आदत या नशा....
एक एहसास ,
एक ख्वाब,
और वे हिसाब तुम्हारी परवाह..
यूं मिलना,
बातें होना,
हर लम्हा ... एक दूसरे को अपनी मौजूदगी का एहसास कराना।
यूं छोटी-छोटी नोक झोक,
हां ..मैं ,तुम में ही उलझते रहना।
दोनों का जिद्दी होना...
फिर भी प्यार बेशुमार होना।
आदत कहो या लत कहो इसे,
जो हुआ ,वो तुमसे हुआ ....।।
काश यह नशा जिंदगी भर ऐसा ही रहे।
तुम रूठो मैं मनाऊं,
मैं रूठूं रहा तुमसे भी ना जाए।
#hims_talk