उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के यशस्वी प्रदेश अध्यक्ष परम् आदरणीय डॉ0 दिनेश चंद्र शर्मा जी को वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक बधाई। प्रभु श्री रामकी कृपा से आदरणीय अध्यक्ष जी व भाभी जी हमेशा स्वस्थ एवम् प्रसन्न रहें ।
#NoTetBeforeRteAct
TET की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु आरटीई में संशोधन सम्बन्धित ज्ञापन मा उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी को दिया गया ।@brajeshpathakup
#NoTetBeforeRteAct
TET की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु आरटीई में संशोधन सम्बन्धित ज्ञापन मा उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी को दिया गया ।@brajeshpathakup
#NoTetBeforeRteAct
जो व्यवस्था देश के किसी कर्मचारी,अधिकारी या न्यायाधीश पर लागू नहीं है वो देश के बेसिक शिक्षकों पर लागू करना देश के 25 लाख शिक्षकों एवं उनके करोड़ों परिजनों के साथ अन्याय है ।
#NoTETbeforeRTEact
*IAS, IPS, IFS ,IRS,IES की exam यूपीएससी के माध्यम से भारत में आयोजित होती है। तो IMS (Indian Medical Services) के साथ-साथ IJS (Indian Judiciary Services) या IAS(J) की परीक्षा भी होनी चाहिए। जिससे सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ एक समान न्याय भी मिलें। और जो पूर्व से नियुक्त अधिकारीगण/ न्यायधीश इन परीक्षाओं को पास किए बिना नियुक्त हैं। उन्हें भी 2 वर्ष के भीतर इस परीक्षाओं को पास करना चाहिए। अन्यथा उन्हें भी शिक्षकों की भाँति अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी क्या?
@narendramodi@AmitShah@rajnathsingh@dpradhanbjp@myogiadityanath@RahulGandhi@yadavakhilesh@priyankagandhi@Aamitabh2@bstvlive
@yadavakhilesh विभागीय नियमों के अनुकूल 25-30 वर्ष पूर्व में नियुक्त शिक्षकों से वर्तमान में एक और परीक्षा उत्तीर्ण कराने की अनिवार्यता शिक्षकों के साथ अन्याय है ।
गत 10 वर्षों से कतिपय ऐसे लोग जो कोर्ट में टेट और नॉन टेट के मुक़दमे करके पदोन्नति फँसाये हुए हैं वे लोग 1 सितम्बर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद से ही अपने मनसूबे पूरे होते देख रहे हैं ।रिव्यू स्वीकार होने पर यही लोग कह रहे थे कि सेवा में बने रहने के लिए टेट से छूट मिलेगी लेकिन पदोन्नति में नहीं मिलेगी,13 की सुनवाई के बाद इनके सुर बदल गए और अब व्याख्या कर रहे हैं कि सेवा में बने रहने के लिए टेट करना होगा ।
राइट टू एजुकेशन एक्ट, 2009 बनने के बाद से लेकर आज तक मूल अधिनियम हो या उसके बाद के संशोधन — कहीं भी “Teacher Eligibility Test (TET)” शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। हर जगह केवल “Minimum Qualification / न्यूनतम अर्हता” शब्द का प्रयोग हुआ है।
RTE Act की धारा 23(1) के अंतर्गत केंद्र सरकार ने NCTE को Academic Authority बनाया। इसके बाद NCTE ने 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना द्वारा पहली बार TET को “Minimum Qualification” का हिस्सा बनाया।
NCTE ने अपने राजपत्र में स्पष्ट किया कि—
• 23 अगस्त 2010 के बाद होने वाली नियुक्तियों की न्यूनतम अर्हता “with TET” होगी।
• 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त/कार्यरत शिक्षकों की न्यूनतम अर्हता “without TET” मानी जाएगी।
बाद में 2017 के संशोधन में यह कहा गया कि 31 मार्च 2015 तक नियुक्त या कार्यरत शिक्षकों को Section 23(1) के अंतर्गत निर्धारित न्यूनतम अर्हता प्राप्त करनी होगी। अब यदि कोई शिक्षक 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त है, तो उसकी निर्धारित न्यूनतम अर्हता वही होगी जो उस समय लागू थी, अर्थात without TET।
जिस एनसीटीई को TET लागू करने की शक्ति है तो क्या उसे परिस्थितियों के अनुसार relaxation देने की शक्ति नहीं है? यह विषय अभी भी न्यायिक व्याख्या के अधीन है और आवश्यकता पड़ने पर पुनः न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा।
यदि आरटीई में कहीं टेट प्रयोग हुआ है तो उपलब्ध करायें ।चाहे सुप्रीम कोर्ट से हो या संसद से एनसीटीई के राजपत्र 23अगस्त 2010 से टेट आया है उसी के आधार पर mimimum qualification decide होगी ।
माननीय राज्य मंत्री भारत सरकार श्री जितिन प्रसाद जी से अपने साथी पदाधिकारी श्री संजय सिंह जी महामन्त्री,श्री शिव शंकर पांडेय जी कोषाध्यक्ष एवं श्री राधे रमण त्रिपाठी जी वरिष्ठ उपाध्यक्ष के साथ भैंट की ।मा मन्त्री जी से शिक्षकों से सम्बन्धित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई ।@JitinPrasada
उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख सहित देश में लगभग 20 लाख ऐसे शिक्षक जो आरटीई लागू होने से पूर्व में नियुक्त हुए हैं उन पर टेट उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु 4 अप्रैल को रामलीला मैदान दिल्ली में हुई रैली के बाद आज टीएफआई के प्राधिनिधि मण्डल की पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी के साथ श्री पंकज चौधरी जी प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उ प्र एवं मा वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार से विस्तृत वार्ता हुई ।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से देश के लाखों शिक्षकों पर पड़ने वाले कुप्रभाव से बचाने हेतु कानून बनाने की पूरी पैरवी की गई ।मा प्रदेश अध्यक्ष जी ने शीघ्र ही शीर्ष नेतृत्व से वार्ता एवं समाधान हेतु आश्वस्त किया ।प्रतिनिधि में टीएफआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री संजय सिंह एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राधेरमण त्रिपाठी जी उपस्थित रहे ।
@jagdambikapalmp@mppchaudhary@narendramodi@AmitShah@TFI4India@UPPSS1921
Teachers Federation of India के बैनर तले देश के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लाखों शिक्षकों ने रामलीला मैदान दिल्ली पहुँच कर बता दिया कि शिक्षकों के साथ अन्याय को बर्दास्त नहीं किया जायेगा ।रैली में उपस्थित सभी शिक्षकों ने साफ़ कहा कि भर्ती के समय सरकार द्वारा जो भी नियम और योग्यता निर्धारित की उसे अर्जित करने के बाद ही सभी शिक्षक नियुक्ति पाये है ।सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपा जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा ।शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्ति सरकार द्वारा की गई इसलिए उसकी सेवा शर्तों की सुरक्षा का दायित्व भी सरकार का है ।फेडरेशन ने माँग की कि भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के retrospective effect को समाप्त करने के लिये क़ानून बनाए ।
रैली के मुख्य अतिथि मा सांसद श्री जगदंबिका पाल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा हम देश के शिक्षकों की आबाज को देश यशस्वी प्रधानमंत्री जी तक पहुँचाएँगे और शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जायेगा ।
हम देश भर से आये सभी साथियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं ।
#NoTetBeforeRteAct
@narendramodi@jagdambikapalmp@dpradhanbjp@AmitShah@PMOIndia
#NoTetBeforeRteAct
शिक्षकों की EL जैसी समस्याओं पर टीचिंग पीरियड का बहाना बनाने वाले अधिकारी,आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर थोपी गई tet की अनिवार्यता समाप्त करने एवं ओपीएस बहाल करने जेसे मुद्दों पर चुप्पी साधने वाली सरकारों को भीड़ बढ़ाने के लिये ही शिक्षकों की याद आती है ।स्कूलों तक किताबें पहुँचाने में कोताही बरतने वाले अधिकारी शिक्षकों को भीड़ में शामिल कराने के लिए बसों की व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरतते हैं |हम प्रधानमन्त्री @narendramodi ji अनुरोधकरतेहैं कि अधिकारियों के आदेश पर विभिन्न जयन्ती,पुण्यतिथि एवं उद्घाटन कार्यक्रम में भीड़ के रूप में शोभा बढ़ाने वाले इन शिक्षकों की समस्याओं का संज्ञान लेने की कृपा करें |
#04_अप्रैल_दिल्ली_चलो#NoTetBeforeRteAct
सम्मानित साथियों हमारी भारत सरकार से माँग है कि आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने हेतु क़ानून बनाया जाये ।इस संबंध में टीएफआई के प्रतिनिधि मंडल ने 19 दिसंबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी से वार्ता करके ज्ञापन सौंपा था और हमें आशा थी कि बज़ट सत्र में सरकार इस विषय पर विधेयक लाएगी परन्तु अभी तक ऐसा नहीं हुआ जिससे शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है ।अभी तक आप दो दो बार आपने जिलाधिकारी के माध्यम से मा प्रधानमन्त्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया साथ ही मा सांसदों को ज्ञापन सौंपा गया ।अनेक सांसदों द्वारा संसद में विषय को उठाया गया गया लेकिन भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय देश के 20 lakhलाख शिक्षक व उनके परिवार के प्रति संवेदनशील नहीं है ।
इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचकर अपनी सेवा को सुरक्षित करें ।