“जब परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याएँ सामने आती हैं, तब ध्यान भटकाकर अंजना ओम कश्यप और खान सर जैसे विवादों पर चर्चा आ जाती है। पहले अंजना शिक्षकों को दो कौड़ी का बोलती हैं, फिर जब सभी शिक्षक प्रतिक्रिया देते हैं, तो मीडिया एक सुनियोजित कथा तैयार करता है, और अंततः खान सर को बदनाम किया जाता है। इस सब में असली समस्या—जैसे पेपर लीक—पीछे रह जाती है।
🚨नोट: यह मेरी निजी राय है। मैं खान सर का स्टूडेंट हूँ, और यह ट्वीट मेरी व्यक्तिगत सोच है, इसका खान सर से कोई संबंध नहीं।”
रेलवे Group D के 32,438 पद ,अभी तक रिजल्ट जारी नहीं!
इस भर्ती से जुड़े करोड़ों युवाओं का भविष्य महीनों से अधर में लटका है। जिम्मेदार अधिकारियों को इन छात्रों के भविष्य की चिंता क्यो नहीं दिख रही है
लाखों-करोड़ों युवाओं के जीवन की दिशा को तय करने वाली ऐसी तमाम भर्ती परीक्षाओं के परिणाम क्यो लटक जाते है महीनों बाद भी कुछ पता नहीं चलता ! #rrb_groupd_result_do
मैं पूँछना चाहता हूँ युवाओ के भविष्य उनकी उम्र, उनकी मेहनत और उनके सपनों की कब कद्र की जाएगी ??..
असली दिक्कत YouTube Teachers से नहीं, बल्कि उनकी आवाज़ से है। आज किसी भी परीक्षा में गड़बड़ी हो, पेपर लीक हो, रिज़ल्ट में अन्याय हो या छात्रों के साथ गलत हो, तो यही YouTube Teachers सबसे पहले छात्रों के हक़ की लड़ाई में कूद पड़ते हैं। लाखों छात्रों की आवाज़ बन जाते हैं। सरकार पर दबाव बनता है, सवाल पूछे जाते हैं और जवाब माँगे जाते हैं।
शायद यही कारण है कि कुछ लोगों को शिक्षक नहीं, उनकी सक्रियता खटकती है।लोगों की आँखों की किरकिरी बन जाता है।
इसलिए जो बातें सत्ता सीधे नहीं कह सकती, वही बातें कुछ चेहरे अपने मुख से कह देते हैं।
ध्यान रहे कि "सरकार कहना चाहती थी, अंजना ने कह दिया"
देश के इन हालातों के लिए इस देश की मीडिया पूरी तरह जिम्मेदार है जिसने सत्ता की एक तरफा तरफदारी की और विपक्ष और देश के मुद्दों पर सवाल करने वालों को दुश्मन की तरह पेश किया।
आज YouTube मीडिया जर्नलिस्ट तक TV मीडिया को गलत कहते और रोस्ट करते दिख जाएंगे...
आज back to back paper leak हो रहे हैं, परीक्षाएँ cancel हो रही हैं, सरकार back foot पर है, असहाय महसूस कर रही है, मगर TV मीडिया और उनके so called बड़े anchors इस दर्द को अपना दर्द मानकर सरकार को बचाने के लिए बौखलाहट में कुछ भी बयान दे रहे हैं।नैतिकता भी कोई चीज़ होती है....
जैसा अंजना ने इस व्यवस्था में सबसे बड़ा दोषी YouTube Teachers को बता दिया और 2 कौड़ी तक का कह दिया.....यदि किसी व्यक्ति विशेष से असहमति थी तो उसका नाम लेकर आलोचना करती।
इसके लिए India Today @aroonpurie को और अंजना को सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफ़ी जारी करनी चाहिए, India Today के हर platform का boycott होना चाहिए और किसी भी शिक्षक को कभी वहाँ नहीं जाना चाहिए।
हमें 2 कौड़ी का कह देना उन छात्र समुदाय के दिल पर भी आघात है जो हमें गुरु मानते हैं...
अगर आज आप अपने घर में पढ़ रहे बच्चों से... सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बच्चों से पूछेंगे, तो हमारे योगदान को आपको बता पाएंगे...
पिछले 10 वर्षों से गणित पढ़ाने के साथ मैं बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रिया की खामियों, पेपर लीक और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ रहा हूँ।
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
NEET। CBSE। SSC। और आज CUET।
चार परीक्षाएँ। एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई।
दावे "विश्वगुरु" के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते - मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।
जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।
सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है।
एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं - यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है।
यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते।
केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे।
अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।
आयोग की लापरवाही और लचर व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से एक महत्वपूर्ण परीक्षा संदेह के घेरे में आ चुकी है!
लेखपाल भर्ती परीक्षा में जिस तरह से अव्यवस्थाओं और धांधली की खबरें सामने आई हैं, वह सिस्टम की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। जिन होनहार युवाओं ने अपने जीवन के कीमती वर्ष और अपना सर्वस्व इस परीक्षा की तैयारी में न्योछावर कर दिया, आज वे सड़क पर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। गरीब माता-पिता की गाढ़ी कमाई और 3 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को इस तरह शिक्षा और नकल माफियाओं की भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता।
आयोग और राज्य सरकार से पुरजोर मांग हैं कि वे इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लें। लीपापोती करने या इसे भ्रामक बताने के बजाय, आवश्यक और सख्त कार्यवाही करते हुए एक पारदर्शी, उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जाएं।
#Lekhpal_Exam_Investigation
🚨 25 MAY | 11:00 AM 🚨
अब आवाज़ दबेगी नहीं! ✊
मेहनत हमारी, न्याय भी हमारा!
युवाओं की आवाज़ बुलंद करें।
#LekhpalExamInvestigation#JusticeForStudents
एक ट्वीट नहीं, लाखों युवाओं की पुकार है! 🔥
उत्तर प्रदेश लेखपाल परीक्षा 44 जनपदों के 861 केंद्रों पर हुई परीक्षा में शामिल 3 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की सालों की मेहनत और उनके भविष्य का सवाल है! आज आप सब ने मिलकर जो #UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK का मुहिम ट्विटर पर चलाया और नंबर वन पर ट्रेंड कराया है यह आपकी एकजुटता की ताकत को दिखाता है पर हमें अभी यही नहीं रुकना है हमें फिर से इसी जोश के साथ कल यानी 25 मई को सुबह 11 बजे #LEKHPAL_EXAM_INVESTIGATION इस हैशटैग के साथ हमें फिर से कल ट्विटर पर ट्वीट करना है और इसे नंबर वन ट्रेंड कराना है और बहरी हो चुकी सरकार और यूपी UPSSSC आयोग के कानो में अपनी आवाज को पहुंचाना है क्योंकि आयोग अभी भी पेपर लीक और धांधली को भ्रामक एवं असत्य मान रहा है इसलिए जब तक निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं होगी तब तक यह नहीं पता चलेगा कि इस पेपर लीक और धांधली मे कितने सेंटर और नकल माफिया शामिल है कल आप सब ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़कर सुबह 11:00 बजे इस #LEKHPAL_EXAM_INVESTIGATION के साथ ज्यादा से ज्यादा ट्विटर पर ट्वीट करें
#lekhpalexamleak #upsssclekhpal #paperleak
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
लगातार भर्ती परीक्षाओं में loopholes, कमजोर सिस्टम और धांधलेबाजों पर सख्त कार्रवाई न होने का ही परिणाम है कि आज कोई भी परीक्षा बिना संदेह और विवाद के पूरी नहीं हो पा रही।
लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा टूटता जा रहा है। @UPGovt
UP Lekhpal Bharti में Paper leak के आरोपों की जांच कब कराएगी Yogi सरकार, UPSSSC?
नौजवान ये सवाल पूछ रहा है, Newspinch stands with this demand.
Share till it reach Authorities…
@myogioffice#uttarpradesh#up
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