पूज्य पिताश्री हरि शंकर जैन जी को उनकी गौरवशाली कानूनी यात्रा के 50 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।⚖️✨
धर्म, राष्ट्र और न्याय की रक्षा के लिए आपका समर्पण, संघर्ष और अटूट संकल्प हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। ईश्वर आपको दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और राष्ट्रसेवा की अनंत शक्ति प्रदान करें।🙏🏻
US is opposing FCRA billl
Opposition is opposing FCRA bill
Even Pakistan is also opposing FCRA bill.
It means,
GOI is doing absolutely right for the country
✌️🇮🇳⚔️
Nobody wants India to grow.
They stopped us from becoming nuclear state.
Now
They are trying to stop us from becoming developed nation
- NSA Ajit Doval 🇮🇳
भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण पर पहलवानों द्वारा लगाये गये यौन शोषण के आरोपो को आज अदालत ने सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया
इससे
जंतर-मंतर पर होने वाले धरनों का कितना घिनौना सच सामने आया है
विपक्ष मोदी को हटाने के लिए बार बार कभी किसान कभी पहलवान कभी पेपर लीक का फर्जी मामला बनाता है
When the BJP lose an Election :
➡️They introspect extensively
➡️They look inward to find the reason
➡️They take corrective measures
➡️They mend fences with the voters
When the Congress lose an Election :
➡️They Blame EC
➡️They Blame EVMs
➡️They Blame Voters
जबसे नेपाल के Gen Z ने लात मार मार भाईजानों का मुँह सुजाया है तबसे अचानक से भारतीय लेफ़्टिस्ट इकोसिस्टम द्वारा Gen Z शब्द के इस्तेमाल में काफ़ी गिरावट देखी गई है 😛
ओफ़्फ़ो... भारत के होकर ये ऐसा कर कैसे पाते हैं?
विश्वास नहीं होता...!!! कैसे देश से झूठ बोल पाते हैं।
देखिये कैसे सुप्रीम कोर्ट में वामपंथी विषैले इतिहासकारों ने राम मंदिर से जुड़े अपने झूठ के पकड़े जाते ही यू टर्न मार समर्पण किया। 10 सबूत:
1. वामपंथी इतिहासकार और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफ़ेसर धनेश्वर मंडल ने कोर्ट के आगे ये कबूला कि बाबरी ढांचे की जगह खुदाई का वर्णन करती उनकी पुस्तक दरअसल उन्होंने बिना अयोध्या गए ही लिख दी थी।
2.वामपंथी इतिहासकार सुशील श्रीवास्तव ने जज के आगे कबूला कि प्रमाण के तौर पर पेश की गई उनकी किताब में संदर्भ के तौर पर दिए पुस्तकों का उल्लेख उन्होंने बिना पढ़े ही कर दिया है।
3.जेएनयू की इतिहास प्रोफ़ेसर सुप्रिया वर्मा ने ये माना कि उन्होंने खुदाई से जुड़ी रेडार सर्वे की रिपोर्ट को पढ़े बगैर ही रिपोर्ट के गलत होने की गवाही दे दी थी।
4.अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर जया मेनन ने ये स्वीकारा कि वो तो खुदाई स्थल पर गई ही नहीं थीं,लेकिन ये गवाही दे दी कि मंदिर के खंभे बाद में वहां रखे गए थे।
5. एक्सपर्ट के तौर पर उपस्थित वामपंथी सुवीरा जायसवाल जब क्रॉस एग्जामिनेशन में पकड़ी गईं, तब माना कि उन्हें राम जन्मभूमि बाबरी मुद्दे पर कोई एक्सपर्ट ज्ञान नहीं है। जो भी जानकारी हैवो सिर्फ अखबारी खबरों के आधार पर है।
6. वामपंथी आर्कियोलॉजिस्ट शीरीन रत्नाकर ने सवाल-जवाब में ये स्वीकार किया कि दरअसल उन्हें बाबरी मसले से जुड़ी कोई “फील्ड-नॉलेज” है ही नहीं।
7.“एक्सपर्ट” प्रोफ़ेसर धनेश्वर मंडल ने ये भी माना था कि “मुझे बाबर के विषय में इसके अलावा कि वोसोलहवीं सदी का एक शासक था और कुछ नहीं पता है। जज ने ये सुन कर कहा था कि इनके ये बयान विषय के बारे में इनके छिछले ज्ञान को दर्शाते हैं।
8.वामपंथी सूरजभान मध्यकालीन इतिहासकार के तौर पर गवाही दे रहे थे पर क्रॉस एग्जामिनेशन में ये तथ्य सामने आया कि वे तो इतिहासकार थे ही नहीं,सिर्फ पुरातत्ववेत्ता थे।
9.सूरजभान ने ये भी स्वीकारा कि डीएन झा और आरएस शर्मा के साथ लिखी उनकी पुस्तिका “हिस्टोरियंस रिपोर्ट टू द नेशन” दरअसल खुदाई की रिपोर्ट पढ़े बिना ही (मंदिर संबंधी प्रमाणों को झुठलाने के दबाव में) सिर्फ छह हफ्ते में ही लिख दी गई थी।
10.वामपंथी शीरीन मौसवी ने क्रॉस एग्जामिनेशन में खुद कबूला है कि उन्होंने झूठ कहा था कि राम जन्मस्थली का ज़िक्र मध्यकालीन इतिहास में है ही नहीं।
ऐसे दृष्टान्तों की लिस्ट और लंबी है, पर विडंबना तो ये है कि लाज-हया को ताक पर रख कर वामपंथी इतिहासकार रोमिला थापर ने इन्हीं फरेबीवामपंथी इतिहासकारों और अन्य वामपंथियों का नेतृत्व करते हुए उच्च न्यायालय के इसी फैसले के खिलाफ लंबे-लंबे पर्चे भी लिख डाले थे।
किन्तु निर्लज्ज होना वामपंथी होने की प्रथम शर्त है...अत एव इनसे लज्जा की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।
नीरज कुमार