Hear from Shri Amitabh Bachchan Ji in the latest episode of Kaun Banega Crorepati (KBC), as he narrates SBI’s inspiring journey — from initiating CSR activities in the 1975–1985 decade to becoming a driving force in nation-building and purposeful progress.
@SonyTV
भाई बहन रेस्टोरेंट में बैठे हुए, खाने का इंतजार कर रहे हैं
मेरिट पर दरोगा बनने वाले दरोगा जी आते हैं,
दारोगा : कौन है रे
लड़का: बहन है
दरोगा गुस्से में: बहनें हैं तो ऐसे बोलेगा तुम्हारा टोन ख़राब है बोलने का उसके बाद देखिये क्या होता है
कितना भी आप बिहार पुलिस को टैग कर लीजिए कुछ नहीं होने वाला है
राजस्थान के जालौर के रानीवाड़ा ब्लॉक में एक स्कूल जाने की उम्र का बच्चा, जो मानसिक बीमारी से पीड़ित है, पिता ने मजबूरी में झंझीरों से बाँधा। गरीब परिवार के पास न इलाज है, न अस्पताल की सुविधा, न कोई सहारा। क्या यही राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था है?
हम मांग करते हैं:
1️⃣ बच्चे का तुरंत इलाज हो।
2️⃣ गाँव-गाँव में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें।
3️⃣ गरीब परिवारों के लिए मुफ्त इलाज और पुनर्वास केंद्र खोले जाएँ।
सरकार @NhmRJOfficial@MeRajGovt जवाब दें—क्यों मानसिक बीमारियों का इलाज गरीबों और अनुसूचित क्षेत्रों तक नहीं पहुँचता? यह दर्द केवल एक परिवार का नहीं, पूरे समाज का है।
लड़का बिना टिकट के यात्रा कर रहा है तो जुर्माना कर दो!! या हमेशा की तरह रिश्वत लेकर सलटा दो!! या फिर अगले स्टेशन पर उतार दो!! मगर चलती ट्रेन से फेंकने जैसी हरक़त क्यों? वर्दी पहने हो तो ख़ुदा हो गए क्या?
@RailMinIndia@RPF_INDIA@RPFCR
हमारी बेटी Ziya Ambedkar की ओर से आप सबको पहला जय भीम। इस हफ्ते हमारी नन्हीं परी ज़िया ने हमारी दुनिया में कदम रखा और उसे और भी सुंदर और रौशन बना दिया।
मेरी और @AzraParveen_ की 15 साल की दोस्ती के बाद, हमें यह सबसे खूबसूरत तोहफ़ा मिला है।
अब हम पेरेंटहुड की इस नई यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं और अपनी इस ख़ुशी को अपने दोस्तों, परिवार और साथियों के साथ सेलिब्रेट कर रहे हैं।
हमने अपनी बेटी का नाम Ziya Ambedkar रखा है, जिसका अर्थ है
"Light of Baba Saheb Dr. Ambedkar" ✨
हम उम्मीद करते हैं कि हमारी बेटी बाबा साहब के नाम का मान बढ़ाएगी और आंबेडकरवादी आंदोलन में एक सकारात्मक योगदान देगी।
तथागत बुद्ध, सतगुरु रविदास महाराज, ज्योतिबा-सावित्रीबाई फुले और बाबा साहब डॉ. आंबेडकर जैसे महापुरुषों और महामहिलाओं का जीवन और विचार हमेशा उसे मार्गदर्शन और प्रेरणा देते रहें।
ज़िया के जन्म और नामकरण के लिए हमने न तो किसी पुरोहित से अक्षर पूछे, न ही किसी ग्रह-नक्षत्र या मुहूर्त की कुंडली बनवाई।
हमने इस अवसर को पाखंड और आडंबर से दूर रखते हुए अपने विचार और मूल्य आधारित बनाया है। यही हमारी परंपरा है, यही हमारा संघर्ष है।
ज़िंदगी की इस नई शुरुआत में हम बेहद आभारी हैं उन सभी दोस्तों, परिवारजनों और शुभचिंतकों के जिन्होंने इस सफर में हमारा साथ दिया और इस पल को यादगार बना दिया।
जय भीम - जय भारत
अज़रा और सुमित
#ZiyaAmbedkar #JaiBhim #AzraSumit
प्रधानमंत्री @narendramodi जी, अगर "डबल इंजन सरकार" इतना काम कर रही है, तो देश के किसान आज भी खुद को हल में जोतने को मजबूर क्यों हैं? क्या ये आपके "आत्मनिर्भर भारत" का सच है? आप हर चुनाव में किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करते हैं लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि लाखों किसान आज भी कर्ज़ में डूबे हैं और आत्महत्या कर रहे हैं। इसका जवाब कौन देगा? क्या वजह है कि सरकार अरबों रुपये की स्कीमें लॉन्च करती है, लेकिन जब एक किसान को ज़रूरत होती है तो कुछ सहायता नहीं मिलती। क्या ये योजनाएं सिर्फ पोस्टर और प्रचार के लिए हैं? मन की बात में तो आप सबकी बात करते हैं, लेकिन क्या कभी लातूर के अंबादास पवार जैसे किसानों की हालत देखी है, जिन्होंने खुद को बैल बना लिया है? क्या वे आपके "न्यू इंडिया" का हिस्सा नहीं हैं? जब पूंजीपतियों का लाखों करोड़ का कर्ज़ माफ हो सकता है, तो फिर छोटे किसानों के लिए सरकार इतनी बेरहम क्यों हो जाती है? क्या गरीब का कर्ज माफ करना आपके एजेंडे में नहीं है?
ये तस्वीर महाराष्ट्र के लातूर ज़िले की है। 75 साल के अंबादास पवार को जब बैल नहीं मिले और ट्रैक्टर किराए पर लेने के पैसे नहीं थे, तो उन्होंने अपनी पत्नी मुक्ताबाई के साथ खुद को ही हल में जोत लिया। बीते दो सालों से ये दंपती ऐसे ही खेत जोत रहे हैं। ये आत्मनिर्भर भारत नहीं, मजबूर किसान की तस्वीर है।
देश के किसी राज्य की किसी सरकार में है हिम्मत कि भरोसा दे कि कभी किसी पत्रकार को सच दिखाने के लिए जान नहीं गवानी पड़ेगी?
Link: https://t.co/fpWJCoHOzI
#JusticeForMukeshChandrakar
झारखण्ड खरसांवा के आदिवासी 1 जनवरी 1948 को भारतीय गवर्मेंट की निरंशुकता व हैवानियत के शिकार हुए ये भारतीयों का भारतीयों द्वारा किया गया इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार था जिसमे करीब 30 हजार आदिवासी मारे गए व 10 हजार घायल हुए। 1 जनवरी आदिवासियों के लिए काला दिन है ।#खरसांवा_शहीदों_नमन
We strongly condemn the atrocities committed against Kuki-Zo indigenous women in Saibol, Manipur. The use of physical violence and tear gas is a serious violation of women's rights, directly attacking their safety and dignity. We urge the government to take immediate and decisive action to prevent such incidents and ensure that those responsible are held accountable. Protecting the rights of women must be a top priority for the government.
@rashtrapatibhvn@narendramodi@jualoram@India_NHRC@hrw@UN@antonioguterres@RahulGandhi@priyankagandhi@kharge@NBirenSingh@ncsthq
The brutal attack on tribal Christian women in Nilgiri, Odisha, is deeply condemnable. We demand strict action against the perpetrators and better protection for minority communities. #India