यह संदेश उस पुरानी सोच को दर्शाता है जिसमें स्त्रियों को घर के कामों तक ही सीमित माना जाता था। आज के समय में स्त्रियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उन्हें केवल घर के कामों तक सीमित नहीं माना जा सकता है।
अगर घर में काम का बँटवारा सही से न हो और सारा बोझ सिर्फ एक ही व्यक्ति पर डाला जाए, तो वह काम मजबूरी या दबाव लगने लगता है, जिसके कारण मन में झिझक या अनिच्छा पैदा हो जाती है।
#women
Update- #Panchkula School Accident: Finally, the 6-year-old innocent girl returns home from the hospital.
This is real happiness for all us. People who prayed for this angel.❤️