प्रेस बयान :
◆ जनता लाइन में, पूंजीपति फायदे में, भाजपा राज में आम आदमी सबसे ज्यादा परेशान :
◆ महंगाई, बेरोजगारी और कॉर्पोरेटपरस्ती ने देश को संकट में धकेला :
भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में देश की आम जनता को राहत देने के बजाय लगातार संकट, महंगाई और असुरक्षा की स्थिति में धकेलने का काम किया है। आज देश का मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, युवा और छोटे व्यापारी सभी आर्थिक दबाव और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष केवल प्रचार, इवेंट प्रबंधन और बड़े उद्योगपतियों के हित साधने में व्यस्त दिखाई देता है।
नोटबंदी के दौरान आम लोगों को घंटों बैंक की कतारों में खड़ा रहना पड़ा। कोविड काल में अस्पताल, ऑक्सीजन और दवाइयों के लिए जनता त्राहिमाम करती रही। आज भी रसोई गैस, पेट्रोल-डीज़ल, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद जनता को राहत नहीं दी गई, जबकि तेल कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं। यह स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट हित हैं।
भाजपा सरकार लगातार जनता को त्याग, बचत और राष्ट्रहित का उपदेश देती है। पेट्रोल कम खर्च करो, विदेश मत जाओ, डॉलर बचाओ। लेकिन, दूसरी ओर बड़े उद्योगपतियों के विदेशी निवेश और विशेष आर्थिक सुविधाओं पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता। आम नागरिकों पर राष्ट्रभक्ति का बोझ डाला जाता है, जबकि सत्ता के करीब बैठे लोगों को हर प्रकार की छूट दी जाती है। यह दोहरी नीति देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक संतुलन के लिए घातक है।
देश को एक ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो जनता को राहत दे, रोजगार सृजित करे, महंगाई नियंत्रित करे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखे। दुर्भाग्य से वर्तमान केंद्र सरकार ने बेरोज़गारी, आर्थिक असमानता, सामाजिक तनाव और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने का कार्य किया है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा स्पष्ट रूप से मानता है कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है, न कि चुनिंदा पूंजीपतियों के प्रति। जनता अब सवाल पूछ रही है और आने वाले समय में देश की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के माध्यम से इसका जवाब भी देगी।
@JmmJharkhand
प्रेस बयान :
पेट्रोल-डीजल की कीमतों, बढ़ती महंगाई, कमजोर होती अर्थव्यवस्था और राशन कार्ड रद्दीकरण पर भाजपा सरकार जवाब दे :
केंद्र सरकार पर देश की जनता को आर्थिक संकट, महंगाई और योजनाबद्ध तरीके से अधिकारों से वंचित करने का कार्य कर रही है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर दिया गया बयान वास्तविकता से दूर और जनता को भ्रमित करने वाला है।
असली समस्या अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत नहीं, बल्कि भाजपा की “चुनावी तेल नीति” है। केंद्र सरकार ने स्वयं यह साबित किया कि पेट्रोल-डीजल के दाम आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि चुनावी लाभ-हानि देखकर तय किए जाते हैं। वर्ष 2022 में जब कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची, तब पांच राज्यों के चुनाव के दौरान 137 दिनों तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे गए। वहीं बाद में जब कच्चा तेल घटकर 75–80 डॉलर तक आ गया, तब जनता को वैसी राहत नहीं दी गई।
लोकसभा चुनाव 2024 के ठीक पहले अचानक ₹2 प्रति लीटर की कटौती यह साबित करती है कि भाजपा सरकार के फैसले बाजार नहीं, बल्कि चुनाव तय करते हैं। हमारा सवाल है कि जब इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने वित्त वर्ष 2023-24 में लगभग ₹81,000 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया, तब “अंडर-रिकवरी” का रोना क्यों रोया जा रहा है?
2014 से अब तक केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल पर टैक्स के माध्यम से लगभग ₹38.89 लाख करोड़ की वसूली कर चुकी है। इसका पूरा बोझ देश के आम नागरिकों ने उठाया है। भाजपा सरकार ने 10 वर्षों तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों को आर्थिक नीति नहीं, बल्कि राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया।
देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक अस्थिरता का सबसे बड़ा संकेत सोने की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि है। पिछले एक वर्ष में सोने के दाम कई गुना बढ़े, लेकिन आम लोगों की आय, वेतन या बैंक जमा में वैसी वृद्धि नहीं हुई। उल्टा भारतीय रुपया लगातार कमजोर होता गया। यही कारण है कि पूरी दुनिया में सोने को “सेफ एसेट” माना जाता है, क्योंकि जब लोगों का अपनी करेंसी और अर्थव्यवस्था पर भरोसा घटता है, तो वे सोने की ओर रुख करते हैं।
भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों ने आम जनता की बचत, रोजगार और क्रय शक्ति को कमजोर कर दिया है। आज आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और टैक्स के दोहरे बोझ के नीचे दबा हुआ है।
बिहार में लाखों राशन कार्ड रद्द किए जाने के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी गरीबों को योजनाओं से वंचित करने की कोशिश हो रही है। भाजपा झारखंड में भी एसआईआर जैसे बहानों के माध्यम से गरीब, आदिवासी, मूलवासी और झारखंडियों का राशन छीनने की साजिश कर रही है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा गरीबों के अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं करेगा। राज्य के हर जरूरतमंद परिवार को राशन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन का अधिकार मिलना चाहिए। भाजपा सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भ्रम और भय की राजनीति कर रही है, लेकिन देश और झारखंड की जनता अब सच्चाई समझ चुकी है।
@JmmJharkhand
भाजपा ने बिहार सहित 3 राज्यों में मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री बनाए-
लेकिन क्या उनमें एक भी महिला नहीं मिल सकती थी?
पिछले कुछ दिनों में भाजपा अचानक नारी शक्ति और 33% आरक्षण” और महिला सशक्तिकरण का ढोल पीटने लगी है पर सत्ता की सबसे बड़ी कुर्सियों पर महिलाओं को जगह देने से डर क्यों ?
हमने सोचा - हम ही पूछ लें महामानव से।
सब कुर्बानी देशवासियों के लिए
भाजपवासी - पूरे मस्ती में।
इतिहास गवाह है -
आज़ादी के जंग में ये सब अंग्रेजों के साथ थे
और
कोविड में भी ये भाजपायी कहीं नहीं दिखे थे।
बिहार में 35 लाख राशन कार्ड कैंसिल
अब बंगाल में ये हाल।
झारखंड में भी SIR के बहाने फिर से रघुबर दास की तरह भाजपा झारखंडियों का राशन छिनना चाहती है।
https://t.co/ReyyhwPwI7
NEET पेपर लीक ने भाजपा के “ईमानदार सिस्टम” की सच्चाई उजागर कर दी।
अब भाजपा नेता की गिरफ्तारी बता रही है कि युवाओं के सपनों का सौदा सत्ता के संरक्षण में हो रहा था। छात्र मेहनत करें और सत्ता से जुड़े लोग पेपर बेचें यही भाजपा मॉडल है।
@HemantSorenJMM@JmmJharkhand
गोमिया से पूर्व विधायक, एकीकृत बिहार सरकार एवं राज्य गठन के बाद झारखंड सरकार में मंत्री रहे आदरणीय श्री माधव लाल सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने लंबे समय तक जनसेवा और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्व माधव बाबू का निधन सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है।
मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को यह दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की 12वीं (साइंस, कॉमर्स एवं आर्ट्स) परीक्षा में सफल हुए सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार।
यह सफलता आपकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। आपके अभिभावकों एवं शिक्षकों का मार्गदर्शन भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण रहा है, उन सभी को भी हार्दिक बधाई।
यह परिणाम आपके जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है, लेकिन यह आपकी यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि नए अवसरों और संभावनाओं की शुरुआत है।
जो विद्यार्थी इस बार अपना अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाए हैं, वे निराश न हो, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, सफलता आपको अवश्य मिलेगी।
झारखंड के युवा ही हमारे राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं, आपके सपनों से ही झारखंड का कल सशक्त और समृद्ध बनेगा। आप सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
.#NEET पेपर लीक पर हमारे @yourBabulal जी का नाटकीय अंदाज बड़ा ही निराला है।
केन्द्र सरकार से सवाल पूछने के बजाय हमारे कुतुबमीनारी चाचा अंडरग्राउंड हो गये।
NOTE:- यह केवल मनोरंजन के लिए, उन्हें चिढ़ाने के लिए बिल्कुल भी नहीं।
@JmmJharkhand
झारखंड का सम्मान, तीर-कमान
हेमंत-कल्पना के हाथों मजबूत हो रहा हमारा स्वाभिमान।
सीएम श्री @HemantSorenJMM जी का संघर्ष और @JMMKalpanaSoren जी का समर्पण हर जन के विश्वास का आधार बन चुका है। जो झारखंड की मिट्टी से प्रेम करता है, वो तीर-कमान के साथ खड़ा नजर आता है। @JmmJharkhand
केंद्र की भाजपा सरकार एक परीक्षा भी ढंग से नहीं करवा पा रही है। हर साल पेपर लीक, परीक्षा रद्द।
युवा दिन-रात मेहनत करें और अंत में सरकार कह देती है “पेपर लीक हो गया”।
@yourBabulal जी यही भाजपा की नाकामी है। देश के युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ है।
#NEET#NEETPaperLeak
किताबों में पढ़ाया गया था —
“मेहनत का फल जरूर मिलता है”
लेकिन केंद्र सरकार के सिस्टम ने फिर साबित कर दिया कि मेहनत से ज्यादा मजबूत है उनका फेल सिस्टम।
NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में बार-बार पेपर लीक की खबरें लाखों छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
@JmmJharkhand
भाजपा सिर्फ़ और सिर्फ़ चुनाव लड़ना जानती है।
देश चलाना इनके बस की बात नहीं है।
साम-दाम-दंड-भेद से चुनाव जीत लो,
मीडिया मैनेज कर लो,
एजेंसियों का डर दिखा दो,
धर्म और नफ़रत के नाम पर समाज को बाँट दो —
बस यही पूरी राजनीति बनकर रह गई है।
लेकिन देश सिर्फ़ चुनावी नारों 1/3