पेपर लीक... भर्ती घोटाले... परीक्षाएं रद्द... यूपी बोर्ड परिणामों पर शिकायतें... और अब दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में रिजल्ट गड़बड़ी।
भाजपाई नाकामियों की भी हद है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस सरकार में घोटाले अपवाद नहीं, बल्कि व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं। परीक्षा हो, भर्ती हो या परिणाम, हर मोर्चे पर युवाओं की मेहनत और भविष्य सबसे आसान निशाना बनता जा रहा है।
युवाओं का भविष्य इन नाकामियों के बोझ तले दबता जा रहा है।
जल जंगल और ज़मीन के रखवाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांतिवीर जननायक धरती आबा बिरसा मुंडा जी के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन। जय भीम, जय भारत, हूल जोहार।
राजकीय मेडिकल कॉलेज, बिजनौर एवं संबद्ध चिकित्सालयों में स्टाफ नर्सों के रिक्त पदों को तत्काल भरने के संबंध में माननीय उपमुख्यमंत्री @brajeshpathakup जी को पत्र लिखा
@UPGovt
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भिंड निवासी 15 वर्षीय दलित नाबालिग बेटी को बेचने, उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने, हत्या करने तथा सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की घटना अत्यंत भयावह एवं दण्डनीय है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है, बल्कि समाज की संवेदनाओं को भी झकझोर देने वाली है।
28 मई से लापता बच्ची का शव 1 जून को बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने समाज के लोगों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कराया।
परिजनों के अनुसार 28 मई को ही नामजद शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
मुख्यमंत्री @DrMohan Yadav51 जी, यह केवल अपराधियों की क्रूरता का ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का भी गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों तथा लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @MP_MyGov से मांग करते हैं कि:-
1. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. इस जघन्य अपराध में शामिल सभी दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जाए।
3. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
4. पुलिस की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए।
5. पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, सुरक्षा एवं निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
6. मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए।
@CMMadhyaPradesh
उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) को मात्र 121 करोड़ रुपये में निजी हाथों में सौंपना इस बात का एक और उदाहरण है कि किस प्रकार निजीकरण के नाम पर देश की बहुमूल्य सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों तथा संस्थानों को औने-पौने दामों पर कॉर्पोरेट हितों के हवाले किया जा रहा है।
IMPCL कोई साधारण कंपनी नहीं है। 1978 में वन विभाग की 40 एकड़ भूमि पर स्थापित यह भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाली एक महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि निर्माण संस्था है, जिसके पास 1200 प्रकार की औषधियां बनाने का लाइसेंस है। देश के केंद्रीय अस्पतालों, शोध संस्थानों, आयुष संस्थानों तथा विभिन्न राज्यों के सरकारी अस्पतालों को लगभग 575 प्रकार की आयुर्वेदिक एवं यूनानी दवाएं उपलब्ध कराने वाली यह संस्था आयुष क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सरकारी धरोहर है।
कर्मचारियों के दावों के अनुसार, कंपनी की नेटवर्थ लगभग 145 करोड़ रुपये है। ऐसे में उसे मात्र 121 करोड़ रुपये में बेचना गंभीर सवाल खड़े करता है। 1 जून से आंदोलनरत कर्मचारियों की मांगें न्यायसंगत हैं। @MoHFW_INDIA को इस निजीकरण की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
निजीकरण के नाम पर सार्वजनिक संपत्तियों की यह लूट बर्दाश्त नहीं की जा सकती। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो मैं स्वयं अल्मोड़ा पहुंचकर आंदोलनरत कर्मचारियों के संघर्ष में शामिल होऊंगा।
@mygovindia@JPNadda
अर्जकों में तार्किक, वैज्ञानिक व मानववादी चिंतन पैदा करके पाखंड-अंधविश्वास की चूले हिला देने वाले 'अर्जक संघ' स्थापना (समता दिवस) की मंगलकामनाएं।
रामस्वरूप वर्मा, महाराज सिंह भारती, जगदेव बाबू, पेरियार ललई के इस कारवां को हम रुकने नहीं देंगे।
जय अर्जक, जय भीम, जय मंडल।
प्रतिमा स्थापना संबंधी अनुमतियों में हो रहे अनावश्यक विलंब को रोकने, समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा हरदोई के महुआ कोला प्रकरण में दर्ज मुकदमों की वापसी के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी को पत्र लिखा।
@UPGovt@CMOfficeUP
नारी शक्ति, साहस, वीरता व न्याय की अनोखी मिसाल, होल्कर साम्राज्य की महारानी माता अहिल्याबाई होल्कर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि!
भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रयागराज में सड़कों पर उतरे युवाओं की लड़ाई अपने भविष्य और अपनी मेहनत को बचाने की लड़ाई है।
इस संघर्ष में भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूरी मजबूती के साथ छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है।
#Prayagraj #StudentProtest #PaperLeak
हरदोई जिले के बेनीगंज थाना क्षेत्र के महुआ कोला गांव में तीन वर्ष पूर्व बहुजन समाज ने आपसी सहयोग से अपने खेत में बुद्ध विहार का निर्माण करवाया था और तभी से वहां भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने हेतु अनुमति के लिए प्रयासरत थे। हार-थक कर उन्होंने बुधवार (27 मई) को प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन भाजपा नेता द्वारा वहां अपने इष्ट की प्रतिमा रखकर बुद्ध विहार को मंदिर बताने का प्रयास करते हुए मामले को अलग रूप दे दिया गया।
मामले में पुलिस प्रशासन से बातचीत बहस में बदल गई और भाजपा नेता पक्ष के लोगों द्वारा आगजनी किए जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए बहुजन समाज के लोगों पर लाठीचार्ज किया। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं तक को नहीं छोड़ा गया तथा कम से कम 20-25 लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
यह घटना बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आखिर बहुजन समाज को अपने ही खेत में बने बुद्ध विहार में भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति के लिए तीन साल तक क्यों रोका गया? आखिर तीन साल तक अनुमति रोककर रखने का आधार क्या था? क्या बहुजन समाज की धार्मिक आस्था और संवैधानिक अधिकार आपकी व्यवस्था में दोयम दर्जे के हैं?
यदि प्रशासन समय पर निष्पक्ष फैसला लेता, तो न विवाद होता, न तनाव फैलता और न ही महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों पर लाठियां बरसतीं। तीन साल तक अनुमति लंबित रखना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि बहुजन समाज की आस्था की उपेक्षा का गंभीर उदाहरण है।
और यह पहली बार नहीं है जब हरदोई में बहुजन महापुरुषों और प्रतीकों के प्रति प्रशासनिक उदासीनता देखने को मिली हो। लगभग एक वर्ष पूर्व जिला हरदोई के डीएम चौराहे से सौंदर्यीकरण के नाम पर हटाई गई राष्ट्रनायक, अखंड भारत के निर्माता एवं मानवता के प्रतीक चक्रवर्ती महान सम्राट अशोक मौर्य जी की लाट एवं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह को आज तक पुनः स्थापित नहीं किया गया।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, निर्दोष लोगों को तत्काल रिहा किया जाए,घायलों का समुचित एवं निःशुल्क इलाज कराया जाए तथा तथा एकपक्षीय कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अन्यथा मैं शीघ्र वहां पहुंचकर, अपने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होऊंगा।
देश की खुशहाली और समृद्धि का रास्ता खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है: चौ. चरण सिंह जी
मजदूरों व किसानों की मजबूत आवाज, जनप्रिय नेतृत्वकर्ता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी के स्मृति दिवस पर उन्हें शत शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
एटा जिले के मारहरा थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय दलित नाबालिग किशोरी को घर में घुसकर अगवा करना, सामूहिक रूप से दरिंदगी करना और फिर सड़क पर फेंक देना बेहद शर्मनाक, अमानवीय और भयावह घटना है।
अगर एक दलित बेटी अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है, तो यह कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों की सच्चाई को उजागर करता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, घटना के 3 दिन बाद भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की कठोर धाराओं में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और न्याय दिलाया जाए।
@CMOfficeUP
महान त्याग, समर्पण एवं संघर्ष की प्रतिमूर्ति बाबासाहेब की जीवनसाथी माता रमाबाई आम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें शत शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि!हमारी मुस्कान के खातिर आपने बहुत तकलीफ का सामना किया है माँ। हम आपके संघर्षों को कभी नहीं भूला सकते।
विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी की खबरों के बाद यूपी बोर्ड परीक्षा परिणामों को लेकर सामने आ रही शिकायतें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं।
भाजपाइयों, कोई तो परीक्षा ठीक से करवा लीजिए।
नाकामियों की भी हद है — कभी पेपर लीक, कभी भर्ती घोटाले, कभी परीक्षा रद्द, कभी कॉपी बदलने के आरोप, कभी “वीआईपी रोल नंबर” की चर्चा और अब परिणामों तक पर सवाल उठ रहे हैं।
युवाओं का भविष्य मजाक बनाकर रख दिया गया है।
विमानन क्षेत्र में क्रू सदस्यों हेतु 48 घंटे विश्राम नियम के समान अनुपालन तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित किए जाने के संबंध में माननीय केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री @RamMNK जी को पत्र लिखा।
@mygovindia@MoCA_GoI