1. Bro got rejected so hard, he started conducting surveys. 💀😂
2. 78%? Bro, your imagination needs a fact-check. 🤣
3. Source: Trust me bro, I asked 100 women in my dreams. 😭😂
4. Bro really said, “I have data” instead of admitting he’s just curious. 💀
5. The confidence is 100%, the evidence is 0%. 😂📊
6. Not every thought that crosses your mind deserves a percentage, bro. 🤣
7. Bro turned his personal curiosity into a national statistic. 💀😂
8. Those aren't survey results, bro. That's your search history talking. 😭🔥
9. 78% of women? And 100% of bros believe everything they read online. 😂
10. If you have actual research, show it. If not, stop presenting fantasies as facts. 💀
@BeingSalmanKhan A legend in his own right, but forever a son in his father’s eyes. ❤️👑 Baap baap hota hai! Respect, love, and legacy — Salman Khan. 🙏❤️
@BJP4India जनता के फैसले पर सवाल उठाना आसान है, लेकिन हर हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़कर कोई नेता नहीं बन जाता। 😂 राहुल गांधी जी, लोकतंत्र में सत्ता जनता देती है और जनता ही छीनती है—साजिशों के आरोप लगाने से नहीं, जनता का विश्वास जीतने से सत्ता मिलती है! 🔥🇮🇳
@BJP4India@narendramodi लद्दाख में संभावनाएँ तो अपार हैं, बस ज़रूरत है युवाओं को बेहतर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक ट्रेनिंग और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर देने की। 🇮🇳 युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं, उन्हें सही मंच और सरकार का निरंतर सहयोग मिलना चाहिए। 💪
@HasnaZaruriHai कंपाउंडर हैरान होकर बोला, “भाई साहब, नींद से उठने की दवाई नहीं, अलार्म लगाइए!”
आदमी बोला, “अरे भाई, अलार्म से तो मैं उठ जाता हूँ, लेकिन मेरी बीवी मुझे उठने ही नहीं देती!” 🤣🤣
@mediacellsp उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के मीडिया सेल की भाषा देखिए! सड़क पर सवाल का जवाब तथ्य से देने की औकात नहीं, तो गटर की भाषा पर उतर आए? पार्टी का कद बड़ा है, लेकिन आपकी सोच और संस्कार बेहद छोटे हैं। शर्म आनी चाहिए!
भाई, गाली-गलौज और चाटुकारिता की भाषा में फर्क होता है, लेकिन लगता है सपा मीडिया सेल ने दोनों का ठेका ले रखा है। 😂 @mediacellsp@yadavakhilesh@BJ
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और सपा दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है। इतनी बड़ी पार्टी के मीडिया सेल का स्तर अगर सड़क की मरम्मत पर तथ्यात्मक जवाब देने के बजाय “हगा हुआ चाटने” जैसी घटिया भाषा पर उतर आए, तो समझ लो मुद्दों पर बोलने की औकात नहीं बची है।
सड़क टूटने पर सवाल पूछो, सरकार को घेरो, सब जायज़ है—लेकिन अपनी राजनीतिक कुंठा को गटर की भाषा में परोसना पत्रकारिता नहीं, घटियापन है। पहले अपनी भाषा और राजनीतिक संस्कार सुधारो, फिर दूसरों को ज्ञान देना।