@JagoJabalpur@DrMohanYadav51 सच तो ये है कि इंदौर-भोपाल मे विकास का काम करने के लिए इन्हे जबलपुर मे घोषणाओं का सहारा लेना पड़ता है।
ये पैटर्न पिछले 20 सालों से नोटिस किया जा रहा है।
जबलपुर को बड़ा गाँव इसलिए कहा गया क्योंकि जबलपुर के स्तर के अन्य शहर जैसे वडोदरा, इंदौर आदि बढ़ते रहे और जबलपुर वहीं खड़ा रहा। इस तमगे को पाने मे जबलपुर के राजनेताओं का सबसे बड़ा योगदान है
जबलपुर का बड़ा गाँव कहा जाना और इंदौर को ब्रांड बनाकर मार्केटिंग करना महज एक संयोग नहीं है।
कभी 'बड़ा गांव' कहे जाने वाले जबलपुर में आज मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर बन रहा है, दूसरी सबसे बड़ी रिंग रोड बन रही है...
यह कहानी केवल जबलपुर की नहीं है, प्रदेश के सभी शहरों का कायाकल्प हो रहा है...
@MarbleRockss@JagatAnnu जब तक सड़कों की चौड़ाई का सही निर्धारण नहीं होगा और उनके दोनों तरफ पक्के पेवमेंट्स या फुटपाथ नहीं बनेंगे, तब तक अतिक्रमण की समस्या से निज़ाद नहीं मिलेगा.
@coooolamit4646 जबलपुर शायद एकमात्र शहर होगा भारत मे जहां नगर निगम अपने assets बेच कर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने का विचार कर रही है। इससे स्पष्ट होता है कि मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन और मध्य प्रदेश सरकार दोनों की रूचि जबलपुर मे नहीं है। यह क्षेत्रवाद का एक खुला उदाहरण है.
7 मिनट का ये वीडियो #बुंदेलखंड में विकास के दावों की पोल खोलता दिख जाएगा। कैसे पूरा बुंदेलखंड #पलायन, #बेरोजगारी, #शिक्षा, #गिरते_जलस्तर जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। #बिहार से पलायन का मुद्दा संसद में दिख जायेगा लेकिन #बुंदेलखंड का मुद्दा नदारद मिलेगा आपको।
@MPRakeshSingh Jabalpur: Instead of building a flyover from YMCA to Empire Talkies, an alternate road should be constructed from YMCA to Shiva JI Ground, bypassing Sadar.
@SarokarJBP@MP_MyGov पिछले तीन दसको से मध्यप्रदेश में एक narrative चलाया जा रहा है कि MP में इंदौर- भोपाल के अलावा है ही क्या' ताकि सारी प्राथमिकता इन दो शहरों पर केंद्रित की जा सके, सारी पूंजी का निवेश किया जा सके, और इन दो शहरों को ब्रांड बनाया जा सके। जबकि इन दो शहरों समेत जबलपुर एक ही स्तर पर थे
नेताजी गुजरात की ग्रीनफील्ड GIFT सिटी देख आए. लेकिन स्वयं के राज्य में प्रस्तावित जबलपुर की ग्रीनफील्ड सिटी फाइलों तक ही सीमित है.
2 वर्ष होने वाले हैं इसकी घोषणा हुए, लेकिन नेताओं का उज्जैन-मालवा से ध्यान हटे तब तो इसमें कुछ प्रगति हो.
@narendramodi इतना सुशासन कहीं देखा है?
@SarokarJBP@JabalpurMunici1 इस मार्ग पर 6 लेन के साथ सर्विस रोड भी होनी चाहिए। जबलपुर में सर्विस रोड बनाने पर क्यों विचार नहीं किया जाता, यह समझ से परे है।
@JagoJabalpur@JagatAnnu इंदौर एक चीज़ और कर रहा है, वो है नयी सड़कें बनाना। उन सड़कों के किनारे पड़े खाली भूमि पर ज्यादातर street vendors को जगह मिल जाति जाती है, जिससे वे प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण नहीं करते। साथ ही वहाँ अतिक्रमण के विरुद्ध प्रशासन सक्रिय है।