Sarthak Goswami has brilliantly exposed how Ethanol production is ruining a beautiful city.
He went to Byrnihat to investigate why a city with less than one lakh people is more polluted than Delhi, Ghaziabad & Lahore.
The reason? There are more than 80 factories in a small area, that are constantly pumping dust particles in the air.
The worst part is that these factories are producing Ethanol, the same product that is being sold as a solution to pollution.
I hope Gadkari can explain this without calling Sarthak a traitor.
संसद में झूठ की दुकान!
"पिछले 7 साल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ"
- शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान
"ऑपरेशन सिंदूर में कोई जवान शहीद नहीं हुआ"
- रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
4th ग्रेड भर्ती का परिणाम शीघ्र जारी करवाने हेतु मेरे साथी उमेश मीणा (महुआ), राहुल मीना (खंडेला), नवीन अवस्थी (अलवर) एवं दिलीप रावत ने सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों तक अभ्यर्थियों की मांग पहुंचाई ।🙏
🚩🚩 45,000 पदों का परिणाम जारी करने की मांग मजबूती से उठाई।
📢 Verified news :
मैंने RSSB बोर्ड में एक विश्वसनीय स्रोत से जानकारी प्राप्त कर ली है।
अपनी भर्ती का रिजल्ट रोजगार मेले से पहले जारी होगा।
आज यह पुष्टि हो गई है कि भर्ती रोजगार मेले में शामिल हो रही है।
हमने 45,000 का रिजल्ट जारी करने की मांग भी संबंधित स्तर पर रखी है।
मंत्री जी का खीरा कांड! 99 लाख की सरकारी सब्सिडी अपने ही फार्म हाउस को दे दी।
Indian Express Investigation में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को अपने ही मंत्रालय की स्कीम से खीरा फार्म के लिए करीब 99 लाख रुपये की सब्सिडी मिली।
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मोदी सरकार ने वीरों की शहादत पर देश को अब तक अंधेरे में रखा.. शर्मनाक!
ऑपरेशन सिंदूर में देश के 6 वीर सपूतों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि देश को सच क्यों नहीं बताया गया? संसद में सच्चाई छिपाकर झूठ क्यों बोला गया? शहादत पर पर्दा डालने की ज़रूरत क्यों की गई?
उन 6 शहीदों में से एक झुंझुनूं के वीर सपूत सार्जेंट सुरेंद्र कुमार जी मोगा भी थे। उनकी मां का दर्द पूरे देश ने देखा व सुना। एक मां अपने बेटे की शहादत का सम्मान मांगती रही, लेकिन मोदी सरकार से उसे जवाब 'नहीं' मिला। परिवार आंसुओं में डूबा रहा, और देश की संसद शहादत से इनकार कर ग़लत जानकारी देती रही।
रक्षा मंत्री @rajnathsingh जी, शहादत किसी सरकार की छवि बचाने का माध्यम नहीं हो सकती। सैनिक का बलिदान आपकी सियासत से कहीं ऊपर है। सरकार ने तथ्य छिपाकर और संसद में गलत जानकारी देकर, केवल 6 परिवारों का नहीं, बल्कि पूरे देश की भावनाओं का अपमान किया है।
मोदी सरकार जवाब दें..
- आखिर, ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों की पूरी सच्चाई देश से क्यों छिपाई गई?
- संसद में सही जानकारी क्यों नहीं दी गई?
- वीर जवानों और उनके परिवारों को समय पर सम्मान और सत्य क्यों नहीं मिला?
प्रधानमंत्री जी.. शहादत छिपाई नहीं, सलाम की जाती है। देश अपने शहीदों का सम्मान चाहता है, सियासत नहीं।
बेशर्मी और निर्लज्जता की पराकाष्ठा देखिए। ये हैं रक्षा मंत्री जो संसद में खड़े होकर बयान दे रहे थे कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी जवान को कोई क्षति नहीं पहुंची।
कल ही नरेंद्र मोदी ने उन 6 जवानों के नाम सार्वजनिक किए हैं जिन्होंने भारत माता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। जिन्होंने हमारे लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, उन्हें वो सम्मान भी नहीं मिला जिसके वो हकदार थे।
सिर्फ़ दो ही संभावनाएँ हैं।
या तो रक्षा मंत्री @rajnathsingh ने जब संसद को संबोधित किया तो उनकों यह जानकारी ही नहीं थी कि छह सैनिक शहीद हो चुके थे। यदि ऐसा है, तो यह उस मंत्री पर गंभीर प्रश्नचिह्न है, जिसे उसी मंत्रालय के मामलों की जानकारी नहीं है जिसका वह नेतृत्व कर रहे हैं।
या फिर उन्हें सच्चाई मालूम थी और इसके बावजूद उन्होंने संसद को गुमराह करना चुना। यह उससे भी अधिक गंभीर है, क्योंकि इससे यह सिद्ध होता है कि यह सरकार लोकतंत्र के मंदिर में, शपथ के साथ, देश से झूठ बोलती है।
जो भी सच हो, कुछ तथ्य नहीं बदलते -
हमारे छह वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। लेकिन उनके बलिदान को छिपाया गया। उन्हें वह सम्मान और मान्यता नहीं दी गई जिसके वे हकदार थे। और उनके परिवारों से वह पारदर्शिता भी छीन ली गई जिसकी वे अपेक्षा रखते थे।
यह हमारे सैनिकों का अपमान है, और कोई भी सच्चा देशभक्त इस पर मौन या संतुष्ट नहीं रह सकता।
संसद जैसी लोकतांत्रिक संस्था में दिया गया हर शब्द करोड़ों लोगों के विश्वास से जुड़ा होता है।इतने गंभीर मामलों में हर शब्द की ज़िम्मेदारी होती है।जनता तो इतनी भोली है कि हर बार कुछ भी कह दीजिए और इन्हें लगता है लोग भूल जाएँगे? जनता सब देख रही है, सब समझ रही है और समय आने पर हर बात का हिसाब भी करेगी। @rajnathsingh जवाब दे और बताए कि सच क्या है?
पिछले दिनों G 7 मीटिंग से मोदी जी के वीडियो आए जिन्हें Mute कर दिया गया था
हमारी (गोदी) मीडिया ने Sign Language का मतलब समझाया
मोदी दिया करारा जवाब
मोदी ने लाल आँख दिखा दी
मोदी सुना रहे हैं खरी-खरी
मोदी से सब कांपने लगे
और मोदी जी बोले- ये कब हुआ 🤣🤣
माननीय प्रधानमंत्री जी,
जन्मदिन की शुभकामनाएँ अपनी जगह हैं, लेकिन शिक्षा मंत्रालय का मूल्यांकन शुभकामनाओं से नहीं, परिणामों से होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पूरा क्रियान्वयन अभी तक नहीं हुआ है।
अगर राष्ट्रीय शिक्षा नीति इतनी सफलतापूर्वक लागू हो रही है, तो फिर बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएँ क्यों हैं? लाखों युवा वर्षों तक परिणाम और नियुक्ति का इंतज़ार क्यों कर रहे हैं? सरकारी स्कूलों और उच्च शिक्षा की चुनौतियाँ आज भी जस की तस क्यों हैं?