@HemantSorenJMM@JmmJharkhand 2/2
प्रखंड समितियों के नेतृत्व एवं केंद्रीय समिति के सदस्यों के सहयोग से आयोजित इस आंदोलन में पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर केंद्र सरकार की खनिज नीति के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा, कोडरमा जिला समिति के तत्वावधान में चंदवारा, कोडरमा, जयनगर, डोमचांच, मरकच्चो एवं सतगावां प्रखंड में व्यापक जनआंदोलन आयोजित किया गया। 1/2
@HemantSorenJMM@JmmJharkhand
यह तो बिहार में भाजपा शासन का हाल है।
AK 47 से इनका मन नहीं भरा तो अब यह ...... बाजार और ......हजार पर आ गए हैं।
युवा विरोधी @BJP4Jharkhand लोकतंत्र को तभी सफल मानती है जब वहां AK 47, pellet gun, ....हजार.. बाजार जैसी बातें हों।
जहाँ यह नहीं होता वहां भाजपा को लगता है कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है।
गजबे हैं युवा विरोधी ठग और निर्लज भाजपाई
भाजपा का बयान हताशा और राजनीतिक दिवालियेपन की पराकाष्ठा :
जिन लोगों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्षी आवाजों को दबाने की राजनीति को देशभर में स्थापित किया, उन्हें झारखंड की लोकतांत्रिक सरकार को नसीहत देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
झारखंड सरकार की तुलना इतिहास की गंभीर त्रासदियों से करना न सिर्फ राजनीतिक दुरुपयोग है, बल्कि भाजपा की बौखलाहट और राजनीतिक कुंठा को भी दर्शाता है। भाजपा को चाहिए कि वह ऐसे अमर्यादित और गैर-जिम्मेदाराना बयानों के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों पर बात करे।
धरना-प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया से जुड़े नियमों को तोड़-मरोड़कर पेश करना भाजपा की पुरानी राजनीतिक शैली है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन कोई भी अधिकार कानून से ऊपर नहीं है। सरकार का दायित्व है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ कानून-व्यवस्था भी सुनिश्चित करे। प्रशासनिक प्रक्रिया को राजनीतिक दमन बताना पूरी तरह भ्रामक है।
भाजपा नेताओं को पहले अपने शासन वाले राज्यों में लोकतांत्रिक अधिकारों, छात्रों, किसानों और विपक्षी नेताओं के साथ हुए व्यवहार का हिसाब देना चाहिए। दूसरों को लोकतंत्र का प्रमाणपत्र बांटने से पहले भाजपा अपने राजनीतिक इतिहास के पन्ने पलट ले।
जेपीएससी पर भाजपा की राजनीति तथ्यहीन और अवसरवादी..
न्यायपालिका में सरकार की ओर से कौन अधिवक्ता किस स्तर पर पैरवी करेगा, यह पूरी तरह विधिक प्रक्रिया और सरकार के अधिवक्ताओं का विषय है। इसे राजनीतिक षड्यंत्र का रंग देना न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल खड़े करने की कोशिश है।
अगर भाजपा के पास जेपीएससी मामले में कोई ठोस तथ्य, दस्तावेज या कानूनी आपत्ति है, तो उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष रखना चाहिए, न कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भ्रम फैलाना चाहिए। विद्यार्थियों के हितों के नाम पर राजनीति करने के बजाय भाजपा को यह बताना चाहिए कि उसने उनके भविष्य को लेकर अपने शासनकाल में क्या ठोस कदम उठाए थे।
हेमंत सोरेन सरकार युवाओं, विद्यार्थियों और आम जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। भाजपा की परेशानी यह है कि झारखंड की जनता अब उसकी राजनीतिक बयानबाजी और झूठे नैरेटिव के बजाय विकास, अधिकार और सामाजिक न्याय की राजनीति को समझ रही है।
भाजपा को नसीहत है कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन लोकतांत्रिक विरोध और तथ्यहीन आरोपों के बीच की मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए। भाजपा नेताओं को अपनी भाषा और तथ्यों दोनों पर संयम रखना चाहिए। झारखंड की जनता को नाजी जर्मनी जैसे भयावह ऐतिहासिक संदर्भों से डराने के बजाय भाजपा अपनी नीतियों और अपने काम का हिसाब दे।
भाजपा पड़ोस में महाराष्ट्र में अपनी सरकार के नए फरमान के बारे में जानकारी हासिल कर लें जिसमें कहा गया है कि मराठी नहीं आता - तो चालान कटेगा - महाराष्ट्र में रोजी रोजगार नहीं करने दिया जाएगा। झारखंड समेत अन्य राज्य के निवासी को महाराष्ट्र में अब गाड़ी चलाने के लिए सिर्फ लाइसेंस और परमिट काफी नहीं - मराठी का टेस्ट भी पास करना होगा। पूरा मराठी आना होगा। भाजपा की अब अपनी राजनीति चमकाने के लिए भाषा को भी डर और दंड का औजार बना दिया है। हिंदी का सम्मान कहां गया ? कल तक “एक देश, एक भाषा” की बातें, और आज रोज़गार के लिए आए आम आदमी से भाषा की परीक्षा? भाजपा बताए - क्या अब देश के हर राज्य में रोज़गार करने के लिए पहले वहाँ की भाषा की परीक्षा होगी? भाजपा पूरे देश को टुकड़ों में बाँटने की घृणित राजनीति कर रही है।
@JmmJharkhand
“कुत्ता-बीमार”... अरे नहीं-नहीं, “कुतुबमीनारी” चाचा! 😏
भाजपाई गुंडों को बचाने के लिए थाना-दर-थाना चक्कर लगाइए, अपना नाम लेकर नारे लगवाकर थोड़ा मोटिवेशन भी ले लीजिए... लेकिन इससे सियासी हकीकत बदलने वाली नहीं है।
मुख्यमंत्री की कुर्सी की रेस में अकेले आप ही नहीं हैं—चार और दावेदार पूरी ताकत से मैदान में हैं, और सबकी नजर आपकी राजनीतिक लुटिया पर है। 😂
पहले पार्टी संभालिए चाचा, फिर मुख्यमंत्री बनने के सपने देखिए!
कहीं ऐसा न हो कि कुर्सी की चाहत में दौड़ लगाते-लगाते पार्टी ही हाथ से निकल जाए। 😄
प्रधानमंत्री .@narendramodi जी - क्या आपके हिसाब से झारखंड के चुनें हुए मुख्यमंत्री नक्सल हैं ?
क्या आपकी पार्टी हर विपक्षी मुख्यमंत्री को नक्सल मानता है या फिर सिर्फ़ आदिवासी मुख्यमंत्री नक्सल होते हैं ?
एक आदिवासी मुख्यमंत्री को “नक्सल” कहना भाजपा की उस कुंठित मानसिकता को उजागर करता है जो झारखंड के आदिवासी नेतृत्व और लोकतांत्रिक जनादेश को आज भी स्वीकार नहीं कर पा रही है।
भाजपा को अगर सचमुच युवाओं की चिंता है, तो पहले उन राज्यों में जवाब दे जहाँ बेरोजगारी, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं को लेकर नौजवान लगातार सवाल उठा रहे हैं। लेकिन चोट्टा @BJP4Jharkhand को गाली के अलावा कुछ आता भी है।
@JmmJharkhand #Jharkhand #HemantSoren
हमारे झारखंडी एवं हिंदी भाषी बंधुओं की महाराष्ट्र से आई आवाज़ —
🙏🙏हमारे झारखण्ड के सारे सम्मानित सांसद और विधायक महोदय 🙏🙏आज हमारे झारखण्ड के प्रवासी बंधु सभी ऑटो चालक मालक भाई खुद को महाराष्ट्र मे अपने आप को बहुत ही असहज और प्रताड़ित महसूस कर रहे है,यहाँ पर महाराष्ट्र सरकार ने मराठी भाषा सीखने का समय सीमा 15 अगस्त तक तय किया था जिसका ट्रैनिंग महाराष्ट्र सरकार ने फ्री मे दी उसके बावजूद बहुत सारे लोग मराठी भाषा सीख नहीं पाए और बहुत सारे लोगों ने थोड़ा थोड़ा मराठी भाषा को सीखा!उसके बाद यहाँ के सरकार के आदेश पर यहाँ के परिवहन विभाग एक्शन मोड़ मे आकर सारे ऑटो चालक मालक बंधुओ के उपर कार्रवाई की जा रही है!
इन सारे परिषथिति को देखते हुवे हमारे झारखण्ड के सारे विधायक और सांसद एवं झारखण्ड सरकार और भारत सरकार अभी तक चुप्पी साधे बैठे है अगर झारखण्ड मे सबको रोजी रोटी कमाने खाने का मौका मिलता तो उसे झारखण्ड के बाहर काम के लिए जाने की नौबत नहीं आती और इस परिस्थिति मे अगर आपलोग सभी प्रवासियों को सहयोग नहीं करेंगे तो आने वाले समय मे झारखण्ड मे हमारे प्रवासी बंधुओ के तरफ से वोट बहिष्कार किया जा सकता है!
अतः आप सभी सम्मनित लोगों से विनती करता हूँ की महाराष्ट्र मे डबल इंजन का सरकार होते हुए भी आपलोग झारखण्ड के सारे मंत्री एवं सारे केंद्रीय मंत्री चुप्पी साधे बैठे है तो आपलोग महाराष्ट्र के इस माहौल को देखते हुए संज्ञान लें जिससे सारे ऑटो चालक मालक बंधुओ को कोई परेशानी नहीं हो और मराठी भाषा सीखने का समय सीमा को बढ़ाते हुए कार्रवाई बंद करें!🙏🙏🙏🙏🙏
आज हम सभी ऑटोचालक मालक बंधु 1 दिन का हड़ताल कर रहे है!
🙏🙏🙏🙏🙏
झारखंड समेत पूरे देश में पनपे इन फर्जी कोचिंग माफियाओं के आतंक पर नकेल कसना बहुत जरूरी है।
युवाओं को ठगने और दिगभ्रमित करने में इन माफियाओं ने कालाबाजारी की सारी हदें पार कर रखी हैं।
@BJP4Jharkhand ने राज्य भर में फैले इन फर्जी कोचिंग माफियाओं को हमेशा संसाधन प्रदान करने का काम किया है। क्यूं ? यह झारखंड के मेहनती युवा पहचान गए हैं।
ये कोई टुटपुँजिया भाजपाई नहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चलानी है तो पहले मराठी सीखो।
भाषा के नाम पर गरीब की रोज़ी-रोटी पर पहरा चाहिए, लेकिन झारखंड का खनिज भाजपा को मुफ़्त में चाहिए।
वाह रे दोहरा चरित्र!
अब भाजपा खुल्लम-खुल्ला अंग्रेज़ों की तरह मनमानी पर उतर आई है - जहाँ अपने अधिकार की बात हो तो राष्ट्रवाद, और दूसरे के अधिकार की बात हो तो नियम-कानून!
झारखंड अपना जल-जंगल-जमीन और खनिज किसी के बाप की जागीर नहीं बनने देगा।