UGC-NET के English, Commerce और Sociology के पेपर में प्रिंटिंग एरर, गलतियां और पुराने सवालों को दोहराने जैसी गंभीर खामियां थीं। परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों ने परीक्षा के तुरंत बाद ही इन गंभीर अनियमितताओं को उजागर कर दिया था, लेकिन करीब दो महीने बाद NTA ने इन खामियों को स्वीकार किया। यह NTA की घोर अक्षमता और पूरी व्यवस्था की विफलता है।
छात्रों ने महीनों मेहनत की, दिन-रात तैयारी की, परीक्षा दी और अब NTA की गलती की कीमत उन्हें दोबारा परीक्षा देकर चुकानी पड़ेगी। क्या NTA को पेपर छपवाने, जांचने और परीक्षा कराने से पहले अपनी गलतियां दिखाई नहीं दीं?
NTA की नाकामी के कारण छात्रों को मानसिक और शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। छात्रों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। NTA की जवाबदेही तय होनी चाहिए, जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और छात्रों को हुई परेशानी का उचित समाधान दिया जाना चाहिए।
सिर्फ एक शिक्षा मंत्री को बदल देने से शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरेगी। जरूरत सिर्फ चेहरे बदलने की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था बदलने की है। शिक्षा तंत्र में व्यापक और बुनियादी रिफॉर्म की जरूरत है। NTA जैसी संस्थाओं की जवाबदेही तय करने से लेकर परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, विश्वसनीय और छात्र-केंद्रित बनाने तक, पूरे सिस्टम में आमूलचूल बदलाव जरूरी है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा गेस्ट टीचर्स से जुड़े मामले में सरकार की LPA डिस्पोज किए जाने के बाद हरियाणा सरकार को प्रदेश के करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स को पक्का करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करनी चाहिए।
ये शिक्षक पिछले करीब 20 वर्षों से हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन शिक्षकों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इतने लंबे समय तक सेवाएं लेने के बाद इन्हें केवल अस्थायी कर्मचारी बताकर इनके अधिकारों से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है।
अब सरकार को किसी भी तरह की देरी और बहानेबाजी किए बिना सभी 12 हजार गेस्ट टीचर्स को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। वर्षों की सेवा का सम्मान करते हुए उन्हें उनका हक, सम्मान और नौकरी की सुरक्षा मिलनी चाहिए।
नियमित होने के बाद गेस्ट टीचर्स को सरकारी शिक्षकों के समान पे-स्केल, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, मेडिकल सुविधाएं, अर्न्ड लीव, मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश, वार्षिक वेतन वृद्धि, नियमानुसार पेंशन संबंधी लाभ और सर्विस रूल के अनुसार प्रमोशन जैसी सभी पात्र सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में गेस्ट टीचर्स को नियमित करने का वादा किया था। आज 2026 में भाजपा सरकार को सत्ता में आए 12 साल हो चुके हैं। अब जब हाईकोर्ट के फैसले के बाद रास्ता साफ हुआ है, तो सरकार को और देरी किस बात की है?
20 साल की सेवा का सम्मान कीजिए!
गेस्ट टीचर्स को उनका हक दीजिए!
हरियाणा सरकार तुरंत गेस्ट टीचर्स को पक्का करे।
@NayabSainiBJP@BJP4Haryana
Inspected ongoing Village Library works at Gulalta, Siroli, Bisru, Shikrawa, Shah Chokha & Malab, along with Model Anganwadi Centre works at Biwan & Nalhar. Reviewed progress and quality, and directed officials to ensure timely completion without compromising standards.
#Nuh
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को पार्टी नेताओं को भाजपा को खुश करने वाले बयान देने से बचने को कहा। वेणुगोपाल ने यह टिप्पणी शशि थरूर के राहुल गांधी के दिए बयान को लेकर की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक थरूर ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम जेन-जी के बीच उतना असर नहीं डाल सका, जितना ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध प्रदर्शनों ने डाला था।
वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने थरूर का बयान केवल कुछ मीडिया चैनलों पर पढ़ा है और वे ठीक-ठीक नहीं सुन पाए कि थरूर ने क्या कहा था। उन्होंने कहा कि थरूर की टिप्पणी के बारे में सीधे उन्हीं से पूछा जाना चाहिए।
देखो, असली दिक्कत यह है कि एक्सप्रेसवे जहां बना भी रहे हैं, वहां कुछ देर बाद फिर से रास्ता खराब हो जा रहा है। इसका मतलब यह है कि दिक्कत ऊपरी परत पर नहीं बल्कि निचले हिस्से तक में दिक्कत है।
ये दिक्कत दूर करना आसान नहीं होगा। ये सरकार और विभाग के माथे का दर्द है।
अबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने के लिए झांसी जेल गया था। वहां से लौटते वक्त तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। कार का अलग हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गाड़ी में 5 लोग थे, सभी को हॉस्पिटल ले गए। वहां अबान और उसके एक साथी सोनू की मौत हो गई।
इसी झांसी में अतीक के तीसरे नंबर वाले बेटे असद अहमद की भी एनकाउंटर में मौत हुई थी। अतीक के कुल 5 बेटे थे, अब दो की मौत हो चुकी है। दो बेटे जेल में बंद है।
अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अभी भी फरार हैं। उनके ऊपर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है।
आज बहुअकबरपुर में अपने भाई शीलू के घर पर जा कर भाई को सांत्वना दी इस दुःख की घड़ी में भाई को ओर भगवान दोनों परिवारों को
इस दुखद समय से लड़ने की हिम्मत दे। परिवार को परमात्मा हौसला और हिम्मत दे ,पत्रकार साथियों से हाथ जोड़कर निवेदन करुगा अपनी पत्रकारिता धर्म को निभाते हुए हालात के बारे में सोच कर ही फोटो विडियो डालो। बेटी एक घर की इज्जत होती है परिवार पर क्या बीत रहीं होगी ये भी सोच लो व्यू के चक्कर में भाई के नाम के टाइटल लगा कर 2 पैसे कमा लोगे पर ये समाज सब कुछ देख रहा है !!
चौधरी जावेद खान (कार्यकारी नेता भाजपा , ने कस्बा पिनगवां में ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के श्रद्धालुओं का भाईचारे, सद्भाव और सम्मान के साथ हार्दिक स्वागत किया। मेवात की गंगा-जमुनी तहज़ीब हमारी सबसे बड़ी पहचान है। 🙏 @BJP4Haryana@NayabSainiBJP#BrajMandalYatra#Pinangwan#Mewat
@SirAbdullahSidd आपके विचार दो धर्मों में विभेद पैदा करने वाले हैं यह गैर जरूरी पोस्ट है आप कुरान को ठीक से पढ़िये अगर कोई पड़ोसी भूखा सो जाए तो इस्लाम में बहुत बड़ा पाप भूखे सोने वाले के पड़ोसी को लगता है