बाबा साहब की वजह से आज लगभग पांच करोड़ लोगों का नया मिडिल क्लास है. ये दुनिया की सबसे बड़ी क्रांति हैं. बाबा साहब के इन बच्चों के होते किसी की औकात नहीं है कि संविधान को बुरी नजर से देख ले.
SC-ST एक्ट को सुप्रीम कोर्ट ने हाथ लगाने की कोशिश की थी. वह हाथ मरोड़ दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने जब ये फैसला दिया था ���ब वहां एससी का कोई जज नहीं था. अब सुप्रीम कोर्ट में एससी के 3 जज हैं. #JaiBhim
@Maheshpahirwar1 सर के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कॉर्डिनेटर भाई @AnandAkash_BSP जी के सम्मुख अपनी बात रखते हुए.. हम सबने भरोसा दिया अपनी सहभागिता और समर्पण का।
#भारत_की_बेटी_बहनजी
जिसके कुर्सी संभालने पर प्रत्येक बहुजन महिला स्वयं को मुख्यमंत्री से कम नहीं समझती है, ऐसी बहुजन समाज की शेरनी बहना का आज जन्मदिन है। पूरे भारत की समस्त नारी समाज को बहन कुमारी मायावती के जन्मदिन की ढेर सारी मंगलकामनाएं........डॉ इंदु चौधरी
@Mayawati
It's a new spring to take on the movement of Nation building: Social change and economic emancipation- The only way to establish a constitutional approach and brotherhood among Indians. We as Bahujan Aspirants must have to be a part of it by supporting and working on the vision of Babasaheb Dr Ambedkar and Manyvar Kanshiram directed and led by
Bahan Ku. Mayawati ji & Akash Anand ji
Jai Bhim Jai BSP
@AnandAkash_BSP@BahujanCarawan @Ratneshkugautam @MP_SiddharthBSP@KumarSudeshArya@DeeptiSinghBsp@Ayushsinghkush3
बहन कु मायावती जी ने मात्र 21 वर्ष के उम्र में बहुजन आंदोलन के लिए कार्य करना चुना और अपने भाई आनंद को साथ लेकर घर त्याग दिया। एक छात्रा और एक युवा के रूप में यह निर्णय ले पाना कितना मुश्किल रहा होगा? इससे हमें बहनजी के साहस और दूरदर्शिता का पता चलता है, साथ ही कठिनाइयों और चुनौतियों से भरे परिस्थितियों में भी अचूक निर्णय लेने की क्षमता उन्हे अनोखा बनाती है। उन्होंने भारत ��ेश के गरीबों, वंचितों ,शोषितों व महिलाओं के उत्थान हेतु अपना जीवन समर्पित कर दिया। @AnandAkash_BSP
शहीद-ए-आजम सरदार उधम सिंह जी को भारत की आजादी के इतिहास में वो स्थान नहीं मिला जिसके वो हकदार थे।
जलियांवाला बाग में हुए नृशंस नरसंहार का बदला लेने के लिए उधम सिंह जी ने जो त्याग किया वो अपने आप में एक मिसाल है।
आदरणीय बहन जी ने उत्तर प्रदेश में अपने शासनकाल में गठित जिले का नाम उधमसिंह नगर रखा ताकि आने वाली बहुजन पीढिया�� जान सके भारत की आजादी में खून हमारा भी बहा है।
जय भीम, जय भारत।
कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन की अध्यक्षता में आज काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद् की विशेष बैठक संपन्न हुई। बैठक में 103वे दीक्षांत समारोह, शिक्षण व शोध को और गुणवत्तापरक बनाने एवं पठन-पाठन गतिविधियों से संबंधित विषयों पर विचार विमर्श हुआ।