बाप BJP नेता, ख़ुद RSS का कार्यकर्ता...
फिर भी छात्रों के भविष्य की लड़ाई में सब कुछ छोड़कर जंतर-मंतर पहुँच गया।
यह बताता है कि जब बात देश के युवाओं और शिक्षा की हो, तो विचारधारा से ऊपर इंसानियत और न्याय होना चाहिए।
#DelhiProtest#JantarMantar#StudentsProtest#NEET#Education #Youth
गोदी मीडिया का विरोध करना है तो रिपोर्टर खदेड़ने से कुछ नहीं होगा। चैनल और एंकर्स असल अपराधी हैं। उन्हें घेरिये उनके ख़िलाफ़ नारेबाजी करिये। सच यही है कि टीवी चैनल्स में रिपोर्टर की कोई औक़ात नहीं होती।
आके बात करने में क्या जाता है? आप अपने बच्चों को क्या बताएंगे कि क्यों हो रहे है पेपर लीक?
क्यों गवर्मेन्ट स्कूल बंद हो रहे है? क्यों एजुकेशन इतनी महंगी है?
सदन किस किस तरह का ‘बढ़िया भरोसा’ देकर तालियाँ पिटवा लेते हैं ये मंत्री लोग!
लोकसभा में दिया गया 18 मार्च 2021 का भाषण है ये नितिन गडकरी का जिसमें वे एक साल के भीतर सारे टोल बूथ हटा कर GPS से टोल लिए जाने की बात कर रहे थे!
पांच साल बीत गए टोल बूथ अभी भी हैं और कईयों पर कई बार वाहनों की लंबी क़तार भी लगती है।
दरअसल पूरा ध्यान इथेनॉल बिज़नेस पर लगा देने से मंत्री अपना असल बिज़नेस तो भूल ही गए!
अब शायद कोई नई डेडलाइन देकर फिर ताली पिटवा
लेंगे। पब्लिक की मेमोरी शॉर्ट होती है।
🔥 BIG BREAKING NEWS 🔥
2018 में जेफरी एपस्टीन के ईमेल का बड़ा खुलासा...
जेफरी एपिस्टिन के आईलैंड पर 2003 में ही 7 भारतीय वैज्ञानिक जा पहुंचे थे। जिनका आने-जाने का खर्च भी एपिस्टिन ने उठाया था।
इन वैज्ञानिकों में 2 को मोदी सरकार ने बड़े पदों से भी बाद में नवाजा है। संदीप त्रिवेदी को तो टाटा रिसर्च इंस्टीट्यूट का डायरेक्टर तक नियुक्त किया था।
इन वैज्ञानिकों की यह यात्रा बेहद सनसनीखेज और खतरे का संदेश है। ये सभी देश की सुरक्षा से जुड़े गोपनीय प्रोजेक्ट्स पर कार्यरत थे।
क्या इन वैज्ञानिकों से कोई खुफिया जानकारी ली गई? अय्याशी में डूबी भारतीय एलीट क्लास देश के साथ क्या धोखा कर दे।
क्या उस समय की बीजेपी सरकार के लोग भी इसमें संलिप्त थे?
कांड देखने में छोटा लगता है मगर प्रभाव बहुत बड़े और खतरनाक हो सकते हैं।
#JeffreyEpstein EpsteinFiles
#IndianScientists #NationalSecurity
🚨 मोहन भागवत की Z+ सुरक्षा पर सालाना ₹12-16 करोड़ — टैक्सपेयर्स के पैसे से!
दावा: "हम व्यक्तियों का संगठन हैं।"
लेकिन ONGC ने RSS/संघ से जुड़े 20 संगठनों को ₹668 करोड़ का CSR फंड दे दिया।
जनता का पैसा... सुरक्षा भी? फंडिंग भी?
क्या मोदी सरकार में सार्वजनिक धन के इस्तेमाल की पारदर्शिता खत्म हो चुकी है?
सवाल तो बनता है।
जनता जवाब माँग रही है।
#ONGC #RSS #MohanBhagwat #TaxLoot
जो लोग बोल रहे है न फंडिंग कहा से आ रही है
ये वीडियो उन तक भेज दीजिए
ये गरीब नारियल वाला जो नारियल बेच के पैसे कमता था
ओ आज CJP प्रोटेस्ट में सब को फ्री में बाट रहा है
Why Are Police Name Tags Missing?
बैच हटाकर, नाम छुपाकर अगर पुलिस कार्रवाई करती है, तो इस बात का शक होता है कि वो पुलिस है भी या नहीं है। मुझे यही डर है कि इस प्रोटेस्ट में कहीं पुलिस की वर्दी पहनकर कुछ ऐसे गुंडे न घुस जाएं, जो छात्रों के साथ कुछ ऐसा कर दें जिसकी उम्मीद हमने की ही नहीं है। यह आखिरी मौका है देश के एजुकेशन सिस्टम की लड़ाई को लड़ने का और उसे बचाने का। ऐसे में हमें इन सब चीज़ों से सावधान भी रहना है और आने वाले खतरों के लिए तैयार भी रहना है।