@kajal_jaihind सबसे ज्यादा गरबा नाईट का आयोजन पंडित ही करते है धर्म को बेच कर पैसा कमाते है l
ये Nights का क्या मतलब होता है ?
ये शक्ति की उपसना न है ये कौन समझाए l
तुम अब्दुल को रोक सकती हो, जिस्म की नुमाइश करने वाली बेटी क्यों क्यों नही रोकती
Bajrang Dal
#AdityaGadhvi#HardikDave
@Gurdayal_1984 एक मुस्लिम लड़की हिन्दू से शादी होने बाद भी अपना मजहब नही छोड़ती l लेकिन ऐसा क्या है कि हिन्दू लड़की मुस्लिम ��े शादी करते है हिन्दुओ के प्रति नफरत फैलाना शुरू कर देती है l उदाहरण - स्वरा भास्कर, ऋचा चड्डा , दीपिका स्तक्षी मिश्रा l
कमी संस्कारो मे है l
लगभग सभी इस्लामिक मुल्कों में ईशनिंदा कानून है, और सभी में इसकी सजा सजा ए मौत है
ये बात हमारे यहां के मुसलमान भी खूब कहते सुनते नजर आते हैं कि सऊदी फलाना ढिकाना मुल्क जैसा कानून भारत में भी होना चाहिए
भाई जितने भी इस्लामिक मुल्कों में ईशनिंदा कानून है, वहां एक तरफा है ये का���ून,चाहे सऊदी अरब हो पाकिस्तान हो या बांग्लादेश
पाकिस्तान में लाखों की तादाद में मुसलमान और कुछ गैर मुस्लिम भी ��शनिंदा कानून के तहत जेल में है
कुछ को फांसी भी दी जा चुकी है
लेकिन इसमें किसी भी मुसलमान को गैर मुस्लिमो के खुदाओं की बेअदबी के लिए फांसी नहीं दी गई है
ये सब के सब मुर्तद है
यही हाल सऊदी में भी है
एक मुस्लिम महिला ने किसी विडियो में शिव जी के खिलाफ कुछ लिखा, उसके जवाब में इस बंदे ने भी लिखा
वो भी सऊदी में थी,ये भी सऊदी में था
इसे गिरफ्तार कर लिया गया, और सजा ए मौत सुना दी जबकि मुस्लिम महिला को कुछ भी नहीं कहा गया
जानतें हैं क्यों
क्योंकि इस्लामिक ईशनिंदा कानून के मुताबिक अल्लाह के अलावा कोई दूसरा खुदा है ही नहीं इसलिए मुसलमान उसे कुछ भी कह सकते हैं और उसपर कोई कानून लागू ही नहीं होता
कुरान भी दूसरों के खुदाओं को शैतान कहता है
अगर दूसरों के खुदाओं को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो ये कुरान के ही खिलाफ हो जाएगा कानून
@news24tvchannel एक बात समझ नही आई ये नेहा बोरा ने प्रेरणा बंगलादेश ही क्यों ली नेपाल से भी ले सकती थी l
समझ रहे हो विनोद इसके पीछे पूरा अब्दुल का हाथ है l
अगर इस लड़की का क��ई समर्थन कर रहा तो याद रखे आप अब्दुल को जीजा बनाने की तैयारी कर रहे है
मै राज्यपाल के ताकत और उसकी क़ानूनी पॉवर के बारे में क़रीब से नहीं जानता लेकिन एक वेब सीरीज में में राज्यपाल के पॉवर को क़रीब से दिखाया गया है कि वो क्या क्या कर सकता है उसकी पहुंच कहा तक होती है।
दुष्यंत गौतम अगर राज्यपाल की शपथ ले लिया और पदभार संभाल लिया तो अंकिता भंडारी के हत्या का केस और उसपर लगे सारे आरोपों को वो चुटकियों में समाप्त कर देगा,कोई उसका बाल भी टेढ़ा नहीं कर पायेगा।
अंकिता के परिवार वाले इंडिया गेट के पास धरना यूंही नहीं दे रहे वो इस बात को बख़ूबी समझते है।
अगर मोदी सरकार या धामी सरकार में थोड़ी सी भी मानवता और महिलाओं के प्रति हमदर्दी है तो जब तक जांच पूरी न हो जाए तब तक दुष्यंत गौतम से दूरी बनाकर रखे और एक बेटी ��र उसके बेबस ��ाता पिता के परिवार को न्याय दिलाने में मदद करें।