#बापूजी_निर्दोष_हैं
बापूजी ने बहुत जगहो पर धर्मांतरण रोका ��ै और लाखों करोडो लोगों के जीवन को उन्नत दिशा दी है। बापूजी के साथ जो हुआ वह एक षड्यंत्र है।
कलह-क्लेश, रोग व दुर्बलता कैसे मिटायें ?
जिसको घर में कलह-क्लेश, रोग शारीरिक दुर्बलता मिटाना हो वह इस चौपाई की पुनरावृति किया करे :
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार ।
बल बुधि बि��्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार ।।
दिसम्बर 2020, अंक 336, पेज 33
#AsharamjiBapuQuotes #RishiPrasad #Magazine #Bapuji
जो मिलता है सो बिछड़ता है, जो उगता है वो अस्त होता है। जो फरता है सो झरता है, जो खिलता है सो मुरझाता है और जो आता है सो जाता है।
#NarayanSai#DailyQuote
#shorts
प्रभु! हम संसारी आदमी नहीं जानते,लेकिन तेरी कृपा.. जो कुछ होता है,भले के लिए होता है।
हमें तेरे ध्यान में डूबा दे,प्रभु!
मन ही मन भगवान को अपना मानकर प्रेम से उसका ध्यान करना चाहिए।
उनको अपनी बात सुनाना चाहिए,
तुम्हारे दिल में बैठा वो सुनता है,
वो जवाब भी देता है।
#Bapuji
विद्यार्थी विशेष
परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए क्या करोगे ?
तिलक लगाने की जगह पर गणेशजी की अथवा ‘गं’ अक्षर की कल्पना करो और ‘गं गं गं गणपतये नम...’ ऐसा थोड़ा जप करके फिर उत्तर लिखो । सरल प्रश्न तो सरल होंगे ही, कठिन का बाप भी सरल हो जायेगा…!-पूज्य बापूजी
मई 2024, अंक 377, पेज 19
#AsharamjiBapuQuotes #RishiPrasad #Magazine #Bapuji
साधारण विद्यार्थी बना साइंटिफिक ऑफिसर
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जब मैं 5वीं कक्षा में था तभी से मेरा मन पढ़ाई से उचट गया था और मैं चिड़चिड़ा-सा हो गया था । इससे मेरी माता परेशान हो गयी । बहुत मेहनत करने पर भी मुझे परीक्षा में 50-55% अंक ही आ पाते थे । मेरे माता-पिता ने मुझे पूज्य बापूजी से मंत्रदीक्षा दिला दी । प���ज्यश्री ने जो जप-ध्यान व युक्तियाँ बतायी थीं, उनके कुछ ही दिनों के अभ्यास से मेरे स्वभाव में बदलाव व मन में शांति आने लगी । पढ़ाई में भी अच्छे अंक आने लगे । बायोटेक्नोलॉजी से ‘ए’ ग्रेड से एम.एससी. पास की ।
पूज्य बापूजी तुलसी की बहुत महिमा बताते हैं । अतः मैंने ‘महावीर कैंसर इंस्टीट्यूट, पटना’ में तुलसी पर रिसर्च चालू किया और तुलसी की पत्तियों से मधुमेह के इलाज में सफलता पायी । मेरे रिसर्च को ��हुत सराहा गया व ‘इंटरनेशनल जरनल ऑफ करेंट माइक्रोबायोलॉजी एंड एप्लाइड साइंस’ में प्रकाशित किया गया .....
#Shorts
गुण बढ़ाने चाहिए,दोष घटाने चाहिए,ये तो ठीक है..लेकिन इसमें पूर्ण सफलता तब मिलेगी,जब इनके साथ संबंध-विच्छेद करने का ज्ञान आ जाए।
जब तक उस ज्ञान का आदर नहीं करेंगे,तब तक दोष तो दोष है,लेकिन गुण भी दोष का काम करेंगे।
अपने को श्रेष्ठ मानने,गुणवान मानने का दोष आ जाएगा।
#Bapuji
#shorts#RishiDarshan#Magazine
157th EDITION
#TRAILER [ JANUARY 2025]
॰मन को रोकने का सुगम उपाय-दुर्लभ सत्संग
॰सर्पासन-योगासन
॰मूँग का पौष्टिक हलवा
॰आत्म शांति की ओर-ध्यान
॰और बहुत कुछ..
ऋषि दर्शन का सदस्यता शुल्क-
1 वर्ष - 120₹
2 वर्ष - 240₹
5 वर्ष - 500₹
#AsharamjiBapu
#गुरु_गोविन्दसिंहजी जयंती- 6 जनवरी
इन महात्मा ने देश के शत्रुओं के विरुद्ध लोहा लिया, हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए अपने हृदय का रक्त बहाया, अपने पुत्रों को अपनी आँखों के सामने मौत के घाट उतरते देखा, पर जिनके लिए इन्होंने सब किया उन्हीं लोगों ने इन्हें त्याग दिया।
फिर भी उन कृतघ्न देशवासियों के प्रति कभी अभिशाप का एक शब्द भी मुँह से नहीं निकाला ।-स्वामी विवेकानंदजी
जनवरी 2005, अंक 145, पेज 14
#AsharamjiBapu #RishiPrasad
#magazine
अच्युत की संपूर्ण आराधना कैसे हो?
‘समत्वमाराधनमच्युतस्य’ - समता ही अच्युत की वास्तविक आराधना है ।
कोई भी परिस्थिति आये जाय, वाह-वाह !
दिसम्बर 2012, अंक 240, पेज 6
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#Shorts
कर्ता अगर मूल स्वरूप को नहीं पहचानेगा तो महाराज..
कर्ता ने पति होकर पत्नी के साथ कर्तव्य निभा लिया तो क्या हो गया?
कर्ता ने जीव होकर ईश्वर के साथ कर्तव्य निभाया तो क्या हो गया?
कर्ता ने अपने वास्तविक मूल स्वरूप को जब तक नहीं जाना.. तब तक कर्ता घाटे में रह जाता है।
#Bapuji
क्यों आते है सुख दुःख?
दुःख डराने के लिए नहीं आते हैं, आपके विकास के लिए आते हैं और सुख विकारी बनाने के लिए नहीं आते, आपको उदा��� बनाने के लिए आते हैं ।
सितम्बर 2015, अंक 273, पेज 24
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सूर्य ढलने से पहले अपना रास्ता तय कर लेना...
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‘जब तक यह शरीर स्वस्थ है और वृद्धावस्था दूर है तथा जब तक इन्द्रियों की शक्ति नष्ट नहीं हुई है एवं आयु का क्षय नहीं हुआ है तभी तक समझदार मनुष्य को आत्मकल्याण के लिए महान प्रयत्न कर लेना चाहिए अन्यथा घर में आग लग जाने पर कुआँ खोदने के लिए परिश्रम करने से क्या लाभ?’ (वैराग्य शतक: 75)
#SantShriAsharamjiBapu
भर्तृहरिजी महाराज समझा रहे हैं कि जब तक शरीर में सामर्थ्य है, तब तक हमें अपनी पूरी शक्ति लगाकर मानव-जीवन के परम लक्ष्य परमात्मप्राप्ति को पा लेना चाहिए क्योंकि वृद्धावस्था आने पर न तो हमारा शरीर स���धना के योग्य रह जाता है और न ही मन-बुद्धि एकाग्र हो पाते हैं ।
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परिक्रमा में सावधानी !
(१) परिक्रमा के दौरान मन में दुर्भावना, क्रोध, तनाव आदि विकार न आने दें ।
(२) मन में मंत्रजप करते हुए या शांत भाव ���े परिक्रमा करें ।
(३) परिक्रमा करने के बाद इष्ट या सद्गुरुदेव से प्रार्थना करके कुछ मिनट बिल्कुल शांत होकर बैठें ।
फरवरी 2022, अंक 350, पेज 22
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#Bapuji #WednesdayWisdom