तुम जैसे बकचोदों को दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के न्याय की लड़ाई बकचोदी ही लगेगी। दया और भीख नहीं, आरक्षण हमारा हक है और हम ये हक सरकार की छाती पर चढ़कर लेंगे। तुमने यह किस डेटा और रिपोर्ट में पढ़ा कि बहुजनों की फीस सरकार सवर्णों के टैक्स से देती है? इस देश में 50 पैसे की टॉफी खरीद रहा बच्चा भी टैक्स देता है और कटोरे में भीख मांग रहा भिखारी भी। इसलिए टैक्स की लफ्फाजी कहीं और देना। हवा में कुछ भी बक देना ही तुम लोगों की मेरिट है।
और हाँ, जब तक जाति है, तब तक भागीदारी के लिए हमारा प्रोटेस्ट जारी रहेगा। अभी तो निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लेंगे, उच्च न्यायपालिका में भी लेंगे। सरकार हमारी सारी बात मानेगी। लगा लो जितना जोर लगा सकते हो, लेकिन SC, ST और OBC का आरक्षण इसी तरह जारी रहेगा।
बेगम पुरा शहर कौ नांउ, दुखू अंदोह नहीं तिहिं ठांउ।
(हमारे देश का नाम 'बेगमपुरा' होना चाहिए, जहाँ कोई भी दुःख या चिंता न हो, जहां लोगो में कोई द्रोह अर्थात बैर-भाव न हो।)
नां तसवीस खिराजु न मालु, खउफु न खता न तरसु जवालु।
(वहाँ न तो कर (लगान) की कोई चिंता हो, न ही किसी प्रकार का भय, पाप या पतन का डर हो।)
कहि रैदास खलास चमारा, जो हम सहरी सु मीत हमारा।।
(शुद्ध चमार संत रैदास जी कहते हैं कि जो इस बेगमपुरा शहर के वासी हों, उन सभी में सच्ची मैत्री अर्थात मित्रता का भाव हो।
बेगमपुरा की संकल्पना को नष्ट करने करने वाली बीजेपी सरकार के शोषण-दमन से सावधान करने के लिए माननीय बहन जी का मार्मिक ट्वीट...
आज बीजेपी उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार की धोती पोल खोल दी सादाबाद हाथरस में बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आदरणीय आकाश आनन्द जी ने अपने भाषण से. ...,
7000 करोड़ विज्ञापन में खर्च कर दिये योगी आदित्यनाथ जी ने.
अब भी किसी को लगता है कि बसपा वाले भाजपा से डरते हैं कभी नहीं आज बहन जी का ट्वीट और आकाश आनंद का भाषण देख लो जमकर रेलाई हुई है,
और जमीनी हकीकत बता रहा हूं बसपा वाले किसी से नहीं डरते बीजेपी वाले खुद डरते हैं,
उनको भी पता है कि यह ताकतवर लोग है यूनाइट हो जाते हैं,
भाजपा वाले सपा को रगड़ देते हैं लेकिन बहुजन समाज पार्टी के किसी व्यक्ति को कुछ बोलने की हिम्मत नहीं होती और सोशल मीडिया पर भी जितने भी आईटी सेल वाले हैं बीजेपी के कभी बहन जी की बुराई नहीं करेंगे ना हम लोग से टक्कर लेते हैं ना ही आकाश आनंद की बुराई करते हैं,
वही अखिलेश यादव राहुल गांधी को जमकर खरी खोटी सुनाते हैं क्योंकि उनको पता है इनको कुछ भी बोलो कुछ नहीं होगा,
लेकिन जैसे ही वह बहुजन समाज पार्टी के किसी एक व्यक्ति को बोलेंगे पूरा समाज लग जाएगा उनके पीछे।।
#बहन_जी_का_संदेश
@Mayawati सर्वसमाज के सभी वर्गो,खासकर शिक्षित युवाओं एवं युवतियों के उज्जवल भविष्य व सम्मान जनक जीवन के लिए सरकारी पदों पर भर्ती आवश्यक है।लेकिन सरकार के विभिन्न विभागों में लाखों पद खाली पड़े हैं
भर्ती नहीं की जा रही है।इस मुद्दे पर विपक्ष भी मौन रहता है । बहनजी ने सही मुद्दा उठाया है
1. जैसाकि सर्वविदित है कि बी.एस.पी. ने यूपी में अपनी सरकार के दौरान पुलिस व पंचायती राज विभाग में लगभग सवादो लाख नये सरकारी पद सृजित करके तथा नौकरियों की भर्ती पर लगी रोक को भी हटाकर सर्वसमाज के कई लाख लोगों की सरकारी नौकरियों में बहाली की और फिर उसके बाद सरकार में ना रहने पर काफी लम्बे समय से देश में व ख़ासकर यूपी, उत्तराखण्ड व पंजाब अदि राज्यों में व्याप्त ज़बरदस्त महंगाई, अति-ग़रीबी, बेरोज़गारी, अशिक्षा, बदतर स्वास्थ्य व्यवस्था, पिछड़ापन एवं उनके मजबूरी के पलायन, महिला असुरक्षा, पेपरलीक व भ्रष्टाचार आदि से त्रस्त लोगों के दुखी जीवन जैसे ज्वलन्त मुद्दों एवं गंभीर समस्याओं के निदान हेतु प्रभावी कदम उठाने की माँग केन्द्र व राज्य सरकारों से बार-बार करती रही है, लेकिन सभी सरकारें, पूर्व की कांग्रेसी सरकारों की तरह ही, ज़्यादातर मामलों में उदासीन व लापरवाह ही बनी हुई हैं, जो देश के बिगड़ते हुये राजनीतिक, आर्थिक, संसदीय व सामाजिक हालात के मद्देनज़र अति-दुखद एवं अत्यन्त चिन्तनीय।
2. और अब जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नाम से विशेषकर बेरोज़गारी व अंधकार भविष्य आदि से पीड़ित व आहत शिक्षित युवा-युवतियों ने ख़ासकर दिल्ली में जंतर मंतर के 36 दिन तक चले अपने बहु-चर्चित आन्दोलन के ज़रिये इन ज्वलन्त मुद्दों को वास्तव में राष्ट्रीय महत्व का विशेष व गंभीर चर्चा का मुद्दा बना दिया है और जिसको लेकर देश के शिक्षा मंत्री को भी अपनी कुर्सी गवानी पड़ी है, केन्द्र व राज्य सरकारों को देश के क़रीब सवासौ करोड़ ग़रीबों, श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं व अन्य मेहनतकश लोगों तथा ख़ासकर बेरोज़गारी की मार से पीड़ित लाखों परिवारों की वास्तविक चिन्ता, सब कुछ भुलाकर, तत्काल शुरू कर देनी चाहिये।
3. ऐसे में, अन्य बातों के अलावा, सरकारी नौकरियों पर खा़स ध्यान देने की ज़रूरत है और इस क्रम में राष्ट्रीय सम्पत्तियों को निजी हाथों में बेचना बंद करके तथा सभी सरकारी विभागों में रिक्त पड़े लाखों पदों पर पेपरलीक व भ्रष्टाचार-मुक्त समयबद्ध भर्तियाँ तत्काल प्रारम्भ करके समस्या के फौरन निदान के प्रति गंभीर प्रयास शुरू कर दें तो यह उचित होगा।
4. इस प्रकार एक परिवार में अगर एक को भी सरकारी नौकरी मिल गयी तो लाखों परिवारों का सीधे तौर पर भला होगा और साथ ही इससे एससी, एसटी व ओबीसी समाज को भी वह सुरक्षा मिल पायेगी जो आरक्षण के काफी हद तक निष्प्रभावी व निष्क्रिय बना दिये जाने के कारण, संविधान प्रदत्त आत्म-सम्मान की ज़िन्दगी जीने के बजाय, ग़रीबी व लाचारी का त्रस्त जीवन जीने को ही मजबूर हैं।
5. कुल मिलाकर, सभी सरकारों को हर हाल में मुनाफाखोरी/लाभ कमाने वाली व्यापारिक सोच/प्रवृति को त्याग कर संविधान की सही मानवतावादी व कल्याणकारी नीति एवं सिद्धान्त को पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अमल करके आगे बढ़ाना होगा, जो ’हर हाथ को काम’ देने वाली व्यापक देश व जनहित में लाख दुखों की एक दवा है, यही सभी सरकारों से अपील।
6. इसके साथ ही, जंतर मंतर में आन्दोलित छात्र-छात्राओं व बेरोजगार युवाओं आदि के मुद्दों को लेकर संसद के वर्तमान सत्र में अब तक लगातार जारी गतिरोध को भी समाप्त किया जाना ज़रूरी है, ताकि बिना समुचित बहस/चर्चा के सरकारी विधेयकों को पारित होकर कानून बनने की प्रक्रिया पर विराम लग सके।
@ramjigautambsp संविधान की मंशा के अनुसार समतामूलक समाज निर्माण के कार्य में सहायक होने के बजाय सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातिकेमामलमेंअसंवेदनशील और पक्षपाती रवैया अपनाती हैं कोर्ट के सामने सही से तथ्यों को न रखना तथा मन से पैरवी न करने का ही परिणाम है कि कोर्ट न्याय नहीं कर पाता है ।
विशेष घटक योजना (एससीपी), जिसे अब आमतौर पर अनुसूचित जाति उप योजना (एससीएसपी) के नाम से जाना जाता है, छठी पंचवर्षीय योजना के दौरान 1979 में शुरू की गई एक व्यापक नियोजन रणनीति है।इसी के तहत उत्तरप्रदेश में आदरणीय बहनजी ने अपने शासन काल में चार मेडिकल कॉलेज सहारनपुर, अम्बेडकर नगर,कन्नौज, जालौन में बनवाकर sc /st के बच्चों को 70% एडमिशन मेडिकल कोर्स में देकर इन कमजोर वर्गों को देश की मुख्य धारा में लाने का काम किया. लेकिन गैरबराबरी को बढ़ावा देने की सोंच के लोगों को यह मंजूर नहीं हुआ और कोर्ट के द्वारा इस पर रोक लगवा दिया गया. जिसमें सरकार ने मजबूत पैरवी नहीं की जिसकी वजह से sc/st के बच्चे अपने अधिकार से वंचित हुए हैँ. @Drvirendrakum13 ,@RamdasAthawale ,@arjunrammeghwal ,@PMOIndia ,@myogiadityanath संज्ञान लेकर कमजोर वर्ग के इन छात्रों के साथ न्याय करें.