दिल्ली असेंबली चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर कल शाम
बिहार से पूर्व सांसद साधु यादव जी से कांस्टीट्यूशन क्लब में मुलाकात हुई। साधु यादव जी लालू प्रसाद यादव जी के साले है। हालांकि अब दोनों में कोई बोलचाल नहीं है काफ़ी समय से।
दिल्ली में पूर्वांचल बहुल सीटों पर हमने साधु यादव जी से सहयोग मांगा है कि वो यहाँ कैंपेन में हमारी मदद करे।
#नवनीत_चतुर्वेदी
@janataparty_77
#Delhidemocraticalliance
#delhiassemblyelection2025
500 यूनिट बिजली और गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त शिक्षा देने का वादा. सिविल डिफेंस कर्मियों को उम्मीदवार बनाने की योजना.
Source: ETV Bharat News https://t.co/H9zCcgoKoL
#किस्सा_एक_मास्टर_के_ट्रांसफर_का
आप सभी को मेरे एक करीबी दोस्त जाट के बारे में मालूम तो होगा ही वही जिसकी घरवाली केंद्रीय विद्यालय में मास्टर है और वो उसके ट्रांसफर के लिए हर संभव प्रयास कर चुका है।
वो अपने क्षेत्र के विधायक सांसद और उच्च शिक्षा मंत्री सब जगह जा चुका लेकिन मास्टरनी का ट्रांसफर नहीं हुआ।
एक बार फिर से रिपीट कर दूँ कि चौधरी अपनी मास्टरनी का ट्रांसफर करवाने हेतु चिराग़ पासवान, जयंत चौधरी, नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू सब जगह हो आया , यहाँ सब जगह से उसने डिजायर लिखवा डाली फ़ोन करा डाले लेकिन काम नहीं हुआ।
चौधरी को किसी ने बताया था कि गठबंधन वाले दल बड़े पावरफुल है लेकिन बात ग़लत निकली।
फिर चौधरी को किसी ने बताया कि गृहमंत्री जी बड़े शक्तिशाली है वो करा देंगे लेकिन वहाँ से भी मायूसी हाथ लगी, वो न तो हरियाणा का मुख्यमंत्री अपनी मर्जी का लगा पाये न महाराष्ट्र में अपनी मर्जी चला पाये !! मास्टरनी का ट्रांसफर क्या कर पायेंगे उनके हाथ में तो अपने ही मंत्रालय में अपनी मर्जी का सचिव अपनी पसंद का दिल्ली पुलिस कमिश्नर और सीबीआई डायरेक्टर तक लगा पाना नहीं होता।
फिर चौधरी ने सुना कि इस देश में अड़ानी ही सब कुछ है क्यूँकि रात दिन नेता प्रतिपक्ष अड़ानी हाय अड़ानी हाय करते रहते है तो वो जुगाड़ लगा कर अड़ानी साहब से भी फ़ोन और letter लिखा आया लेकिन मास्टरनी का ट्रांसफर नहीं हुआ 😂
फिर चौधरी ने सुना कि इस देश में कोई खाकी निक्कर संगठन है जो चुपचाप आते है और वोट दिलवा कर सरकार बना जाते है वो वहाँ भी बड़े मुच्छड़ साहब तक जा आया लेकिन जवाब आया कि हम लोग तो सांस्कृतिक संगठन है ये ट्रांसफ़र कराना हमारा काम थोड़ी न है।
अबकी चौधरी जब मेरे को मिला तो पूछा चतुर्वेदी जी आपकी #जिओ_पॉलिटिक्स क्या कहती है अब मेरी मास्टरनी का ट्रांसफर कहाँ से कैसे कराऊँ !!! आपने तो डोनाल्ड ट्रम्प के लिए यज्ञ हवन भी कराया था अब तो आप ट्रम्प से ही फ़ोन कराओ
मैंने हाथ जोड़ दिए
और कहा कि चौधरी साहब ट्रम्प तक तो जान पहचान नहीं है आप कहो तो रशिया वाले पुतिन तक आपका संदेश पहुँचा सकता हूँ !!
इतना सुनते ही चौधरी उछल पड़ा और बोला हाँ भाई साहब पुतिन ठीक है भारत और रशिया कई दशकों से दोस्त है और हमारे मोदीजी ने तो रशिया के साथ कई हज़ार करोड़ के डील सौदे किए है
एस्सार आयल वाला डील
S-चार सौ डिफेंस डील
और अभी का लेटेस्ट अठावन हज़ार करोड़ का वन्दे भारत स्लीपर कोच बनाने का डील भी रशिया के पास ही गया है।
आप लोग चौधरी को यूँ अनपढ़ किसान न समझो हमारा जाट भाई नेशनल और इंटरनेशनल हर तरह की राजनीति पर पूरी नजर बनाये रखता है।
Note—
अब आपको क्या लगता है मास्टरनी की ट्रांसफर की अर्जी रशिया वाले पुतिन के पास गई या नहीं !!
पुतिन ने क्या रिएक्शन दिया होगा !! क्या चौधरी का काम हुआ !!
कहानी बिल्कुल असली है बस थोड़ा सा हास्य व्यंग्य का छौंक दिया हुआ है लेकिन फैक्ट में कोई कमी नहीं है।
आज शाम को बताऊंगा कि आगे क्या हुआ
क्या रशिया केंद्रीय विद्यालय की एक मास्टरनी के ट्रांसफर हेतु भारत सरकार से बात करेगा या नहीं !! यदि बात हुई तो आगे क्या हुआ होगा
next part में बताऊंगा तब तक जुड़े रहिए बने रहिए
किस्सा एक मास्टर के ट्रांसफर का
#नवनीत_चतुर्वेदी
@janataparty_77
@janataparty_77 अध्यक्ष जनता पार्टी
दिल्ली असेंबली चुनावों को देखते हुए पार्टी के सहयोगियों साथियों के साथ मिल कर आगे की चुनावी नीति पर चर्चा विमर्श करते हुए
#Election2024#delhielection2025
#Phulpur इलाहाबाद से सटा हुआ शहर फूलपुर जहां विधानसभा उपचुनाव होने हैं।
हम अपील करते है कि वहाँ के निर्दलीय प्रत्याशी श्री सुरेश चन्द्र यादव सिम्बल चारपाई को फूलपुर की जनता अधिक से अधिक वोट दे कर जिताये।
जनता पार्टी अध्यक्ष नवनीत चतुर्वेदी जी @janataparty_77 यह अपील सभी क्षेत्रवासियों से करते है कि सुरेश चन्द्र यादव जी के लिए चारपाई पर बटन दबाया जाए।
#byelection2024
कल शाम आठ नवंबर चार बजे बैंगलौर स्थित राजभवन में कर्नाटक के राज्यपाल महामहिम थावर चंद गहलोत जी से जनता पार्टी अध्यक्ष नवनीत चतुर्वेदी जी की शिष्टाचार मुलाक़ात हुई। साथ में जनता पार्टी के नेता शहीद ठाकुर जी पाठक के सुपुत्र चंद्रा पाठक भी थे। जनता पार्टी के दौर में थावर चंद गहलोत जी भी एक जमाने में उज्जैन ज़िला जनता पार्टी के ज़िला महासचिव हुआ करते थे।
@CMofKarnataka@XpressBengaluru@PIBBengaluru@BJP4Karnataka@PTI_News@INCKarnataka@HMOIndia@PMOIndia
फूलपुर असेंबली उपचुनाव (इलाहाबाद) त्रिवेनीपुरम इलाक़े में आज शाम एक चुनाव कैंपेन कार्यक्रम में
हमारे पुराने साथी और छोटे भाई सुरेश चन्द्र यादव के समर्थन में जनता पार्टी अध्यक्ष नवनीत चतुर्वेदी जी ने चुनाव प्रचार किया और इनके लिए स्थानीय निवासियों से चारपाई बटन दबाने का आग्रह किया।
@janataparty_77
क्या 26-1-1950 को लागू हुए संविधान में यह लिखा था कि आरक्षण होना चाहिए वो भी पचास % से ज़्यादा होना चाहिए जातिगत जनगणना होनी चाहिए
उपरोक्त कुछ भी संविधान में नहीं लिखा था
फिर क्यों जबरन संविधान के साथ छेड़छाड़ करने की बातें की जा रही है ?
आरक्षण का लाभ उठाने वाली कुछ सलेक्टेड जातियों का यही हाल है जैसा जज साहब ने कहा है।
उनको लग रहा है कि अब उनका हिस्सा छीना जाएगा
वो अपने ही समाज में अपने से कमतर लोगों को अक्सर भड़काते है कि ब्राह्मण और सवर्ण उनके दुश्मन है विरोधी है ये हमारा शोषण करते है
जबकि सत्य यह है कि सुप्रीमकोर्ट के इस आदेश से किसी भी सवर्ण या ब्राह्मण को कोई तकलीफ़ नहीं है ,कुछ selected लोगों को लग रहा है कि अब उनको लॉस होगा बस वही विरोध कर रहे है कि
#SaveReservation
जब कि यदि आज जनमत संग्रह हो जाये तो SC ST समाज के वंचित शोषित असली पिछड़े वर्ग के लोग सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के पक्ष में ख़ुशी ख़ुशी खड़े होंगे।
@janataparty_77
अजीब स्थिति बनी हुई है SC ST मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आये फ़ैसले के ऊपर भाजपा कांग्रेस दोनों ही बड़ी पार्टियाँ रहस्यमय तरीक़े से मौन है।
न पक्ष में न विरोध में
बिलकुल मौन साध लिया गया है
आख़िर दोनों मिल कर खेल क्या खेल रहे है !!
In our society women are the primary victim of war and fight
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पिछली कई सदियों शताब्दियों से हमारे देश में महिलाओं के साथ अन्याय होता आया है उदाहरण के लिए वो अहिल्या हो या सीता या द्रौपदी
मध्यकाल के इतिहास में राजाओं बादशाहों के बीच हुई जंग में भी सबसे ज़्यादा शिकार महिलाएँ हुआ करती थी। जौहर के बाद
सती प्रथा उसका सबसे बड़ा क्रूर उदाहरण था।
हमारे समाज में गालियाँ यदि देनी हो तो बिना माँ बहन बेटी बीवी को बीच में लाये हमारे यहाँ किसी क़िस्म की गाली का आविष्कार भी नहीं हुआ है।
राजनीति में या किसी भी ऑफिस कार्यस्थल में महिला यदि आगे बढ़ जाये तो ज़रूर इसने कोम्प्रोमाईज़ किया होगा तभी आगे बढ़ी है यह ज्ञान बाँटना भी अनैतिक है , एक तरह से शाब्दिक हिंसा है चरित्र का वध किया जा रहा है।
वर्तमान राजनीति के परिप्रेक्ष्य में यदि कोई बार बाला , इटालियन डांसर, पचास करोड़ की गर्लफ्रेंड , जर्सी गाय , शूपर्णखा बोलता है वह भी अनैतिक है अपमानजनक शब्द है।
Note—
ओम बिरला स्पीकर के लिहाज़ से उपयुक्त नहीं है आप जितना मन आये उसकी लानत मलामत करें कोई आपत्ति नहीं है।
विपक्ष को क़ायदे से कोटा में बाक़ायदा एक्स्ट्रा मेहनत करते हुए उसको हराना चाहिए था जो कि नहीं किया गया। अब वो फिर से स्पीकर बन कर बैठ गये है तो यहाँ बिरला की गलती दोष कहाँ से आया यह तो उसका चरित्र है वो यही करेगा !
विपक्ष अपने हार की खीज भड़ास कहाँ निकाल रहा है ओम बिरला की बेटियों पर कि ये मॉडलिंग करती थी पता नहीं कैसे आईएएस बन गई!!
आप अपनी राजनीतिक लड़ाई में बेटियों को क्यों बीच में घसीट रहे है??
हमारी संस्कृति में बेटियाँ देवी स्वरूप और हम सबकी भी बेटी ही मानी जाती है -यह ओछापन बंद होना चाहिए और यह अस्वीकार्य है।
#नवनीत_चतुर्वेदी
@janataparty_77
एक काम किया जा सकता है
कोर्ट में केजरीवाल को निर्दोष साबित करने के लिए बजाय वकीलों के यदि आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता जा कर बहस करें तो शायद जज साहब को कुछ समझ आये कि मुक़दमा क्या है !
आपियों के मुताबिक़ न जज को नॉलेज है न वकील को
सिर्फ़ इनके प्रवक्ता महाज्ञानी है।
कुछ याद है राधिका
तुम और रचित सेठ दोनों मिल कर 54 साउथ एवेन्यू में यही प्लान किया करते थे कि नवनीत चतुर्वेदी को कैसे रोका जाए
ख़ैर रचित सेठ एक कांड करके ख़ुद भाग गया और तुम अब भागी हो
आपके नवरत्न @rssurjewala FYI
एक सवाल है मिश्रा जी
चलते चुनाव में इतने बड़े प्रदेश के मुख्य सचिव को अरुणाचल हॉलिडे मनाने का लॉजिक समझ नहीं आया ?
आपकी छुट्टियाँ स्वीकृत कैसे हुई ,किसने की ? क्यों की ? यह सवाल भले सामान्य है लेकिन राजनीति के हिसाब से थोड़े important है!!