सवाल करना मेरा अधिकार है। तथ्य मेरा हथियार है।
दावे नहीं, दस्तावेज देखती हूँ। नेता नहीं, नीति परखती हूँ।
बड़े-बड़े वादों की छोटी-छोटी हकीकत ढूंढती हूँ।
फ़रवरी 2026 में शासन को पता चला कि करीब 2400 छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में लगभग 3.5 करोड़ रुपये ज़्यादा दे दिए गए। अब वसूली के आदेश जारी हुए हैं। यानी सिस्टम की गड़बड़ी दोनों तरफ़ है — कहीं पात्र छात्रों तक पैसा नहीं पहुंच रहा @myogiadityanath
बस्ती ज़िला — यहां अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में 47 संस्थाओं पर 1.56 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है। 2021-22 और 2022-24 सत्र में कुल 1.46 करोड़ रुपये का गबन सामने आया।
@myogiadityanath
सपा-कांग्रेस के समय कब्रिस्तान की बाउंड्री वाल बनाना और कांवड़ यात्रा, रामनवमी की शोभा यात्रा व जन्माष्टमी पर प्रतिबंध ही 'धर्मनिरपेक्षता' का मानक था...
हमें ऐसी धर्मनिरपेक्षता को उखाड़-फेंककर सनातन की सुदृढ़ भूमि पर एक सुरक्षित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना पड़ेगा...
फ़रवरी 2026 में शासन को पता चला कि करीब 2400 छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में लगभग 3.5 करोड़ रुपये ज़्यादा दे दिए गए। अब वसूली के आदेश जारी हुए हैं। यानी सिस्टम की गड़बड़ी दोनों तरफ़ है — कहीं पात्र छात्रों तक पैसा नहीं पहुंच रहा @myogiadityanath
बस्ती ज़िला — यहां अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में 47 संस्थाओं पर 1.56 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है। 2021-22 और 2022-24 सत्र में कुल 1.46 करोड़ रुपये का गबन सामने आया।
@myogiadityanath
@myogiadityanath हवेली का विवाद कोई सरकारी नीतिगत मामला नहीं था — यह करीब 18 साल से चल रहा पारिवारिक संपत्ति विवाद था (वारिसों के बीच), जो एक वक्फ संपत्ति से जुड़ा मामला भी है।
असली संकट का पल — जब कोर्ट ने हवेली को सील किया और नीलामी की तारीख (11 मार्च) तय की — वह फरवरी 2024 में हुआ।
@myogiadityanath यह सपा काल नहीं, बल्कि खुद योगी सरकार के अपने कार्यकाल का समय है।
नीलामी सिर्फ इसलिए टली क्योंकि केडी सिंह बाबू के प्रपौत्र-प्रपौत्री ने अदालत में पक्षकार बनने की अर्जी दी, कोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ा दी — सरकार की किसी सक्रिय कार्रवाई से नहीं।
@myogiadityanath हवेली का विवाद कोई सरकारी नीतिगत मामला नहीं था — यह करीब 18 साल से चल रहा पारिवारिक संपत्ति विवाद था (वारिसों के बीच), जो एक वक्फ संपत्ति से जुड़ा मामला भी है।
असली संकट का पल — जब कोर्ट ने हवेली को सील किया और नीलामी की तारीख (11 मार्च) तय की — वह फरवरी 2024 में हुआ।
फ़रवरी 2026 में शासन को पता चला कि करीब 2400 छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में लगभग 3.5 करोड़ रुपये ज़्यादा दे दिए गए। अब वसूली के आदेश जारी हुए हैं। यानी सिस्टम की गड़बड़ी दोनों तरफ़ है — कहीं पात्र छात्रों तक पैसा नहीं पहुंच रहा @myogiadityanath
कार्रवाई हुई तो पता चला — 75 संस्था प्रमुखों के खिलाफ धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 477A (खाता जालसाज़ी) के तहत सदर कोतवाली में मुकदमे दर्ज किए गए। यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं, संगठित गड़बड़ी का पैटर्न है।
बस्ती ज़िला — यहां अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में 47 संस्थाओं पर 1.56 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है। 2021-22 और 2022-24 सत्र में कुल 1.46 करोड़ रुपये का गबन सामने आया।
@myogiadityanath
A ceiling fan fell on a critical pateint while under treatment in RML Hospital,Delhi
The patient later died
This is the condition of Healthcare in Vishwalodu ka Amritkaal.
This is what u get when you vote for Mandir instead of Healthcare!!
"फरवरी में घोषणा हुई कि 45,000 पदों पर आपदा मित्रों को प्राथमिकता मिलेगी — जबकि असल अधिसूचना सिर्फ 41,424 पदों की थी और नवंबर 2025 से ही चल रही थी। जून 2026 में रिजल्ट आ गया, भर्ती अब अंतिम चरण में है — लेकिन आज (19 जुलाई) फिर वही 'प्राथमिकता देंगे' का वादा दोहराया गया,
@myogiadityanath "फरवरी 2026 में 'ऐतिहासिक ऐलान', जुलाई 2026 में वही घोषणा फिर से 'नई पहल' की तरह — 5 महीने में सिर्फ भाषण दोहराया गया या असल में कितने आपदा मित्रों को होमगार्ड भर्ती में प्राथमिकता मिली, इसका कोई अपडेटेड आंकड़ा सामने नहीं आया।"
5/ इसके अगले ही दिन, 15 मई से 23 मई तक — यानी नौ दिन — वे विदेश यात्रा पर चले गए। यह वही समय था जब प्रदेश आपदा से जूझ रहा था और राहत कार्य जोरों पर होने चाहिए थे।