ZEE टीवी के मालिक सुभाष चंद्रा में 'सुरख़ाब के पर' लगे हैं क्या भाई?
कर्ज था 22006 करोड़ का , चुकाया 6.5 करोड़ और कर्जमुक्त मुक्त हो गए ?
यानि कुल कर्ज का सिर्फ 0.03 फ़ीसदी चुकाकर फ्री हो गए ?
इसी देश में लाख - दो लाख के बकाये पर बैंक वाले रिकवरी एजेंट भेज देते हैं . कुर्की का ऑर्डर ले आते हैं और लाला जी पर ऐसी मेहरबानी?
NCLT में बैठे लोगों ने किसके कहने पर ये किया ?
आदरणीय बहन मायावती जी ने वंदे मातरम पर राजनीति करने पर बीजेपी को कड़ी फटकार लगाई है.
बहन मायावती जी कहा, केंद्रीय सत्ता बदलने पर हर राजनीति दल अपने फायदे के अनुसार नियम कायदा बनाता है.
वंदे मातरम के बहाने सत्ता पक्ष अपनी कमियों को जनता से ध्यान भटकाने के लिए राजनीति कर रहा है.
आदरणीय बहन मायावती जी ने कहा देश में सबसे जरूरी मुद्दा बेरोजगारी है. Gen Z की मांग भी महत्वपूर्ण पर जिस पर सभी राजनीतिक दलों को ध्यान देना चाहिए.
आदरणीय बहन मायावती जी जब कभी भी UP की सत्ता में थी, उन्होंने धर्म या भावनात्मक राजनीति नही की, उन्होंने जवाब अपने काम से दिया. काम ऐसा किया कि आज उनका काम विकास और लॉ आर्डर पर याद किया जाता है.
इस तरह बदमाशी केवल पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में होती थी.
अब भारत में शुरू की जा रही है.
पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की आर्थिक और सामाजिक हालात क्या है दुनिया जानती है.
गरीबी, खस्ताहाल अर्थव्यवस्था और भ्रष्टाचार के तीनों देश बर्बाद हैं.
भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है. इस देश को आगे बढ़ाने के बजाय तत्कालीन राजनीतिक लाभ के लिए भारत की लोकतांत्रिक जड़ों में तेज़ाब डाला जा रहा है.
राजनीति में धर्म आ चुका है. राजनीति में अब हिंसा लाई जा रही है.
राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी के वालंटियर के साथ जो हुआ यह बताता है भारत में आज भी मजबूत लोकतंत्र नही है.
भीड़ के दम पर अगर इसी तरह किसी की आवाज कुचलने का चलन शुरू हुआ तो भारत धीरे धीरे तानाशाही की ओर बढ़ रहा है.
भारत की तानाशाही चीन की तरह विकास नही, अफ्रीका के देशों की तरह देश को बर्बाद करेगी. CJP पर हमले के मामले में राजस्थान पुलिस में दोषियों पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए.
गडकरी ने पेट्रोल में इथेनॉल मिला कर दो तरीक़े से जनता की जेब काटी है !
कम माइलेज और मैकेनिकल खर्च और अब मंहगी हो गयी चीनी का बोझ : उमाशंकर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार
तेल आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचाने के लिए गन्ने से एथनॉल बनाना शुरू किया। नतीजन चीनी की कमी हो गई। अब उस विदेशी मुद्रा से चीनी आयात करेंगे।
पूरी की पूरी अनपढ़ों की सरकार है। किसी को कुछ नहीं पता कि क्या करने से क्या होगा।
“आप हमको चाइनीज़ बोलने से बहुत गुस्सा होता है, बहुत दुखी होता है। प्लीज़ हमको ऐसे मत बोलो। हमको इंडिया बोलो इंडिया, हमको चाइनीज़ मत बोलो…”
- ईटानगर से प्यारी छोटी इंडियन की फ़रियाद
जब माइनॉरिटी के लोग साइकिल पर मोहर लगाते हैं तब भाजपा की सरकार बन जाती है !
जब माइनॉरिटी के लोग हाथी पर मोहर लगाते हैं तो बहन @Mayawati जी की सरकार बनती है !
बस इतनी सी बात मुस्लिम समाज जिस दिन समझ गया उस दिन बीजेपी दूर दूर तक नहीं दिखेगी !!
लड़की बोल रही है, हम राजपूत हैं वो छोटी जात के लोग हैं,
छोटी जात को राजपूत पर हाथ उठाने का अधिकार नही है.
मित्रों, मेरा साफ कहना है किसी को भी किसी पर हाथ उठाने का अधिकार नही है, चाहे वो कोई भी जाति धर्म अमीर या गरीब हो.
सवाल लड़की की मानसिकता का है. इस लड़की को किसने सिखाया राजपूत ऊंची जात है. और श्रमिक वर्ग छोटी जात हैं ?
लड़की को जातिवाद की ट्रेनिंग परिवार के अंदर मिली है. लड़की को जातिवाद करना उसके समाज ने सिखाया है.
सवर्ण समाज में यही सबसे बड़ी समस्या है, वो अपने बच्चों को जात पात ऊंच नीच करना सिखाते हैं. आरक्षण से नफरत करना सिखाते हैं. सवर्ण समाज के बीच समाज सुधार कार्यक्रम चलाने की बहुत बड़ी आवश्यकता है.
अंतिम पंक्ति : छोटी जाति यानी जो श्रम करते हैं, उत्पादन करते हैं. बड़ी जात यानी जो कुछ नही करते. जिनका कोई पेशा नही, उत्पादन शून्य.
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह जी की मृत्यु के उपरांत बहन जी ने अपने विधायक की ईमानदारी की तारीफ करते हुए जो भावुक बयान दिया था आज उस बयान को उमाशंकर सिंह जी की तेरहवीं के कार्यक्रम में बड़े पर्दे पर दिखाया गया ।
उस दिन अपने भाई उमाशंकर सिंह जी को खोने का दुख बहन जी के चेहरे पर साफ दिख रहा था
समाजवादी पार्टी कभी सत्ता में वापस नहीं आ सकती इसीलिए अपना वोट बर्बाद ना करें मुस्लिम भाई भी जागरूक हो गए,
भारतीय जनता पार्टी को हराना है तो बसपा सपोर्ट करें।
ब्राह्मण और ब्राह्मणोत्तर जातियों ने एक फेक नेरेटिव चलाया की आरक्षण वाले कम नंबर पर सेलेक्ट होते है इसलिए उनसे इलाज नहीं करवाना चाहिए जबकि हकीकत इसके ठीक उलट है।
Fact: NEET, MBBS में एडमिशन लेने वाले बॉटम 10,000 स्टूडेंट्स में से सबसे ज़्यादा बच्चे जनरल वर्ग के होते है।
यानी ब्राह्मणों के नेरेटिव अनुसार जनरल वर्ग से बने डॉक्टर से कतई इलाज न कराये?
एक बहादुर बसपा कार्यकर्ता ने बहन जी का विरोध करने वाले राहुल नागपाल की सारी हेकड़ी निकाल दी. उसे समझाया कि आप अपने समाज के हो, इसलिए हिंदी में समझा रहे हैं. वर्ना वो मार बजायेंगे कि चौखटा बिगाड़ देंगे.