संसद जैसी लोकतांत्रिक संस्था में दिया गया हर शब्द करोड़ों लोगों के विश्वास से जुड़ा होता है।इतने गंभीर मामलों में हर शब्द की ज़िम्मेदारी होती है।जनता तो इतनी भोली है कि हर बार कुछ भी कह दीजिए और इन्हें लगता है लोग भूल जाएँगे? जनता सब देख रही है, सब समझ रही है और समय आने पर हर बात का हिसाब भी करेगी। @rajnathsingh जवाब दे और बताए कि सच क्या है?
और राजस्थान की ये सभी भर्तियाँ 3-4-5 वर्ष के नियमित अंतराल में आयोजित हुई हैं ना की हमारी तरह 15-20 वर्षों के वनवास के बाद
सोचने वाली बात क्या है?
*राजस्थान में भी वही सरकार है जो मध्य प्रदेश में है। लेकिन वहां 5 साल के भीतर संविदा बेस पर काम करने वाले डॉक्टर्स स्थायी हो जाते
*मध्य प्रदेश के आयुष डॉक्टर्स और संगठनों के नाम एक खुला संदेश*
*मध्य प्रदेश में आयुष भर्तियों की जमीनी हकीकत:*
1. MP NHM RBSK Medical Officer: 2026 में केवल 328 पद।
2. MP AMO (Ayush Medical Officer): सिर्फ 110 पद आए और उस पर भी स्टे (Stay) लग गया।
3. CHO Recruitment: pending
जरा पड़ोसी राज्य राजस्थान की तरफ देखिए:
1. (CHO) - 2025: RSSB द्वारा 8 जून 2025 को परीक्षा आयोजित की गई कुल 4000 पद।
2. AMO - 2025: RSSB द्वारा 26 Dec को परीक्षा आयोजित की गई कुल 1,535 पद।
3. Ayush Doctor Vacancy - 2026: DSRRA द्वारा 4july 2026 को परीक्षा प्रस्तावित |
मध्य प्रदेश में आयुष भर्तियों की जमीनी हकीकत:*
1.NHM RBSK Medical Officer: 2026 में केवल 328 पद।
2.AMO (Ayush Medical Officer): सिर्फ 110 पद आए और उस पर भी स्टे (Stay) लग गया।
3.CHO : लंबे समय से पेंडिंग पड़ी है।
मध्य प्रदेश की स्थिति बस इतनी ही सीमित है?
@ayush_mp@moayush
Dear Dharmendra Uncle,
@dpradhanbjp
Happy Birthday. You turn 57 today. We couldn't even reach half your age.
Yours,
Late Ritik Mishra
Late Anshika Pandey
Late Bhagyashree
Late Umesh Mali
Late Riya Kumari Thapa
Late Anukeerthana
Late Rima Begum
Late Siddharth Hegde
Late Pradeep Meghwal
Late Shivani Yadav
Late Renu Meena
Late Akansha
Late Kahan Patel
Late Maithili Sonwane
💔 आज देश का बड़ा संकट ये नहीं है कि भ्रष्टाचार के आरोप सामने नहीं आते, मंत्री या मुख्यमंत्री Exposed नहीं होते। बल्कि कुछ ही घंटों बाद इतनी बड़ी PR active हो जाती है कि पूरा narrative बदल जाता है।
किसी पर बड़ा आरोप लगता है, कोई मामला सामने आता है, कुछ तथ्य निकलते हैं... लेकिन 4–5 घंटे भी नहीं बीतते कि सोशल मीडिया पर इतनी PR , इतना propaganda और इतना शोर खड़ा कर दिया जाता है कि लोगों को लगने लगता है- शायद पहले जो बताया गया था, वही गलत था।
आज सही और गलत का फैसला अदालत से पहले सोशल मीडिया की PR मशीनें देती हैं।
सच कहीं पीछे छूट गया है। खेल सिर्फ़ इतना है कि एक झूठ को बार-बार दोहराओ, उसे इतना फैलाओ कि वही सच जैसा दिखने लगे।
सबसे बड़ा नुकसान देश का हो रहा है। जब हर मुद्दे को मैनेज कर दो। हर सवाल को ट्रेंड से दबा दो और हर आरोप को narrative बदलकर धुंधला कर दो और फिर जवाबदेही खत्म।
एक पीड़ा इस बात की है कि जिन लोगों से आवाज़ उठाने की उम्मीद थी, उनमें से बहुत से लोग चुप हैं और जो विपक्ष में हैं, उनका विरोध भी इतना हल्का होता है कि लगता है जैसे वे भी पूरी ताकत से लड़ना नहीं चाहते। शायद उन्हें भी डर है कि कहीं उनके अपने पुराने काले कारनामे सामने न आ जाएँ।
और अब हालत ये है कि बड़े-बड़े भ्रष्टाचार भी धीरे-धीरे सामान्य लगने लगे हैं।यही किसी भी लोकतंत्र के लिए सबसे खतरनाक स्थिति है- जब जनता सवाल पूछना छोड़ दे और narrative ही सच लगने लगे।
इसका सबसे बड़ा नुकसान आज नहीं, आने वाली पीढ़ियाँ भुगतेंगी।धीरे-धीरे समाज सवाल पूछना छोड़ देगा। भ्रष्टाचार सामान्य लगने लगेगा। लोग सोचेंगे- सब चलता है, इससे लड़कर भी क्या होगा? यही किसी राष्ट्र की सबसे ख़तरनाक हार है, जिस देश की जनता सच और झूठ में फर्क करना छोड़ दे ।
आज सच बिना PR के लगभग शून्य हो गया है झूठ PR के सहारे सच में बदलता हुआ दिखने लग रहा है।💔
“Commendable Efforts”- This is how PM celebrates NEET, NTA, CBSE and NEP disasters…
While tens of student died thousands demanding resignation of Shiksha Mantri , he chose to publicly rub salt to injury of youth.
ये IPS ऑफिसर हमें गोली मारने की बात कर रहा है। भाई सामने खड़े हैं, बता कहाँ आना है गोली खाने… क़सम है पीठ नहीं दिखाएँगे, सीने पे खाएँगे तेरी गोली। यो ही रह गया है अब हमारे साथ करना तो यो भी सही।
जहां नई संसद के उद्घाटन के ज़रिये भारत के मज़बूत लोकतंत्र का संदेश दिया जा रहा है वहीं किसान नेताओं और शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों की देर रात से पकड़ पकड़के गिरफ़्तारी की जा रही है। क्या ये लोकतंत्र का अपमान नहीं है ?
हम आपके बच्चे हैं, आपके आशीर्वाद से हम हैं। हम इंसाफ़ के बिना कहीं नहीं जाने वाले। हसते हसते सर कटवा लेंगे लेकिन बेटियों का हौसला नहीं टूटने देंगे। इंक़िलाब ज़िंदाबाद ! जय हिन्द 🇮🇳
रात 2:30 बजे PGI रोहतक में पुलिसिया बर्बरता झेल रहे इन छात्रों का कसूर सिर्फ ये है कि इनने गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों में पैदा होकर डॉक्टर बनने का ख्वाब देखा।
हुड्डा सरकार के दौरान MBBS की 20,000 Rs फीस थी उसे खट्टर सरकार ने बढ़ा 40 लाख कर दिया है। मां-बाप इतने पैसे कहां से लाए?
#MBBS students being thrashed and forced to stop them from protesting silently against something unfair, is what our country has come to now. I would have not become a doctor if I had to pay 10 lakh Rs per year. Never. They're snatching the opportunity from so many kids.#Haryana
We demand immediate release of the MBBS students who were silently protesting against the exorbitant fee and bond policy of 40 lakhs by Haryana Govt.
Their demand is genuine and should be solved. We urge @cmohry@anilvijminister to immediately release students. @PoliceHaryana