@SBull64482 Hello, is there any specific reason for starting the live data feed at 11:15 AM? Why not start it at 10:00 AM, so that we can access reliable data once the initial morning volatility has settled down, and capture more buy and sell signals right from the start?
We have heard you. Clearly and openly. Over the past few days, our community and customers have spoken - and we have listened.
Today, we are standardizing our In-Store Style Guide and sharing it publicly and transparently: https://t.co/INMPMSWwyx
These guidelines explicitly and unambiguously welcome every symbol of faith and culture our team members carry - bindi, tilak, sindoor, kalawa, mangalsutra, kada, hijab, turban, and more. Not as exceptions. As who we are.
Lenskart was built in Bharat, by Indians, for Indians. Our 2400+ stores are run by people who bring their beliefs, their traditions, their identity to work every day. That is not something we will ever ask anyone to leave at the door.
If any version of our workplace communication caused hurt or made any of our team members feel that their faith was unwelcome here, we are deeply sorry. That is not who Lenskart is, and it is not who we will ever be.
We make a commitment today - not just in words, but in the document we are publishing - that every policy, every training material, and every communication that carries the Lenskart name will reflect these values.
We remain committed to applying these guidelines fairly and consistently, and will continue to review and improve our processes.
We will do better. And we will keep earning your trust. 🙏
-Team Lenskart
🚨 कॉर्पोरेट जगत में बढ़ता हिंदुद्वेष अब खुलकर सामने आ रहा है!
Tata Consultancy Services के बाद अब Lenskart पर गंभीर आरोप ⚠️
👉 ‘कलावा’ और ‘कुंकू-टिकली’ पर रोक
👉 लेकिन हिजाब की अनुमति?
ये कैसा दोहरा मापदंड है?
हिंदू आस्थाओं के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं! 🚩
#Boycott_Lenskart
Hinduphobic Lenskart
In their attempt to appear “professional,” Hinduphobic corporates like Lenskart ban the bindi and kalava, yet place no such restrictions on the hijab.
#Boycott_Lenskart
Why are Hindus treated as second class citizens?
#NoBindiNoBusiness
52 वेबसाइटें जो ज़्यादातर कॉलेज डिग्रियों से ज़्यादा कीमती हैं:
1. Coursera. org – यूनिवर्सिटी के कोर्स, जिन्हें आप पूरी तरह से मुफ़्त में देख सकते हैं
2. Brilliant. org – मैथ और साइंस सीखने का इंटरैक्टिव तरीका
3. Wolfram Alpha – किसी भी मैथ या फ़ैक्ट से जुड़े सवाल का जवाब देता है
4. GitHub. com – असल दुनिया के प्रोजेक्ट्स से कोडिंग सीखें
5. Investopedia. com – फ़ाइनेंस और इन्वेस्टिंग को आसान भाषा में समझाता है
6. Archive. org – लाखों मुफ़्त किताबें और पुरानी वेबसाइटें देखें
7. Project Gutenberg – 70,000 मुफ़्त क्लासिक किताबें
8. Duolingo. com – कोई भी भाषा मुफ़्त में सीखें
9. Notion. so – अपनी पूरी ज़िंदगी और पढ़ाई को व्यवस्थित करें
10. Our World in Data – दुनिया के हर आँकड़े को विज़ुअलाइज़ करके दिखाता है
11. Statista. com – हर चीज़ पर डेटा और आँकड़े
12. OpenLibrary. org – लाखों किताबें ऑनलाइन मुफ़्त में उधार लें
13. Hemingwayapp. com – तुरंत ज़्यादा साफ़ और आसान भाषा में लिखें
14. NASA. gov – स्पेस साइंस और रिसर्च मुफ़्त में
15. PubMed. gov – असली साइंटिफ़िक रिसर्च पेपर्स देखें
16. Edx. org – Harvard, MIT और दूसरी जगहों के मुफ़्त कोर्स
17. TED. com – दुनिया के सबसे बेहतरीन विचारकों के सबसे अच्छे आइडिया
18. Anki – अब तक बनाया गया सबसे दमदार मेमोरी टूल
19. Canva. com – डिज़ाइनर न होते हुए भी कुछ भी डिज़ाइन करें
20. Skillshare. com – क्रिएटिव और प्रैक्टिकल स्किल्स सीखें
21. Readwise. io – आपने जो कुछ भी पढ़ा है, वह सब याद रखें
22. Google Scholar – असली एकेडमिक पेपर्स खोजें
23. Codecademy. com – कोडिंग करना पूरी तरह से मुफ़्त में सीखें
24. ChatGPT – AI ट्यूटर जो दिन के 24 घंटे उपलब्ध है
25. Figma. com – प्रोफ़ेशनल डिज़ाइन मुफ़्त में सीखें
26. Replit. com – अपने ब्राउज़र से कुछ भी कोड करें
27. Huberman Lab Podcast – साइंस पर आधारित हेल्थ एजुकेशन
28. Mindmeister. com – बेहतर सोच के लिए माइंड मैपिंग
29. NerdWallet. com – पर्सनल फ़ाइनेंस को आसान बनाता है
30. Quizlet. com – फ़्लैशकार्ड्स की मदद से ज़्यादा स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करें
31. Gapminder. org – दुनिया की असली हालत देखें
32. PhET Simulations – ऑनलाइन इंटरैक्टिव साइंस एक्सपेरिमेंट
33. Numbeo. com – धरती के हर शहर के लिए रहने-सहने के खर्च का डेटा
34. 23andMe. com – अपनी खुद की जेनेटिक्स को समझें
35. Zapier. com – बिना कोडिंग के अपने काम को ऑटोमेट करें
36. Lesswrong. com – गहरी तार्किक सोच और फ़ैसले लेना
37. Documentaryheaven. com – हज़ारों मुफ़्त डॉक्यूमेंट्री
38. Trading Economics – हर देश के लिए आर्थिक डेटा
39. Perplexity. ai – AI से चलने वाला रिसर्च टूल
40. Stanford Encyclopedia of Philosophy – हर दार्शनिक विचार को समझाया गया है
41. Librivox. org – क्लासिक साहित्य की मुफ़्त ऑडियोबुक
42. Zooniverse. org – असली वैज्ञानिक रिसर्च में हिस्सा लें
43. Futurelearn. com – टॉप यूनिवर्सिटी से मुफ़्त छोटे कोर्स
44. Typing. com – सही तरीके से और तेज़ी से टाइप करना सीखें
45. Drawabox. com – बिल्कुल शुरू से चित्र बनाना सीखें
46. Grammarly. com – हर स्थिति में बेहतर लिखें
47. Khanacademy. org – हर किसी के लिए मुफ़्त, विश्व-स्तरीय शिक्षा
48. Desmos. com – सबसे शक्तिशाली मुफ़्त ग्राफ़िंग कैलकुलेटर
49. Stellarium. org – अपनी स्क्रीन से रात के आसमान को देखें
50. Psychologytoday. com – मानसिक स्वास्थ्य और मनोविज्ञान को समझाया गया है
51. Worldometers. info – हर चीज़ पर रियल-टाइम वैश्विक आँकड़े
52. Notion. so/ templates – अपनी पूरी ज़िंदगी को व्यवस्थित करने के लिए मुफ़्त टेम्प्लेट...see more
@ZeeNews@JM_Scindia आदरणीय सर जी, ये अनिवार्य कीजिये कि 30 दिन से कम वैधता का कोई प्लान मार्केट में नहीं बेच सकते। ये कानून के खलाफ होगा अगर कोई ऐसा करता है तो।
This is called foreign policy.
Sushma Swaraj said this long ago.
STRAIT OF HORMUZ — Who Can Pass?
Countries ALLOWED:
🇮🇷 Iran
🇨🇳 China
🇮🇳 India
🇷🇺 Russia
यह ज़रूरी है कि हमारी नई पीढ़ी जाने कि किस तरह कांग्रेस पार्टी ने पंडित नेहरू की अध्यक्षता में अपने मज़हबी एजेंडे को बढ़ावा देते हुए 1937 के फ़ैज़पुर अधिवेशन में केवल कटा-छँटा ‘वंदे मातरम्’ ही पार्टी का राष्ट्रगीत बनाया था।
आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने निर्दिष्ट आधिकारिक समारोहों में ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर और आत्मा को उद्वेलित करने वाली रचना ‘वंदे मातरम्’, जो भारत का राष्ट्रीय गीत है, का पूर्ण गायन अनिवार्य करने हेतु नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, तब यह याद करना आवश्यक है कि यही ‘वंदे मातरम्’ कभी हमारी राष्ट्रीय एकता और स्वाभिमान की आवाज़ बना था—जो हमारी माँ भारती की महिमा का उत्सव मनाता था और देशभक्ति तथा एकता की भावना जगाता था।
ब्रिटिश शासन ने ‘वंदे मातरम्’ का उच्चारण तक अपराध घोषित कर दिया था, क्योंकि यह गीत जन-जन को आज़ादी के लिए एकजुट कर रहा था। इस गीत का किसी धर्म या भाषा से कोई संबंध नहीं था, लेकिन कांग्रेस ने इसे धर्म से जोड़कर ऐतिहासिक पाप किया।
नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने धार्मिक कारणों का हवाला देकर जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ की वे पंक्तियाँ हटा दीं, जिनमें माँ दुर्गा की स्तुति थी।
📜 1 सितम्बर 1937 को लिखे एक पत्र में नेहरू ने लिखा कि ‘वंदे मातरम्’ में देवी का संदर्भ जोड़ना मूर्खता है। उन्होंने यह तक कहा कि यह गीत राष्ट्रगीत के रूप में उपयुक्त नहीं है।
वहीं, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के समर्थन में ज़ोरदार तर्क दिए। परंतु 20 अक्तूबर 1937 को नेहरू ने नेताजी को पत्र लिखकर कहा कि ‘वंदे मातरम्’ की पृष्ठभूमि मुस्लिमों को चिढ़ा सकती है, और इस पर विरोध जताने वालों की बात में “कुछ दम है।”
1937 में नेहरू ने ‘वंदे मातरम्’ से माँ दुर्गा का उल्लेख हटाया, तो 2024 में राहुल गांधी ने उसी मानसिकता को दोहराते हुए कहा—“हिंदू धर्म में एक शब्द है ‘शक्ति’, और हम शक्ति से लड़ रहे हैं।”
अर्थात, नेहरू की हिंदू-विरोधी सोच आज राहुल गांधी में उसी तीखेपन से झलकती है।
‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, यह भारत की आत्मा की पुकार है—जिसे कांग्रेस ने दबाने की कोशिश की,
और जिसे आज प्रधानमंत्री मोदी जी फिर से जन-जन तक पहुँचा रहे हैं।
🇮🇳 वंदे मातरम्!