Association write to Prime Minister Narendra Modi, requesting him to "stop screening the movie and immediately order a ban of #Adipurush screening in the theatres and OTT platforms in the future.
"We need FIR against Director Om Raut, dialogue writer Manoj Mantashir Shukla and the producers of the film..," reads their letter.
विनाश काले विपरीत बुद्धि |
#BoycottAdipurush Adipurush dialogues have shown that how can one turn an opportunity into disaster.A project one could be proud for the lifetime has now become a curse for makers/dialogue writer.
The new Parliament building will make every Indian proud. This video offers a glimpse of this iconic building. I have a special request- share this video with your own voice-over, which conveys your thoughts. I will re-Tweet some of them. Don’t forget to use #MyParliamentMyPride.
Gifting Krishna to Canadian Honourable Minister of Foreign Affair Ms Mélanie Joly and HE High Commissioner Mr Cameron MacKay at a luncheon in Delhi. Canada is a steadfast supporter of women’s empowerment & Feminist Foreign policy @melaniejoly@HCCanInd
We must celebrate the women who empower each other and make the world a better, safer, more inclusive place for all.
It was an honour to meet women of all backgrounds, who are championing education, promotions open dialogue and defying traditional gender norms.