रामलला को अवैध कब्जेदार बताने वाले चढ़ावा चोरी में न्याय नहीं चाहते। दरअसल, उनको सुख मिल रहा है कि, रामलला पर हमला करने का अवसर मिल रहा है। भ्रम में हैं कि, राजनीतिक लाभ ले लेंगे।
रामगोपाल यादव
(समाजवादी पार्टी)
21.12.1992 (इस देश के सदन में)
रूह काँप जाती है, रोंगटे खड़े हो जाते हैं
जब इस भाषण को सुनते हैं
यकीन ही नहीं होता है कि यह एक सच्चा वीडियो है
भरोसा ही नहीं होता है की ऐसा सच में सोचा और अमल में भी लाया जाता था
भरोसा ही नहीं होता है की इस देश की राजनीति इस कदर धर्म निरपेक्ष और सांप्रदायिक होती थी
😭❓😭❓😭❓😭
समाजवादी पार्टी नई नई हनुमान भक्त और रामभक्त बनी है। और सपा के आज के प्रवक्ता अपनी ही पार्टी की पुरानी नीतियों से या तो परिचित नहीं हैं, या अंजान होने का दिखावा करते हैं। दो दिन पहले #DoTook में सपा प्रवक्ता अपनी पार्टी के कद्दावर नेता और अखिलेश यादव के खास रामगोपाल यादव के इसी बयान पर घिर गईं थीं। 1992 में संसद में दिये इस भाषण में रामगोपाल यादव ने न सिर्फ कारसेवकों पर गोली चलाने पर गर्व किया था बल्कि रामलला को बाबरी मस्जिद पर अवैध कब्जा करने वाला बता दिया था।
रामगोपाल यादव का यह बयान और पूरा बयान जिस पर सपा प्रवक्ता कैसे क्लीन बोल्ड हो गईं थीं, दोनों सुनिये, देखिये। दो टूक का क्लिप नीचे संलग्न है।
जो आज खुद को सबसे बड़ा रामभक्त दिखाने में लगे हैं, ज़रा अपने राजनीतिक इतिहास का आईना भी देख लें।
जिनके पिता श्री मुलायम यादव ने कभी श्रीराम के अस्तित्व और अयोध्या में मंदिर होने तक पर सवाल उठाए, वही आज राम के नाम पर राजनीति चमकाने निकले हैं।
विडंबना यह है कि भव्य श्रीराम मंदिर बन जाने के बाद भी सपा मुखिया दर्शन तक करने नहीं पहुंचे।
सत्य को कितने भी वर्षों तक दबाया जाए, वह एक दिन पूरे वैभव के साथ सामने आता ही है।
फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ लोगों के लिए श्रीराम आस्था हैं, और कुछ के लिए सिर्फ चुनावी मौसम का मुद्दा।
#जयश्रीराम #अयोध्या #सपा
श्री राम मंदिर में चंदा चोरी पर छाती पीटने वाले समाजवादियों,
"तुम समाजवादी नहीं, नमाजवादी हो" 🙄🙄
21 दिसंबर 1992 का संसद में रामगोपाल यादव के यह बयान सुनो....,,
राम अयोध्या में पैदा ही नहीं हुए....!
"राम अवैध कब्जेदार है एक घुसपैठिया है"
बाबरी मस्जिद पर कोई परिंदा पर नहीं मार सकता ।
जो कारसेवक बाबरी गुम्बद पर चढे वह वही मौत के घाट उतार दिये गये...!!
"इसका हमें कोई अफसोस नहीं" 🤷🤷
मौलाना मुलायम कहो, मुल्ला मुलायम कहो,
चाहे हिन्दू माने या न माने
हमने रामभक्तों पर गोली चलवाई,
सीना ठोक कर कहते हैं, अगर हम होते कभी मस्जिद नही ढहने देते !
आज अखिलेश यादव कहते किस मुंह से चंदा चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं तब खुद मुलायम सिंह यादव से लेकर रामगोपाल यादव तक अपने इस कुकृत्य पर बड़े गर्व का अनुभव करते रहे हैं ।
#rammandirayodhya #rammandir #ayodhya #SamajwadiParty #AkhileshYadav #Ramgopalyadav #rambhakt
अयोध्या में राम मंदिर नहीं था, अयोध्या में 16 के बजाय 30 जानेंं लेनी पड़ती तो ले लेते।
यही बात अखिलेश ने दोहराया था कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं था रात के अंधेरे में मूर्तियाँ रख दी गयी!
अयोध्या में 16 की जगह 30 जान लेनी पड़ती तो पीछे नहीं हटता।
वहाँ मंदिर कभी था ही नहीं- “कट्टर सनातनी अखिलेश के पिता मुलायम सिंह यादव”
अगर हिंदू इस पार्टी के भी मायाजाल में फँसकर इन्हें राम भक्त मान लेते है तो इसमें कोई संदेह मत रखिएगा कि हमने 1000 साल गुलामी क्यों थी।
आज लखनऊ में @BJP4India के मा. राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी की अध्यक्षता तथा मा. राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) श्री @blsanthosh जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित 'सांसद-विधायक बैठक' में सम्मिलित हुआ।
इस अवसर पर @BJP4UP के मा. प्रदेश अध्यक्ष श्री @mppchaudhary जी, मा. उपमुख्यमंत्री द्वय श्री @kpmaurya1 जी व श्री @brajeshpathakup जी, मा. प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री @idharampalsingh जी और मा. सांसद एवं मा. विधायक गणों की उपस्थिति रही।
मसला ये नहीं के आप रखते हैं दो दो चेहरे
मलाल ये है के दोनों ख़राब रखते हैं
राजा राम जी को अपने देश में क़ब्ज़ाधारी बताने वाले अनुराग भदौरिया ने कितनी बार ख़ुद को सनातनी बताया आप देखिए
और पलट कर जब मैंने मथुरा श्रीकृष्ण मंदिर पर सवाल पूछा तो सुई पटक सन्नाटा 👇
Ram Gopal said on 21 December 1992
"Ram Lalla is an illegal occupier. We ordered firing on Ram devotees and stand by that decision. You may call our leader 'Mulla Mulayam' or 'Maulana Mulayam'
it makes no difference to us."
#JaiShreeRam#ayodhyasit#UP#SP
आज समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव बड़के वाले राम भक्त बन रहे हैं लेकिन यह कितने बड़े रामद्रोही हैं आप इस वीडियो को देखिए
समाजवादी पार्टी का असली चेहरा जानने के लिए 21 दिसंबर 1992 का संसद में रामगोपाल यादव के ये बयान जरूर सुनना चाहिए
रामलला को बताया अवैध कब्जेदार, हमने रामभक्तों पर गोली चलाई ये सीना ठोक कर कहते हैं, अगर हम होते कभी मस्जिद नही ढहने देते
रामगोपाल यादव जो अखिलेश यादव के चाचा हैं और सांसद हैं उन्होंने भगवान राम को अयोध्या में अवैध कब्जेदार कहा था और बाबरी मस्जिद को ही असली कहा था
आज अखिलेश यादव कहते हैं की गोली नृपेंद्र मिश्रा से चलवाई और तब खुद मुलायम सिंह यादव से लेकर रामगोपाल यादव तक अपने इस कुकृत्य पर यश का अनुभव करते रहे हैं
*अखिलेश यादव का असली चेहरा*
*21 दिसंबर 1992*
*रामगोपाल यादव ने संसद में*
*रामलला को बताया अवैध कब्जेदार*
*हाँ-हमने रामभक्तों पर गोली चलाई*
*ये हम सीना ठोक कर कहते हैं*
*आज अखिलेश यादव कहता हैं*
*रानसेवको पर गोली*
*नृपेंद्र मिश्रा ने चलवाई*
ज़रा समाजवादी पार्टी वालों की रामभक्ति देखिए 👇
"मुलायम सिंह के चलते जिन्होंने बाबरी मस्जिद को छूने की कोशिश की, वे गुंबद पर चढ़ तो गए, लेकिन उतर नहीं सके - ये रिकॉर्ड है।
इस बात का समाजवादी पार्टी के नेताओं को न कभी अफसोस था, न रहा है और न रहेगा। चाहे उनको मौलाना मुलायम सिंह कहें। हिंदू हमें वोट दें या न दें, हमें फ़र्क़ नहीं पड़ता।"
~ संसद में खड़े होकर यह कहते हुए समाजवादी पार्टी के प्रधान महासचिव रामगोपाल यादव
Today, Akhilesh Yadav is trying to lecture the nation on Shri Ram Mandir. But India has not forgotten the legacy of the Samajwadi Party.
This is the same political ecosystem that, during the Ayodhya movement, defended the firing on kar sevaks, took positions that deeply hurt the sentiments of devotees, and repeatedly opposed the Ram Janmabhoomi movement.
As recorded in parliamentary debates on 21 December 1992, Ramgopal Yadav referred to Ram Lalla as an "unauthorized occupant" inside the disputed structure and questioned why the Government referred to the area as Ram Janmabhoomi. Those remarks reflected the Samajwadi Party's mindset towards the Ram Janmabhoomi movement.
The same political tradition also defended positions such as:
"Babri Masjid par koi parinda bhi par nahin maar sakta."
Justifying the firing on Hindu kar sevaks and expressing no regret over it.
And today they suddenly claim to be champions of Shri Ram? This political conversion is nothing but opportunism.
If anyone has evidence of financial wrongdoing, let the law investigate. But weaponising the faith of crores of devotees for political gains will not erase the Samajwadi Party's own record. The people of India know the difference between genuine devotion and convenient politics.
उत्तर प्रदेश के हिंदुओं, आँख खोलकर देख लो और कान खोलकर सुन लो इस वीडियो को ...
समाजवादी पार्टी का असली चेहरा जानने के लिए 21 दिसंबर 1992 का संसद में रामगोपाल यादव के ये बयान जरूर सुनना चाहिए
रामलला को बताया अवैध कब्जेदार, हमने रामभक्तों पर गोली चलाई ये सीना ठोक कर कहते हैं, अगर हम होते कभी मस्जिद नही ढहने देते
आज अखिलेश यादव कहते हैं की गोली नृपेंद्र मिश्रा ने चलवाई और तब खुद मुलायम सिंह यादव से लेकर रामगोपाल यादव तक अपने इस कुकृत्य पर यश का अनुभव करते रहे हैं